{"_id":"69f60291d9d853aae90ebbb4","slug":"inauguration-of-holy-relics-of-buddha-in-leh-offers-opportunity-to-pay-respects-pm-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Holy Relics: लेह में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी, पीएम बोले- श्रद्धा सुमन अर्पित करने का अनूठा अवसर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Holy Relics: लेह में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी, पीएम बोले- श्रद्धा सुमन अर्पित करने का अनूठा अवसर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sat, 02 May 2026 07:26 PM IST
विज्ञापन
सार
लेह में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की यह प्रदर्शनी न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में रुचि रखने वालों के लिए भी एक महत्वपूर्ण आयोजन है। यह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को समझने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है, साथ ही लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देने की क्षमता रखती है।
तथागत के पवित्र अवशेषों का पवित्र प्रदर्शन
- फोटो : X @narendramodi
विज्ञापन
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह में 'तथागत के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी' के उद्घाटन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लद्दाख के लोगों के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है।
यह भी पढ़ें - 2922 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी: पिछले 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज पर हमले की घटना नहीं
गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लद्दाख की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान लेह में तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की एक पवित्र प्रदर्शनी और 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा समारोह का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि कल, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर, लेह में 'तथागत के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया गया।'
पवित्र अवशेषों का महत्व और इतिहास
प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पूजनीय अवशेष कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप से जुड़े हुए हैं और उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में इनकी खुदाई की गई थी। उन्होंने कहा कि ये भगवान बुद्ध की चिरस्थायी शिक्षाओं का प्रतीक हैं।
यह भी पढ़ें - ठाणे में टला बड़ा हादसा: जलती इमारत में घुसे नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शानू पठान, सिलेंडर फटने से लगी थी आग
प्रदर्शनी का विवरण और अवधि
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी और आने वाले दिनों में यह जंस्कार भी जाएगी। उन्होंने कहा, 'यह लद्दाख के लोगों के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है। इससे लद्दाख में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।' तथागत बुद्ध के पूजनीय पिपरहवा अवशेष, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा के पास पिपरहवा में भगवान से जुड़े प्राचीन पवित्र अवशेष और संबंधित वस्तुएं हैं, बुधवार को लेह पहुंचे थे।
Trending Videos
यह भी पढ़ें - 2922 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी: पिछले 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज पर हमले की घटना नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन
गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लद्दाख की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान लेह में तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की एक पवित्र प्रदर्शनी और 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा समारोह का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि कल, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर, लेह में 'तथागत के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया गया।'
It is a matter of immense delight that yesterday, on the occasion of Buddha Purnima, the ‘Sacred Exposition of the Holy Relics of the Tathagata’ was inaugurated in Leh. These revered relics are linked to the Piprahwa Stupa in Kapilavastu and were excavated in the closing years of… pic.twitter.com/tYsK5GKQ45
— Narendra Modi (@narendramodi) May 2, 2026
पवित्र अवशेषों का महत्व और इतिहास
प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पूजनीय अवशेष कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप से जुड़े हुए हैं और उन्नीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में इनकी खुदाई की गई थी। उन्होंने कहा कि ये भगवान बुद्ध की चिरस्थायी शिक्षाओं का प्रतीक हैं।
यह भी पढ़ें - ठाणे में टला बड़ा हादसा: जलती इमारत में घुसे नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शानू पठान, सिलेंडर फटने से लगी थी आग
प्रदर्शनी का विवरण और अवधि
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह प्रदर्शनी 14 मई तक चलेगी और आने वाले दिनों में यह जंस्कार भी जाएगी। उन्होंने कहा, 'यह लद्दाख के लोगों के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है। इससे लद्दाख में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।' तथागत बुद्ध के पूजनीय पिपरहवा अवशेष, जो वर्तमान उत्तर प्रदेश में नेपाल सीमा के पास पिपरहवा में भगवान से जुड़े प्राचीन पवित्र अवशेष और संबंधित वस्तुएं हैं, बुधवार को लेह पहुंचे थे।
