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हिमाचल के मंडी में 3.1 तीव्रता का भूकंप: दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर तक हिली धरती; कहां कितना रहा असर?
Sun, 02 Aug 2026 01:59 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:59 PM IST
सार
रविवार दो अगस्त 2026 को दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता 2.4 से 3.4 के बीच रही। राहत की बात यह है कि सभी झटके हल्के थे और कहीं से भी नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।
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किशनगंज में लगे भूकंप के झटके
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के अलग-अलग हिस्सों में रविवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। हिमाचल प्रदेश के मंडी से लेकर देश की राजधानी दिल्ली और पूर्वोत्तर के राज्यों तक धरती हिली। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, रविवार 2 अगस्त 2026 की तड़के से लेकर सुबह तक देश के पांच अलग-अलग स्थानों पर कम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए।
एक ही दिन में आए पांच भूकंप, कहां था केंद्र?
रविवार की सुबह की शुरुआत झटकों के साथ हुई। सबसे पहले दिल्ली में तड़के धरती हिली। इसके बाद पूर्वोत्तर भारत और फिर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
यह भी पढ़ें: कावेरी जल विवाद फिर गरमाया: कर्नाटक के सीएम शिवकुमार के घर पर सर्वदलीय बैठक; क्या निकलेगा कोई समाधान?
क्या मंडी में मंडरा रहा है बड़ा खतरा?
हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला बेहद संवेदनशील माना जाता है। मौसम कार्यालय शिमला के अनुसार, मंडी जिला सिस्मिक जोन-5 के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टिकोण से सबसे अधिक जोखिम वाला माना जाता है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप जमीन की सतह से लेकर 700 किलोमीटर नीचे तक आ सकते हैं। कम गहराई वाले भूकंप सतह पर अधिक तेज झटके पैदा करते हैं क्योंकि तरंगों को ऊपर तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है। रविवार को आए अधिकांश भूकंप 4 से 8 किलोमीटर की कम गहराई पर थे।
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एक ही दिन में आए पांच भूकंप, कहां था केंद्र?
रविवार की सुबह की शुरुआत झटकों के साथ हुई। सबसे पहले दिल्ली में तड़के धरती हिली। इसके बाद पूर्वोत्तर भारत और फिर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
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- दिल्ली (उत्तर जिला): सुबह 4:14 बजे 2.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 8 किलोमीटर थी। इसका केंद्र 28.721 डिग्री उत्तर अक्षांश और 76.957 डिग्री पूर्व देशांतर पर था।
- बरपेटा (असम): सुबह 5:25 बजे 2.4 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। इसकी गहराई जमीन से चार किलोमीटर नीचे थी।
- तवांग (अरुणाचल प्रदेश): सुबह 5:38 बजे 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। इसकी गहराई 5 किलोमीटर रही।
- मंडी (हिमाचल प्रदेश): सुबह 9:13 बजे 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 31.445 डिग्री उत्तर अक्षांश और 76.993 डिग्री पूर्व देशांतर में 8 किलोमीटर गहराई पर था।
- विष्णुपुर (मणिपुर): सुबह 9:34 बजे 3.4 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया। इसकी गहराई सबसे ज्यादा 53 किलोमीटर थी।
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क्या मंडी में मंडरा रहा है बड़ा खतरा?
हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला बेहद संवेदनशील माना जाता है। मौसम कार्यालय शिमला के अनुसार, मंडी जिला सिस्मिक जोन-5 के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टिकोण से सबसे अधिक जोखिम वाला माना जाता है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप जमीन की सतह से लेकर 700 किलोमीटर नीचे तक आ सकते हैं। कम गहराई वाले भूकंप सतह पर अधिक तेज झटके पैदा करते हैं क्योंकि तरंगों को ऊपर तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है। रविवार को आए अधिकांश भूकंप 4 से 8 किलोमीटर की कम गहराई पर थे।