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गोवा में बनी रहेगी भाजपा गठबंधन की सरकार, प्रमोद सावंत ने हासिल किया बहुमत
Wed, 20 Mar 2019 02:07 AM IST
Priyesh Mishra
एजेंसी, पणजी
एजेंसी, पणजी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 20 Mar 2019 02:07 AM IST
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प्रमोद सावंत
- फोटो : PTI
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कैंसर से पीड़ित मनोहर परिकर के निधन के बाद गोवा के नए मुख्यमंत्री घोषित किए गए प्रमोद सावंत ने आज विधानसभा में बहुमत जीत लिया है। सरकार के समर्थन में 20 विधायकों ने वोट किया। इसमें भाजपा के 11 विधायक, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन और तीन निर्दलीय विधायक शामिल थे। जबकि 15 विधायकों ने विपक्ष में वोट दिया।
सोमवार को चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद देर रात सावंत ने करीब 1.50 बजे शपथ ग्रहण की थी। इसके कुछ ही घंटे बाद मंगलवार सुबह उन्होंने राज्यपाल मृदुला सिन्हा को पत्र लिखकर बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करने का दावा किया। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि हम 100 फीसदी निश्चिंत हैं कि बहुमत परीक्षण में हम जीतेंगे।
राज्यपाल ने मंगलवार शाम को सावंत की इस मांग को स्वीकार कर लिया था। राज्यपाल कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करने का मौका देने के लिए बुधवार को सुबह 11.30 बजे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था।
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यह भी पढ़ें: प्रियंका गांधी आज वाराणसी में करेंगी चुनाव प्रचार, बाबा विश्वनाथ से लेंगी जीत का आशीर्वाद
इससे पहले सावंत ने मंगलवार को कार्यालय में पहली बार बैठने के बाद कहा, हमारी प्राथमिकता परिकर की तरफ से शुरू की गई सभी परियोजनाओं को पूरा करने की होगी। नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने पणजी के मीरामार बीच पर राज्य सरकार की तरफ से परिकर के नाम पर स्मारक बनाने की भी घोषणा की। बता दें कि रविवार को आखिरी सांस लेने वाले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का सोमवार को मीरामार बीच पर ही राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया था।
फिलहाल मैं शोक में, कोई गुलदस्ता नहीं दे
सावंत ने मंगलवार को कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद सभी से उन्हें नया मुख्यमंत्री बनने के लिए गुलदस्ता या बधाई नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा, मैंने अपने मार्गदर्शक और आदर्श मनोहर भाई (परिकर) के प्रति बेहद विनम्रता और कृतज्ञता जताते हुए पदभार ग्रहण किया है। राज्य में अब भी शोक का माहौल है, इसलिए फिलहाल मुझे गुलदस्ता या ग्रीटिंग्स देकर बधाई नहीं दी जाए। मुझे सुशासन के लिए प्रतिबद्ध महान विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आप सभी का सहयोग और शुभकामनाएं चाहिए।
परिकर की तस्वीर बगल में रखकर बैठे सावंत
नवनियुक्त मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को पूवोरिम स्थित राज्य सचिवालय पहुंचकर कार्यभाल संभाला। उन्होंने सबसे पहले अपने कार्यालय में परिकर की पुरानी कुर्सी पर उनकी तस्वीर रखवाई और उसके बाद खुद बराबर में दूसरी कुर्सी पर बैठकर कामकाज संभाला। इससे पहले वह दोपहर करीब 12 बजे परिकर के परिजनों से मिलने दौना पाउला स्थित उनके निजी आवास पर पहुंचे।
परिकर के मातहत रहकर राजनीति की कखग सीखने वाले सावंत ने मीडिया से कहा, परिकर मेरे लिए पिता जैसे थे। वह मेरी प्रेरणा और सबकुछ थे। मैं यहां पर केवल उनकी वजह से हूं। सावंत ने कहा, मुझे परिकर ने विधायक बनाया, स्पीकर बनाया और अब मैं सिर्फ उनकी वजह से मुख्यमंत्री बना हूं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री के तौर पर मेरा लक्ष्य परिकर की तरह हर आदमी तक पहुंचकर उसका काम कराना है।
यह है विधानसभा की स्थिति
इस तटीय राज्य में भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने अपने पास 21 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है, जिसमें 12 विधायक भाजपा के और 3-3 विधायक गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) व महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के तथा 3 विधायक निर्दलीय हैं।
