Iran Unrest: सरकार बोली- ईरान में जंग के बीच भारत में लॉकडाउन की आशंकाएं महज अफवाह; LPG पर आपात स्थिति नहीं
ईरान- इस्राइल के बीच जंग जारी है। इसी बीच देश में लॉकडाउन लगने की चर्चाएं तेज हो गई है। सरकार ने शुक्रवार को इसे अफवाह बताया है। सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं हैं।
विस्तार
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को साफ किया कि देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। सरकार के सामने फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति नियंत्रण में है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। वहीं, खुदरा दुकानों के पास पर्याप्त स्टॉक है। वे बिना किसी रुकावट के ईंधन वितरित कर रहे हैं।
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सरकार आवश्यक वस्तुओं पर नजर रख रही
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुरी ने कहा, “वैश्विक स्थिति में लगातार बदलाव हो रहे हैं और हम ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक वस्तुओं से संबंधित घटनाक्रमों पर वास्तविक समय के आधार पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, हमारे नागरिकों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण आपूर्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हम उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।”
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आगे उन्होंने कहा, “भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में यह महत्वपूर्ण है कि हम शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। ऐसी स्थिति में अफवाहें फैलाना और दहशत पैदा करना गैरजिम्मेदाराना और हानिकारक है।” पुरी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कमी ने भारत में संभावित लॉकडाउन की अटकलों को जन्म दिया है, साथ ही द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति की स्थिति को लेकर भी चिंताएं उभर रही हैं, जिसे 'चिंताजनक' बताया गया है।
क्या है पूरा मामला?
इस सप्ताह की शुरुआत में, भारतीय सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक आवागमन या आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों को व्यापक रूप से गलत समझा गया था। यह भ्रम प्रधानमंत्री की ओर से हाल ही में संसद में दिए गए भाषणों में तैयारी के संदर्भों के बाद शुरू हुआ, जो पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और उनके संभावित आर्थिक प्रभावों के संदर्भ में दिए गए थे। अफवाहों में अचानक आई तेजी 2020 के कोविड-19 लॉकडाउन की छठी वर्षगांठ के साथ मेल खाती है, जिससे ऑनलाइन चिंताएं और बढ़ गईं। हालांकि, सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि कोविड जैसी तैयारी का आह्वान केवल प्रशासनिक तत्परता और आकस्मिक योजना तक सीमित है, न कि घर में रहने के आदेश या आवागमन प्रतिबंधों का संकेत है।
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
इस मामले पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि कोई लॉकडाउन नहीं होगा।" "मुझे आश्चर्य है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और ईंधन की कमी होगी। ये निराधार हैं। राजनीतिक हलकों में बैठे लोगों की ओर से ऐसी टिप्पणियां चिंताजनक हैं। कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हुआ था, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हुआ था, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा।"