{"_id":"63932e3bbcc25e18502c60d8","slug":"gujarat-bjp-meeting-of-its-newly-elected-mlas-at-shri-kamalam-party-office-in-gandhinagar-on-10th-december","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gujarat: गुजरात भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त, बैठक आज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat: गुजरात भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त, बैठक आज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 10 Dec 2022 10:52 AM IST
विज्ञापन
सार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने पटेल के एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनने की गुरुवार को पुष्टि करते हुए कहा था कि वह 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण करेंगे।
गुजरात चुनाव परिणाम 2022
- फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
विस्तार
गुजरात में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को गुजरात भाजपा विधायक दल के नेता हेतु केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। गुजरात बीजेपी 10 दिसंबर को गांधीनगर में श्री कमलम पार्टी कार्यालय में अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक करेगी।
Trending Videos
इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ राज्य में नई सरकार के गठन से पहले इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा की जीत के बाद उन्होंने इस्तीफा सौंपा। गुजरात की 182 विधानसभा सीट में से 156 सीट पर विजय हासिल करके भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने पटेल के एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनने की गुरुवार को पुष्टि करते हुए कहा था कि वह 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण करेंगे। पाटिल ने राज्यपाल को लिखे एक पत्र में बताया कि भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक शनिवार सुबह बुलाई गई है, जिसमें विधायक दल का नेता चुना जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को गांधीनगर के हेलीपैड मैदान में होगा।
बापूनगर से जद(यू) के उम्मीदवार को मिले सबसे कम महज 30 वोट
गुजरात विधानसभा चुनाव में अहमदाबाद की बापूनगर सीट से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उम्मीदवार पठान इम्तियाज खान सिदखान को सबसे कम 30 वोट मिले। इम्तियाज ने इसका ठीकरा अपनी पार्टी पर फोड़ते हुए कहा कि पार्टी ने उनके पक्ष में प्रचार नहीं किया। अगर मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ता, तो ज्यादा वोट मिल सकते थे।