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नकली सामानों की तस्करी छीन रही लाखों लोगों की नौकरियां, देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ : रिपोर्ट
Thu, 26 Sep 2019 06:56 PM IST
Harendra Chaudhary
अमित शर्मा, अमर उजाला
अमित शर्मा, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 26 Sep 2019 06:56 PM IST
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- फोटो : Justdial
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आर्थिक सुस्ती के कारण कई प्रमुख क्षेत्रों में छंटनी की खबरों ने लोगों को परेशान कर दिया है। लेकिन इसी बीच एक खबर आई है कि नकली सामानों की बिक्री भी संगठित क्षेत्र की नौकरियों के ऊपर कहर बनकर टूटी है। औद्योगिक संगठन फिक्की-कैस्केड की गुरुवार को जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक नकली सामानों की बिक्री के कारण वर्ष 2017-18 में 16.36 लाख नौकरियां छिन गईं। अकेले कपड़ा, मशीन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे केवल पांच प्रमुख सेक्टरों में ही पांच लाख से ज्यादा नौकरियां कम हो गईं। दावा है कि अगर सरकार नकली सामानों की बिक्री पर लगा दे, तो इसके कारण कम से कम पांच लाख नई नौकरियों के अवसर तुरंत बन सकते हैं।
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रोक से असली सामान की मांग बढ़ेगी
रिपोर्ट के मुताबिक अकेले रेडीमेड गारमेंट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों में ही 3.55 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि नकली सामानों की बिक्री रुकने से असली सामान की मांग बाजार में बढ़ेगी और ज्यादा मांग की आपूर्ति करने के लिए कंपनियों को अपने कार्य क्षमता में काफी इजाफा करना पड़ेगा।
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अर्थव्यवस्था को भारी चोट
नकली सामानों की खरीद देश की अर्थव्यवस्था को भी भारी चोट पहुंचाती है। केवल पांच सेक्टरों में होने वाली नकली सामानों की बिक्री के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष लगभग 1,17,253 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। नकली सामानों की बिक्री विकसित देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया में फैली हुई है। यह कुल विश्व व्यापार का लगभग 3.3 फीसदी है, जो विश्व अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष दो लाख 20 हजार करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का नुकसान पहुंचाता है।
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