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FSSAI ने कसी नकेल: ‘100 प्रतिशत’ के नाम पर ग्राहकों को नहीं कर सकेंगे गुमराह, पांच कंपनियों पर कार्रवाई
Wed, 19 Aug 2026 07:04 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:04 PM IST
सार
खाद्य उत्पादों पर ‘100 प्रतिशत’ लिखकर ग्राहकों को प्रभावित करने वाले दावों पर अब प्राधिकरण की नजर है। कार्रवाई के बाद पांच कारोबारियों ने ऐसे दावों को हटाया या उनमें सुधार किया। पैकेट ही नहीं, वेबसाइट, विज्ञापन और प्रचार सामग्री में किए गए दावों की भी जांच की जा रही है।
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FSSAI की सख्ती
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
खाद्य उत्पादों पर ‘100 प्रतिशत’ लिखकर किए जा रहे दावों को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद पांच खाद्य कारोबारियों ने अपने उत्पादों, पैकेट, वेबसाइट और प्रचार सामग्री से ऐसे दावे हटा दिए हैं, जिन्हें ग्राहकों को भ्रमित करने वाला माना गया। प्राधिकरण ने कहा कि खाद्य उत्पादों के लेबल, पैकेट, वेबसाइट, प्रचार और विज्ञापनों में ‘100 प्रतिशत’ शब्द का इस्तेमाल इस तरह नहीं होना चाहिए, जिससे ग्राहक किसी गलतफहमी में पड़ें।
प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियों ने अपने दावों में सुधार किया। इससे खाद्य सुरक्षा और विज्ञापन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिली। इन मामलों में बॉन बिस्किट्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। कंपनी के 76 ग्राम वाले बॉन क्यूमिन फ्लेवर जीरा बाइट बिस्किट के विज्ञापन में ‘100 प्रतिशत’ का दावा किया गया था। कार्रवाई के बाद कंपनी ने अपनी वेबसाइट से यह दावा हटा दिया।
झंडू शहद से ‘100 प्रतिशत’ दावा क्यों हटाया गया?
झंडू शहद के मामले में एपिस इंडिया लिमिटेड और इमामी लिमिटेड से जुड़ा ‘100 प्रतिशत शहद’ का दावा सामने आया था। प्राधिकरण की सलाह के बाद संबंधित कारोबारियों ने सुधारात्मक कदम उठाए और इस दावे को लेकर नियमों का पालन किया।
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एमवे ने अपने उत्पाद के पैकेट से क्या हटाया?
एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के एमवे पर्सोना 100 प्रतिशत शुद्ध नारियल तेल के उत्पाद नाम में ‘100 प्रतिशत शुद्ध नारियल तेल’ लिखा था। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद कंपनी ने बताया कि उसने उत्पाद के पैकेट और प्रचार सामग्री से स्वेच्छा से ‘100 प्रतिशत’ शब्द हटाने का फैसला किया है।
कंपनी ने यह भी बताया कि पुराने माल को बिक्री के माध्यम से हटा दिया गया है। बिना इस दावे वाले नए पैकेट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नए पैकेट का उत्पादन शुरू हो चुका है। नई पैकिंग को सितंबर-अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से बाजार में लाने की योजना है। वेबसाइट पर उत्पाद की जानकारी भी बदली जाएगी।
यह भी पढ़ें: बॉलीवुड सेलेब्स पर लगेगा जुर्माना?: महाराष्ट्र FDA प्रमुख की चेतावनी, तंबाकू-सिगरेट के विज्ञापन से जुड़ा मामला
जूजा फूड्स के उत्पादों पर भी नकेल
केरल की जूजा फूड्स के कई बच्चों के खाद्य उत्पादों पर ‘100 प्रतिशत रागी’, ‘100 प्रतिशत शाकाहारी’, ‘100 प्रतिशत केरल केला पाउडर’, ‘100 प्रतिशत शकरकंद पाउडर’ और ‘100 प्रतिशत साफ सामग्री’ जैसे दावे पाए गए थे। ये उत्पाद छह महीने और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए थे।
कंपनी ने अपने लाइसेंस के तहत जरूरी शाकाहारी प्रमाण के बिना ‘100 प्रतिशत शाकाहारी’ का दावा भी किया था। कंपनी ने इन नियमों के उल्लंघन को स्वीकार किया और भ्रामक दावों को हटाने पर सहमति जताई। सुधार होने तक कंपनी की बिक्री वाली वेबसाइट बंद कर दी गई। कंपनी ने अपने लाइसेंस में बदलाव करने और इंटरनेट के जरिए बिक्री को कारोबार के एक प्रकार के रूप में शामिल करने के लिए भी आवेदन किया है।
मास्टरचाउ फूड्स पर क्या कार्रवाई हुई?
