सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   India major initiative on child marriage demands United Nations to declare a global day

India On Child Marriage: बाल विवाह पर भारत की बड़ी पहल, संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक दिवस घोषित करने की मांग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Mon, 16 Mar 2026 04:46 PM IST
विज्ञापन
सार

बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु ने संयुक्त राष्ट्र से बाल विवाह खत्म करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे दुनिया भर में इस अपराध के खिलाफ जागरूकता और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है। 

India major initiative on child marriage demands United Nations to declare a global day
बाल विवाह पर भारत की पहल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

दुनिया भर में बाल विवाह की गंभीर समस्या को लेकर भारत से एक अहम आवाज उठी है। बाल अधिकार कार्यकर्ता और विधिवेत्ता भुवन ऋभु ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि बाल विवाह के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया जाए। उनका कहना है कि इससे दुनिया भर में इस अपराध के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और सरकारों की जवाबदेही भी तय होगी। यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब बाल विवाह आज भी कई देशों में बड़ी सामाजिक चुनौती बना हुआ है।
Trending Videos


संयुक्त राष्ट्र के कमीशन ऑन द स्टैटस ऑफ वूमन के 70वें सत्र के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में भुवन ऋभु ने कहा कि दुनिया में आज भी हर तीन सेकेंड में एक बाल विवाह हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सामाजिक समस्या नहीं है बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उनके अनुसार बाल विवाह बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण और हिंसा का एक रूप है, जिसे कई बार परंपरा या संस्कृति के नाम पर छिपा दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाल विवाह खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस क्यों जरूरी?
भुवन ऋभु ने कहा कि बाल विवाह को खत्म करने के लिए वैश्विक स्तर पर मजबूत जवाबदेही और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। उनका कहना है कि अगर संयुक्त राष्ट्र बाल विवाह उन्मूलन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करता है तो यह दुनिया भर के देशों के लिए एक मजबूत संदेश होगा। इससे सरकारों, समाज और संगठनों को मिलकर इस अपराध को खत्म करने के लिए काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

ये भी पढ़ें- Congress: चुनाव कार्यक्रम पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल, कहा- क्या BJP की सुविधा देखकर तय हुई मतदान की तारीख?

भारत ने बाल विवाह रोकने में क्या प्रगति की है?
कार्यक्रम में भुवन ऋभु ने भारत की प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने दिखाया है कि बाल विवाह को रोका जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में देश में बाल विवाह के मामलों में बड़ी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार तीन साल से भी कम समय में भारत में बाल विवाह की दर 23 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत से नीचे आ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज, समुदाय और धर्मगुरुओं की भागीदारी से यह बदलाव संभव हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय का इस प्रस्ताव पर क्या रुख है?
इस कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं ने भी भाग लिया और इस मांग का समर्थन किया। सिएरा लियोन की प्रथम महिला डॉ. फातिमा मादा बायो, नेपाल की महिला, बाल एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्री श्रद्धा श्रेष्ठ सहित कई नेताओं ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक स्तर पर मजबूत पहल की जरूरत है। उनका मानना है कि एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित होने से इस मुद्दे पर दुनिया का ध्यान और ज्यादा केंद्रित होगा।

बाल विवाह रोकने में सामाजिक संगठनों की क्या भूमिका है?
बाल अधिकारों के लिए काम करने वाला संगठन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन इस अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है। यह देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसमें 250 से अधिक संगठन जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क भारत के 451 जिलों में बाल विवाह रोकने के लिए काम कर रहा है। इस नेटवर्क ने सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पिछले तीन वर्षों में करीब पांच लाख बाल विवाह रुकवाने में मदद की है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed