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होर्मुज संकट के बीच भारत को बड़ी राहत: दो और एलपीजी टैंकर खाड़ी से रवाना, सरकार ने भी गैस को लेकर की ये अपील

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sun, 29 Mar 2026 05:17 PM IST
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सार

होर्मुज संकट के बीच भारत के दो और एलपीजी टैंकर सुरक्षित पार होकर देश की ओर बढ़ रहे हैं। इससे गैस सप्लाई में राहत की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है। एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है और गैस सप्लाई में घरों को प्राथमिकता दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें।

Hormuz crisis Indian arrival LPG tankers update Government Issues Appeal Regarding Gas Supplies fuel panic
सांकेतिक - फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
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विस्तार

होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। देश के दो और एलपीजी टैंकर सुरक्षित रास्ता पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये टैंकर देश की एक दिन की रसोई गैस की जरूरत पूरी करने जितनी गैस लेकर आ रहे हैं। इसी बीच सरकार ने भी साफ कहा है कि देश में गैस और ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

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सरकारी जानकारी के मुताबिक, बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम नाम के दो एलपीजी जहाज करीब 94 हजार टन गैस लेकर होर्मुज पार कर चुके हैं। बीडब्ल्यू टीवाईआर 31 मार्च तक मुंबई पहुंचेगा, जबकि बीडब्ल्यू ईएलएम अप्रैल तक न्यू मैंगलोर पहुंचेगा। इस्राइल और अमेरिका के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई थी। हालांकि अब कुछ जहाज सुरक्षित निकलने लगे हैं।
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क्या पहले भी सुरक्षित पहुंचे हैं गैस टैंकर?
इससे पहले चार भारतीय टैंकर भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं। पाइन गैस और जग वसंत करीब 92,612 टन गैस लेकर 26 से 28 मार्च के बीच भारत पहुंचे। वहीं, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी इससे पहले गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंच चुके हैं। इससे देश में गैस सप्लाई को बड़ी राहत मिली है।

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भारत की गैस जरूरत कितनी और क्यों है यह रास्ता अहम?
भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस जरूरत आयात से पूरी करता है। देश में पिछले साल 33.15 मिलियन टन एलपीजी की खपत हुई। इसमें से करीब 90 प्रतिशत गैस पश्चिम एशिया से आती है। ऐसे में होर्मुज रास्ता बंद होने का सीधा असर भारत की सप्लाई पर पड़ता है। अब भारत अमेरिका और अर्जेंटीना जैसे देशों से भी गैस मंगा रहा है।

सरकार ने ईंधन और गैस को लेकर क्या बड़े कदम उठाए?
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटा दी है। वहीं डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क बढ़ाया गया है। गैस सेक्टर में घरों और ट्रांसपोर्ट को 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है। उद्योगों को सीमित गैस दी जा रही है। साथ ही पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो।

क्या देश में अभी गैस और पेट्रोल की कमी है?
सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। रोजाना 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है। हालांकि अफवाहों के कारण कुछ जगहों पर भीड़ देखी गई। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और अफवाहों पर भरोसा न करें।

क्या अभी भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है?
सरकार के अनुसार, अभी भी 18 भारतीय जहाज और 485 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। कुछ जहाज अभी भी होर्मुज के पास हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। डीजी शिपिंग लगातार 24 घंटे काम कर रहा है और अब तक 900 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। देश के सभी बंदरगाहों पर काम सामान्य बना हुआ है।


 

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