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गोवा नाइट क्लब हादसा: छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए चार आरोपी, तीन अधिकारी निलंबित; जानें अब तक क्या हुआ

Mon, 08 Dec 2025 09:52 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 08 Dec 2025 09:52 AM IST
सार

गोवा के अर्पोरा में नाइट क्लब में अग्निकांड में पुलिस ने क्लब के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को अदालत ने छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इसके अलावा क्लब चेन की दो संपत्तियां सील कर दी गई हैं। वहीं, तीन अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, पढ़िए-

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Fire tragedy: Goa govt steps up action against club chain; 2 properties sealed
गोवा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

गोवा सरकार ने रोमियो लेन क्लब चेन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसके एक आउटलेट में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस आतिथ्य कंपनी की दो अन्य संपत्तियों को भी सील कर दिया गया है। एक टीम रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुई, ताकि प्रॉपर्टी प्रमोटर्स सौरभ लुथरा और गौरव लुथरा की तलाश की जा सके, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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Fire tragedy: Goa govt steps up action against club chain; 2 properties sealed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
चार आरोपियों को छह दिन की पुलिस हिरासत
उत्तर गोवा के अर्पोरा स्थित नाइटक्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' में शनिवार देर रात आग लग गई थी, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर क्लब के कर्मचारी थे। अंजुना पुलिस ने क्लब के मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोदक (49 वर्षीय, निवासी आर.के. पुरम, नई दिल्ली), महाप्रबंधक विवेक सिंह (27 वर्षीय, निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश), बार प्रबंधक राजीव सिंघानिया (32 वर्षीय, निवासी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) और गेट प्रबंधक प्रियांशु ठाकुर (32 वर्षीय, निवासी मालवीय नगर, नई दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

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दो अन्य क्लब और ढाबा पर भी कार्रवाई
उत्तर गोवा जिला प्रशासन ने वैगेटर और असागाओ में स्थित रोमियो लेन चेन के दो अन्य क्लब और एक तटीय ढाबा भी बंद कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि इन दोनों संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई क्योंकि ये विवादों में शामिल थीं।
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लुथरा परिवार की तलाश में दिल्ली गई टीम: मुख्यमंत्री सावंत
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को कहा कि राज्य पुलिस की टीम लुथरा परिवार की तलाश में दिल्ली गई है। उन्होंने बताया कि दोनों प्रमोटर्स को गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि आग से जुड़े मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण अतिशबाजी मानी जा रही है। अर्पोरा स्थित नाइट क्लब बर्च बाय रोमियो लेन पणजी से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस क्लब के पास कथित तौर पर दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं था। मारे गए लोगों में 20 नाइट क्लब कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल हैं, जिनमें चार दिल्ली से थे। ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं, क्योंकि पीड़ित ग्राउंड फ्लोर और किचन में फंस गए थे। 

Fire tragedy: Goa govt steps up action against club chain; 2 properties sealed
गोवा सीएम प्रमोद सावंत - फोटो : एएनआई (फाइल)
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और डीजीपी को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्लब ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था। आग से अधिकांश मौतें धुंएं में दम घुटने के कारण हुईं, क्योंकि लोग ग्राउंड फ्लोर और रसोई में फंस गए थे। संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों की पहुंच मुश्किल हुई और पानी के टैंकरों को 400 मीटर दूर पार्क करना पड़ा। छोटे दरवाजे और संकरे पुल के कारण लोगों के लिए भागना मुश्किल था। मुख्यमंत्री सावंत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शनिवार रात पौने ग्यारह बजे क्लब के अंदर अतिशबाजी की गई, जिससे आग लग गई। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव वी. कंदवेलू और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार को निर्देश दिए कि उन सरकारी अधिकारियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब को संचालन की अनुमति दी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपए और घायल लोगों को 50 हजार रुपये का मुआवजा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के फंड से दिया जाएगा। मृतक कर्मचारी उत्तराखंड, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के थे। इनमें चार नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। उनके शवों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने दक्षिण गोवा कलेक्टर, दमकल एवं आपात सेवा के उप निदेशक और फॉरेंसिक प्रयोगशाला के निदेशक को जांच समिति बनाने का आदेश दिया है। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी है।

सरकार ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया
गोवा सरकार ने जांच शुरू की है और तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जिनमें पंचायत के तत्कालीन निदेशक सिद्धि तुषार हरलकर, गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सदस्य सचिव डॉ. शमीला मोंटेइरो और अर्पोरा-नागोवा ग्राम पंचायत के सचिव रघुवीर बगकर शामिल हैं। इन्हें 2023 में क्लब को संचालन की अनुमति देने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

 

Fire tragedy: Goa govt steps up action against club chain; 2 properties sealed
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। - फोटो : एएनआई (फाइल)
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने शोक जताया
घटना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त किया। शुरुआत में पुलिस ने कहा था कि आग सिलेंडर के विस्फोट के कारण लगी, लेकिन कुछ चश्मदीदों ने बताया कि आग क्लब की पहली मंजिल पर शुरू हुई थी, जहां पर्यटक डांस कर रहे थे।

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गोवा के एक नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत - फोटो : पीटीआई (फाइल)
चश्मदीदों ने क्या बताया
गुवाहाटी से पर्यटक रिया ने बताया कि जब डांसर प्रदर्शन कर रहे थे, तब चारों ओर पटाखों के फटने लगे, जिससे आग लगने की संभावना है। हैदराबाद से पर्यटक फातिमा शेख ने बताया कि 100 लोग डांस फ्लोर पर थे और भागते हुए कुछ लोग रसोई में चले गए, जहां वे स्टाफ के साथ फंस गए।

क्लब के दो मालिकों के बीच विवाद था: अर्पोरा-नागोवा पंचायत सरपंच
पुलिस ने अर्पोरा-नागोवा पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि क्लब के दो मालिकों के बीच विवाद था और उन्होंने पंचायत में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने क्लबों का ऑडिट करने और अधिक लोगों वाले स्थानों की जांच करने का आदेश दिया है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
विपक्ष ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर हमला किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल हादसा नहीं बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक विफलता है। कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। आम आदमी पार्टी ने कहा कि सावंत सरकार का नैतिक अधिकार खत्म हो गया है।

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