सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Forest department rest houses propose non-vegetarian food, minister says ban is causing losses

Maharashtra: वन विभाग के विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन का प्रस्ताव, मंत्री बोले- प्रतिबंध से हो रहा नुकसान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 05 Feb 2026 11:55 AM IST
विज्ञापन
सार

महाराष्ट्र के मंत्री ने वन विभाग के आरक्षित वनों में स्थित विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन की अनुमति देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि मौजूदा प्रतिबंध से पर्यटक निजी होटलों की ओर जा रहे हैं, जिससे वन विभाग के राजस्व को नुकसान हो रहा है। 

Forest department rest houses propose non-vegetarian food, minister says ban is causing losses
महाराष्ट्र मंत्री आशीष जायसवाल - फोटो : एक्स (@Ashishjaisw3Adv)
विज्ञापन

विस्तार

महाराष्ट्र के मंत्री आशीष जायसवाल ने वन विभाग से आरक्षित वनों, अभयारण्यों और बाघ अभ्यारण्यों में स्थित विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन की अनुमति देने का आग्रह किया है।  उनका तर्क है कि यह प्रतिबंध पर्यटकों को निजी होटलों की ओर धकेल रहा है। इससे वन राजस्व को प्रभावित कर रहा है।

Trending Videos


अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) ऋषिकेश रंजन ने 27 जनवरी को वन विभाग और बाघ परियोजनाओं के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों को लिखे पत्र में इस मुद्दे पर उनके विचार मांगे। हालांकि, कुछ वन अधिकारियों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसी सुविधाएं संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं। वहां मांसाहारी भोजन की अनुमति देने से वन्यजीव संरक्षण को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने संरक्षित वन क्षेत्रों में मौजूदा मानदंडों में किसी भी प्रकार की ढील पर आपत्ति जताई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें-संसद में हंगामा: जेपी नड्डा ने राहुल का नाम लिए बिना खरगे से बोले- पार्टी को अबोध बालक का बंधन न बनने दें


मांसाहारी भोजन और शराब सेवन पर प्रतिबंध
एक दशक पहले लिए गए एक नीतिगत निर्णय के अनुसार, वन क्षेत्रों में स्थित विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन और शराब के सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस निर्णय को बाद में एक सरकारी आदेश में शामिल कर लिया गया था। पीटीआई को वित्त और योजना राज्य मंत्री जायसवाल द्वारा पिछले वर्ष राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक के कार्यालय को लिखे गए पत्र की एक प्रति प्राप्त हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य वन विभाग की सुविधाओं में शराब के सेवन पर प्रतिबंध जारी रह सकता है, लेकिन मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध हटा दिया जाना चाहिए क्योंकि यह "उचित नहीं" है और विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचा रहा है।

यह भी पढ़ें- राज्यसभा: खरगे बोले- हम संसद बाधित करना नहीं चाहते; नाराज सभापति ने टोका- सच्चाई बयान करें, लोकतांत्रिक बनें

इस प्रधिबंध से राजस्व हो रहा प्रभावित

जायसवाल ने दावा किया कि यह प्रतिबंध "पर्यटकों को निजी होटलों की ओर धकेल रहा है, जिससे वन विश्राम गृहों की अधिभोग क्षमता और राजस्व प्रभावित हो रहा है।" इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए, एक सेवानिवृत्त संभागीय वन अधिकारी ने कहा कि मांसाहारी भोजन को फिर से शुरू करना वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा की उपेक्षा करने के बराबर होगा। यह देखते हुए कि ऐसी सुविधाएं पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं।अतिरिक्त प्रधान मुख्य संरक्षक रंजन ने कहा कि संबंधित विभागों से तत्काल आधार पर राय मांगने के बावजूद, कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने आगे कहा, "वन विभाग के विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन परोसने के उपरोक्त मुद्दे पर सभी को तुरंत अपने विचार प्रस्तुत करने चाहिए

 


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed