फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India-Bangladesh Border: Indian Farmer Detained in Bangladesh as Tensions Rise Over Release Demand

India-Bangladesh: बांग्लादेश की हिरासत में भारतीय किसान, रिहाई के लिए रखी गई नई शर्त; सीमा विवाद की वजह क्या?

Tue, 11 Aug 2026 08:22 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 11 Aug 2026 08:22 AM IST
सार

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास चाय बागान में काम कर रहे भारतीय किसान दीपांकर गोप को कथित तौर पर करीब 20 बांग्लादेशी बदमाश उठाकर सीमा पार ले गए। अब बांग्लादेश ने उनकी वापसी को अपने एक नागरिक की रिहाई से जोड़ दिया है। बीएसएफ और बीजीबी की फ्लैग बैठक भी बेनतीजा रही। आखिर भारतीय किसान की वापसी के लिए यह शर्त क्यों रखी गई?

विज्ञापन
India-Bangladesh Border: Indian Farmer Detained in Bangladesh as Tensions Rise Over Release Demand
दीपांकर गोप की वापसी क्यों रुकी? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक भारतीय किसान को कथित तौर पर जबरन सीमा पार ले जाने के बाद तनाव बढ़ गया है। घटना चौलहाटी सीमा गांव के तसर पाड़ा इलाके की बताई जा रही है। 35 वर्षीय दीपांकर गोप अपने छह बीघा के चाय बागान में कीटनाशक का छिड़काव करने गए थे। वह उस समय अकेले काम कर रहे थे। आरोप है कि करीब 20 बांग्लादेशी बदमाश भारतीय सीमा में घुसे और उन्हें घेरकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में ले गए।
विज्ञापन

बांग्लादेश ने दीपांकर को छोड़ने से क्यों किया इनकार?

दीपांकर की सुरक्षित वापसी के लिए सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी बीजीबी से संपर्क किया। दोनों पक्षों के बीच फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन इसके बावजूद भारतीय किसान को वापस नहीं लाया जा सका। अब मामले में नया पेंच सामने आया है। बांग्लादेश की ओर से दीपांकर की रिहाई को भारत में पकड़े गए अपने एक नागरिक की रिहाई से जोड़ने की बात सामने आई है। इससे दोनों देशों की सीमा पर तनाव और बढ़ गया है।
विज्ञापन

क्या भारतीय किसान को अपने नागरिक के बदले छोड़ने की शर्त रखी गई?

दीपांकर के पिता मिश्री लाल ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को तभी छोड़ा जाएगा, जब भारत में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक को रिहा किया जाएगा। जिस बांग्लादेशी नागरिक का नाम सामने आया है, वह तमीज उद्दीन है। उसे कुछ दिन पहले चौलहाटी सीमा के पास कंटीली तार काटकर भारत में घुसने की कोशिश करने के आरोप में बीएसएफ ने पकड़ा था। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया था। इसी मामले को अब दीपांकर की रिहाई से जोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- कोलंबिया में भूकंप से तबाही: मैक्रों से रुबियो तक सभी ने बढ़ाया मदद का हाथ, दुनिया के नेताओं ने क्या कहा?

बीएसएफ और बीजीबी की फ्लैग बैठक का क्या हुआ?

घटना की जानकारी मिलते ही बीएसएफ ने भारतीय किसान की सुरक्षित वापसी के लिए कार्रवाई शुरू की। बीएसएफ और बीजीबी के बीच फ्लैग बैठक के जरिये भी मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। लेकिन बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला और दीपांकर की भारत वापसी नहीं हो सकी। जलपाईगुड़ी की पुलिस अधीक्षक सुजाता कुमारी वीणापानी ने घटना की पुष्टि की है। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार दीपांकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले की पुलिस की हिरासत में हैं और उन पर अवैध रूप से सीमा पार करने का आरोप लगाया गया है।

क्या दीपांकर ने खुद भी अपनी रिहाई की शर्त बताई है?

इस मामले में दीपांकर का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें तमीज उद्दीन की रिहाई के बदले ही छोड़ा जाएगा। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में कही गई बात को लेकर अभी सावधानी जरूरी है। घटना पिछले शनिवार की बताई गई है। एक तरफ भारतीय सुरक्षा बल किसान की वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश की ओर से अपने नागरिक की रिहाई की शर्त सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है।

क्या इस घटना से सीमा पर तनाव और बढ़ सकता है?

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक भारतीय किसान को कथित तौर पर सीमा पार ले जाने के बाद उसकी वापसी के लिए भारत में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक को छोड़ने की शर्त कैसे सामने आई। भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के बीच फ्लैग बैठक के बावजूद समाधान नहीं निकलना चिंता बढ़ाने वाला पहलू है। फिलहाल दीपांकर की सुरक्षित वापसी सबसे अहम मुद्दा है। इसके साथ ही तमीज उद्दीन से जुड़े मामले और सीमा पार हुई पूरी घटना की स्थिति भी स्पष्ट होना जरूरी है। अब नजर इस बात पर है कि दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को किस तरह सुलझाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed