West Bengal: टीएमसी नेता जहांगीर खान को STF ने भारत-नेपाल सीमा से दबोचा; जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 26 मई को खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा रद्द कर दी थी। दक्षिण 24 परगना जिले के फलता पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई थीं।
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पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान को राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल की तरफ से गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, चुनावी हिंसा के आरोपी जहांगीर लंबे समय से फरार थे और मतदान के दौरान पुलिस को खुली चुनौती देकर चर्चा में आए थे। पुलिस के मुताबिक, उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास टीएमसी नेता जहांगीर खान को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
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जहांगीर खान पर फलता पुलिस स्टेशन में सात एफआईआर
मामले में पुलिस ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को सोमवार को उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 26 मई को जहांगीर खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा रद्द कर दी थी। उनके खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फलता पुलिस स्टेशन में सात एफआईआर दर्ज की गई थीं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'जहांगीर खान को उत्तरी बंगाल के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।' हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
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फलता में मतदान के दौरान नियमों का उल्लंघन
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा की और नियमों के उल्लंघन के आरोप के बाद फलता में मतदान रोक दिया गया था। चुनाव के दौरान जहांगीर खान ने चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त पुलिस अधिकारी को 'पुष्पा झुकेगा नहीं' कहकर चुनौती दी थी। 21 मई को इस सीट पर दोबारा से चुनाव हुआ था। हालांकि, मतदान से पहले ही जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। लेकिन, जहांगीर ने यह साफ नहीं किया था कि इस फैसले के पीछे पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी या तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व का कोई निर्देश है या नहीं। हालांकि तृणमूल ने साफ तौर पर कहा था कि यह फैसला जहांगीर का निजी फैसला है, पार्टी का निर्देश नहीं है।