40 सदस्यीय विधानसभा का संख्याबल
भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और मनोहर परिकर के निधन तथा दो कांग्रेसी विधायकों सुभाष शिरोडकर व दयानंद सोप्ते के इस्तीफों के बाद घटकर 36 रह गया था। कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 14 विधायक हैं, जबकि एक विधायक एनसीपी का है।
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सोमवार को चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद देर रात सावंत ने करीब 1.50 बजे शपथ ग्रहण की थी। इसके कुछ ही घंटे बाद मंगलवार सुबह उन्होंने राज्यपाल मृदुला सिन्हा को पत्र लिखकर बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करने का दावा किया। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि हम 100 फीसदी निश्चिंत हैं कि बहुमत परीक्षण में हम जीतेंगे।
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राज्यपाल ने मंगलवार शाम को सावंत की इस मांग को स्वीकार कर लिया था। राज्यपाल कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करने का मौका देने के लिए बुधवार को सुबह 11.30 बजे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था।
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इससे पहले सावंत ने मंगलवार को कार्यालय में पहली बार बैठने के बाद कहा, हमारी प्राथमिकता परिकर की तरफ से शुरू की गई सभी परियोजनाओं को पूरा करने की होगी। नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने पणजी के मीरामार बीच पर राज्य सरकार की तरफ से परिकर के नाम पर स्मारक बनाने की भी घोषणा की। बता दें कि रविवार को आखिरी सांस लेने वाले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का सोमवार को मीरामार बीच पर ही राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया था।
फिलहाल मैं शोक में, कोई गुलदस्ता नहीं दे
सावंत ने मंगलवार को कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद सभी से उन्हें नया मुख्यमंत्री बनने के लिए गुलदस्ता या बधाई नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा, मैंने अपने मार्गदर्शक और आदर्श मनोहर भाई (परिकर) के प्रति बेहद विनम्रता और कृतज्ञता जताते हुए पदभार ग्रहण किया है। राज्य में अब भी शोक का माहौल है, इसलिए फिलहाल मुझे गुलदस्ता या ग्रीटिंग्स देकर बधाई नहीं दी जाए। मुझे सुशासन के लिए प्रतिबद्ध महान विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आप सभी का सहयोग और शुभकामनाएं चाहिए।
परिकर की तस्वीर बगल में रखकर बैठे सावंत
नवनियुक्त मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को पूवोरिम स्थित राज्य सचिवालय पहुंचकर कार्यभाल संभाला। उन्होंने सबसे पहले अपने कार्यालय में परिकर की पुरानी कुर्सी पर उनकी तस्वीर रखवाई और उसके बाद खुद बराबर में दूसरी कुर्सी पर बैठकर कामकाज संभाला। इससे पहले वह दोपहर करीब 12 बजे परिकर के परिजनों से मिलने दौना पाउला स्थित उनके निजी आवास पर पहुंचे।
परिकर के मातहत रहकर राजनीति की कखग सीखने वाले सावंत ने मीडिया से कहा, परिकर मेरे लिए पिता जैसे थे। वह मेरी प्रेरणा और सबकुछ थे। मैं यहां पर केवल उनकी वजह से हूं। सावंत ने कहा, मुझे परिकर ने विधायक बनाया, स्पीकर बनाया और अब मैं सिर्फ उनकी वजह से मुख्यमंत्री बना हूं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री के तौर पर मेरा लक्ष्य परिकर की तरह हर आदमी तक पहुंचकर उसका काम कराना है।
यह है विधानसभा की स्थिति
इस तटीय राज्य में भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने अपने पास 21 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है, जिसमें 12 विधायक भाजपा के और 3-3 विधायक गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) व महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के तथा 3 विधायक निर्दलीय हैं।
40 सदस्यीय विधानसभा का संख्याबल
भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और मनोहर परिकर के निधन तथा दो कांग्रेसी विधायकों सुभाष शिरोडकर व दयानंद सोप्ते के इस्तीफों के बाद घटकर 36 रह गया था। कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 14 विधायक हैं, जबकि एक विधायक एनसीपी का है।