मास्टरचाउ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के नूडल उत्पाद पर ‘100 प्रतिशत प्राकृतिक’ का दावा पाया गया था। प्राधिकरण ने कहा कि ‘100 प्रतिशत’ का इस्तेमाल उसकी सलाह के अनुरूप नहीं था। साथ ही, मिश्रित खाद्य उत्पाद पर प्राकृतिक शब्द का इस्तेमाल भी खाद्य सुरक्षा और मानक, विज्ञापन एवं दावे नियम, 2018 के अनुरूप नहीं था। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद कंपनी ने अपने उत्पाद से ‘100 प्रतिशत’ का दावा हटा दिया।
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प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियों ने अपने दावों में सुधार किया। इससे खाद्य सुरक्षा और विज्ञापन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिली। इन मामलों में बॉन बिस्किट्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। कंपनी के 76 ग्राम वाले बॉन क्यूमिन फ्लेवर जीरा बाइट बिस्किट के विज्ञापन में ‘100 प्रतिशत’ का दावा किया गया था। कार्रवाई के बाद कंपनी ने अपनी वेबसाइट से यह दावा हटा दिया।
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झंडू शहद से ‘100 प्रतिशत’ दावा क्यों हटाया गया?
झंडू शहद के मामले में एपिस इंडिया लिमिटेड और इमामी लिमिटेड से जुड़ा ‘100 प्रतिशत शहद’ का दावा सामने आया था। प्राधिकरण की सलाह के बाद संबंधित कारोबारियों ने सुधारात्मक कदम उठाए और इस दावे को लेकर नियमों का पालन किया।
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एमवे ने अपने उत्पाद के पैकेट से क्या हटाया?
एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के एमवे पर्सोना 100 प्रतिशत शुद्ध नारियल तेल के उत्पाद नाम में ‘100 प्रतिशत शुद्ध नारियल तेल’ लिखा था। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद कंपनी ने बताया कि उसने उत्पाद के पैकेट और प्रचार सामग्री से स्वेच्छा से ‘100 प्रतिशत’ शब्द हटाने का फैसला किया है।
कंपनी ने यह भी बताया कि पुराने माल को बिक्री के माध्यम से हटा दिया गया है। बिना इस दावे वाले नए पैकेट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नए पैकेट का उत्पादन शुरू हो चुका है। नई पैकिंग को सितंबर-अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से बाजार में लाने की योजना है। वेबसाइट पर उत्पाद की जानकारी भी बदली जाएगी।
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जूजा फूड्स के उत्पादों पर भी नकेल
केरल की जूजा फूड्स के कई बच्चों के खाद्य उत्पादों पर ‘100 प्रतिशत रागी’, ‘100 प्रतिशत शाकाहारी’, ‘100 प्रतिशत केरल केला पाउडर’, ‘100 प्रतिशत शकरकंद पाउडर’ और ‘100 प्रतिशत साफ सामग्री’ जैसे दावे पाए गए थे। ये उत्पाद छह महीने और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए थे।
कंपनी ने अपने लाइसेंस के तहत जरूरी शाकाहारी प्रमाण के बिना ‘100 प्रतिशत शाकाहारी’ का दावा भी किया था। कंपनी ने इन नियमों के उल्लंघन को स्वीकार किया और भ्रामक दावों को हटाने पर सहमति जताई। सुधार होने तक कंपनी की बिक्री वाली वेबसाइट बंद कर दी गई। कंपनी ने अपने लाइसेंस में बदलाव करने और इंटरनेट के जरिए बिक्री को कारोबार के एक प्रकार के रूप में शामिल करने के लिए भी आवेदन किया है।
मास्टरचाउ फूड्स पर क्या कार्रवाई हुई?
मास्टरचाउ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के नूडल उत्पाद पर ‘100 प्रतिशत प्राकृतिक’ का दावा पाया गया था। प्राधिकरण ने कहा कि ‘100 प्रतिशत’ का इस्तेमाल उसकी सलाह के अनुरूप नहीं था। साथ ही, मिश्रित खाद्य उत्पाद पर प्राकृतिक शब्द का इस्तेमाल भी खाद्य सुरक्षा और मानक, विज्ञापन एवं दावे नियम, 2018 के अनुरूप नहीं था। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद कंपनी ने अपने उत्पाद से ‘100 प्रतिशत’ का दावा हटा दिया।