{"_id":"6a4c973b15d32ba453053ca1","slug":"goa-congress-infighting-woman-leader-shamila-siddiqui-allegation-on-kc-venugopal-appeal-to-rahul-gandhi-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस में कलह: महिला नेता ने केसी वेणुगोपाल पर लगाए अपमान करने के आरोप; प्रियंका-राहुल को लेकर क्या कहा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कांग्रेस में कलह: महिला नेता ने केसी वेणुगोपाल पर लगाए अपमान करने के आरोप; प्रियंका-राहुल को लेकर क्या कहा?
Tue, 07 Jul 2026 11:35 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:35 AM IST
सार
कांग्रेस की कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और आरोप लगाया कि वेणुगोपाल ने उनका अपमान किया। कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी सवाल किए हैं।
विज्ञापन
गोवा कांग्रेस में फूट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है और अब इसका असर पार्टी के संगठन पर भी पड़ने लगा है और पार्टी के भीतर फूट की खबरें आम हो गई हैं। अब गोवा कांग्रेस में भी मतभेद उभरे हैं और पार्टी की नेता शमीला सिद्दीकी ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। शमीला सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि एक बैठक के दौरान केसी वेणुगोपाल ने उनका अपमान किया। सिद्दीकी ने केसी वेणुगोपाल से हुई पूरी बातचीत सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दी है और पार्टी नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। शमीला सिद्दीकी ने पार्टी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी अपील की है।
शमीला सिद्दीकी ने क्या आरोप लगाए?
गोवा कांग्रेस की पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर शमीला सिद्दीकी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है। इस पोस्ट में शमीला ने लिखा, 4 जुलाई 2026 को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल गोवा आए। मीडिया के जरिए हमें इसकी जानकारी मिली कि वे गोवा कांग्रेस में पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए गोवा आए हैं।'
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर है विवाद
गौरतलब है कि बीती 29 मई को कांग्रेस नेतृत्व ने अमित पाटकर को पद से हटाकर गिरीश चोडणकर को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। पाटकर का आरोप है कि पार्टी आलाकमान ने उनसे चर्चा किए बिना इतना बड़ा फैसला लिया। इसे लेकर गोवा कांग्रेस में नाराजगी देखी गई और कई कार्यकर्ताओं ने पाटकर का समर्थन किया।
विज्ञापन
शमीला सिद्दीकी ने बताया कि गिरीश चोडणकर को दोबारा गोवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले से पार्टी कार्यकर्ता प्रभावित हुए हैं और पार्टी पर मतदाताओं का भी भरोसा कमजोर हुआ है। चोडणकर के नेतृत्व में गोवा कांग्रेस 2020 का विधानसभा चुनाव हार चुकी है। यही वजह है कि चोडणकर की दोबारा नियुक्ति का कुछ कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं।
शमीला सिद्दीकी ने अपने पोस्ट में क्या-क्या आरोप लगाए?
शमीला ने अपने पोस्ट में लिखा, केसी वेणुगोपाल ने एक-एक कार्यकर्ता से अलग मिलने का कार्यक्रम तय किया था। हमने उनसे अपील की कि पूरे प्रतिनिधिमंडल को एक साथ मिलने की अनुमति दी जाए। इसकी मांग के लिए शमीला सिद्दीकी ने केसी वेणुगोपाल से अकेले मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पूरे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की मांग वेणुगोपाल ने खारिज कर दी और नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे अकेले-अकेले कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं तो पूरे प्रतिनिधिमंडल से मिलकर क्या वे हंगामा करना चाहते हैं?
शमीला सिद्दीकी समेत दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया गया है। जब वेणुगोपाल ने इसकी वजह जाननी चाही तो शमीला ने पाटकर को अचानक पद से हटाने की वजह पूछी। जिस पर वेणुगोपाल ने कहा कि क्या वे पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठा रही हैं? इसके बाद कथित तौर पर वेणुगोपाल ने शमीला को कमरे से बाहर जाने को कह दिया और कहा कि वे उनसे बात नहीं करना चाहते। शमीला ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि वेणुगोपाल गोवा में विवाद सुलझाने नहीं बल्कि सवाल पूछने वाले नेताओं को शांत करने आए थे।
शमीला सिद्दीकी ने पार्टी नेतृत्व पर भी उठाए सवाल
शमीला ने लिखा कि अब उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को इस पूरे मुद्दे पर ईमेल किया है और उन्हें अभी तक अपने सवाल के जवाब का इंतजार है। शमीला ने आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपने पूरे राजनीतिक जीवन के दौरान कभी किसी महिला के साथ इतना रूखा और अपमानजनक व्यवहार होते नहीं देखा। महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करने वाली पार्टी के कांग्रेस संगठन महासचिव ने एक महिला का अपमान किया क्योंकि उन्होंने सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई।
शमीला ने पार्टी के मीडिया समन्वयक पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि हमें अपने नेताओं से यह अपेक्षा है कि वे उन जमीनी कार्यकर्ताओं की बात सुनें, जिन्होंने सबसे कठिन समय में भी गोवा कांग्रेस का साथ दिया और आज भी पार्टी के मतदाताओं की आवाज बने हुए हैं।
विज्ञापन
शमीला सिद्दीकी ने क्या आरोप लगाए?
