Presidential election: उम्मीदवार तय करने को आज बैठेगा भाजपा का संसदीय बोर्ड, यशवंत सिन्हा होंगे विपक्ष के उम्मीदवार?
कई दिग्गज नेताओं के इनकार करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा का नाम चर्चा में है। अब गैर-भाजपा दल आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए संभावित संयुक्त उम्मीदवार के रूप में उनके नाम पर विचार कर रहे हैं।
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जुलाई में देश को नया राष्ट्रपति मिलने वाला है। ऐसे में हर किसी की नजर राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर टिकी हुई है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी ने राष्ट्रपति चुनावों के लिए उम्मीदवारी के विपक्ष के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। बता दें कि उनको मिलाकर अब तक विपक्ष के चार संभावित उम्मीदवारों ने विपक्षी पार्टियों का प्रस्ताव ठुकराया है। वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार के आह्वान पर मंगलवार को विपक्ष की दूसरी बैठक होनी है।
गोपाल कृष्ण गांधी ने राष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए उम्मीदवार के रूप में अपने नाम पर विचार करने के लिए विपक्षी नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए राष्ट्रीय आम सहमति बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई और भी नेता होंगे जो इसे मुझसे बेहतर करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले संभावना जताई जा रही थी कि महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी विपक्ष से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। इन संभावनाओं को और बल तब मिल गया था जब पश्चिम बंगाल की सीएम और विपक्ष की नेता ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाई थी। तब यह भी जानकारी सामने आई थी कि विपक्ष की तरफ से उनको इस बाबत प्रस्ताव भेजा गया है और गोपाल कृष्ण गांधी ने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए समय मांगा है। वहीं, आज यानी सोमवार को खुद गोपाल कृष्ण गांधी ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। गौरतलब है कि गोपालकृष्ण गांधी 2017 में विपक्ष से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे, तब उन्हें भाजपा के उम्मीदवार वेंकैया नायडू से हार का सामना करना पड़ा था।
गोपाल कृष्ण गांधी से पहले इन नेताओं ने ठुकराया प्रस्ताव
- शरद पवार
- एच डी देवेगौड़ा
- फारुख अब्दुल्ला
अब यशवंत सिन्हा के नाम की चर्चा
कई दिग्गज नेताओं के इनकार करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा का नाम चर्चा में है। अब गैर-भाजपा दल आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए संभावित संयुक्त उम्मीदवार के रूप में उनके नाम पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर पिछले साल तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए भाजपा के पूर्व नेता सिन्हा के नाम का प्रस्ताव किया है और कई ने इसका समर्थन किया है। टीएमसी के एक नेता ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को इस तरह के फोन आए और वह भी सिन्हा को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रही हैं।
सिन्हा की उम्मीदवारी मोदी व अटल की राजनीति में भेद को सामने लाएगी
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो सिन्हा का नाम आगे बढ़ाना एक रणनीतिक कदम हो सकता है। विपक्ष उनके जरिये पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति में अंतर को रेखांकित करना चाहता है। यशवंत सिन्हा अटल बिहारी की सरकार में मंत्री थे और पूर्व पीएम के काफी भरोसेमंद थे। पिछले साल वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
विपक्ष की बैठक में आज शामिल होगी एआईएमआईएम
असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बुलाई विपक्ष की बैठक में हिस्सा लेगी। वहीं शिअद, वाईएसआर कांग्रेस जैसे कुछ अन्य दल इस बार भी इस बैठक में गैर हाजिर रहेंगे। इससे पहले 15 जून को टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बैठक बुलाई थी। एआईएमआईएम इसमें शामिल नहीं हुई थी।
भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक आज
राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के नाम पर मंथन के लिए मंगलवार को भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक हो सकती है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक मंगलवार शाम भाजपा मुख्यालय में हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में शिरकत कर सकते हैं।
पार्टी ने इस मुद्दे पर पहले ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अगुवाई में 14 सदस्यीय प्रबंधन समिति गठित कर दी थी। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा रविवार को इस समिति के साथ बैठक भी कर चुके हैं। वहीं, विपक्षी दलों से विमर्श के लिए पार्टी ने नड्डा और राजनाथ सिंह को अधिकृत किया था, लेकिन सर्वसम्मत उम्मीदवार पर बात नहीं बनी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 29 जून है और मतदान 18 जुलाई को होगा।