गोवा कांग्रेस की पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर शमीला सिद्दीकी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है। इस पोस्ट में शमीला ने लिखा, 4 जुलाई 2026 को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल गोवा आए। मीडिया के जरिए हमें इसकी जानकारी मिली कि वे गोवा कांग्रेस में पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए गोवा आए हैं।'
विज्ञापन
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर है विवाद
गौरतलब है कि बीती 29 मई को कांग्रेस नेतृत्व ने अमित पाटकर को पद से हटाकर गिरीश चोडणकर को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। पाटकर का आरोप है कि पार्टी आलाकमान ने उनसे चर्चा किए बिना इतना बड़ा फैसला लिया। इसे लेकर गोवा कांग्रेस में नाराजगी देखी गई और कई कार्यकर्ताओं ने पाटकर का समर्थन किया।
विज्ञापन
शमीला सिद्दीकी ने बताया कि गिरीश चोडणकर को दोबारा गोवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले से पार्टी कार्यकर्ता प्रभावित हुए हैं और पार्टी पर मतदाताओं का भी भरोसा कमजोर हुआ है। चोडणकर के नेतृत्व में गोवा कांग्रेस 2020 का विधानसभा चुनाव हार चुकी है। यही वजह है कि चोडणकर की दोबारा नियुक्ति का कुछ कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं।
शमीला सिद्दीकी ने अपने पोस्ट में क्या-क्या आरोप लगाए?
शमीला ने अपने पोस्ट में लिखा, केसी वेणुगोपाल ने एक-एक कार्यकर्ता से अलग मिलने का कार्यक्रम तय किया था। हमने उनसे अपील की कि पूरे प्रतिनिधिमंडल को एक साथ मिलने की अनुमति दी जाए। इसकी मांग के लिए शमीला सिद्दीकी ने केसी वेणुगोपाल से अकेले मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पूरे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की मांग वेणुगोपाल ने खारिज कर दी और नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे अकेले-अकेले कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं तो पूरे प्रतिनिधिमंडल से मिलकर क्या वे हंगामा करना चाहते हैं?
शमीला सिद्दीकी समेत दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया गया है। जब वेणुगोपाल ने इसकी वजह जाननी चाही तो शमीला ने पाटकर को अचानक पद से हटाने की वजह पूछी। जिस पर वेणुगोपाल ने कहा कि क्या वे पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठा रही हैं? इसके बाद कथित तौर पर वेणुगोपाल ने शमीला को कमरे से बाहर जाने को कह दिया और कहा कि वे उनसे बात नहीं करना चाहते। शमीला ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि वेणुगोपाल गोवा में विवाद सुलझाने नहीं बल्कि सवाल पूछने वाले नेताओं को शांत करने आए थे।
शमीला सिद्दीकी ने पार्टी नेतृत्व पर भी उठाए सवाल
शमीला ने लिखा कि अब उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को इस पूरे मुद्दे पर ईमेल किया है और उन्हें अभी तक अपने सवाल के जवाब का इंतजार है। शमीला ने आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपने पूरे राजनीतिक जीवन के दौरान कभी किसी महिला के साथ इतना रूखा और अपमानजनक व्यवहार होते नहीं देखा। महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करने वाली पार्टी के कांग्रेस संगठन महासचिव ने एक महिला का अपमान किया क्योंकि उन्होंने सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई।
शमीला ने पार्टी के मीडिया समन्वयक पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि हमें अपने नेताओं से यह अपेक्षा है कि वे उन जमीनी कार्यकर्ताओं की बात सुनें, जिन्होंने सबसे कठिन समय में भी गोवा कांग्रेस का साथ दिया और आज भी पार्टी के मतदाताओं की आवाज बने हुए हैं।