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India-UK Trade: 2026 की पहली छमाही तक लागू हो जाएगा व्यापार समझौता, ब्रिटेन के उप-उच्चायुक्त का बयान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 02 Jan 2026 03:39 PM IST
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सार
भारत में तैनात ब्रिटेन के उप-उच्चायुक्त ने कहा है कि इस साल की पहली छमाही में भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता लागू हो सकता है। इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर दोगुना 112 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर
- फोटो : @narendramodi
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विस्तार
भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ व्यापाक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) इस साल की पहली छमाही में लागू हो सकता है। भारत में तैनात ब्रिटेन के उप-उच्चायुक्त एंड्रयू फ्लेमिंग ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस समझौते के लागू होते ही दोनों देशों के रिश्तों में नए युग की शुरुआत होगी। उन्होंने भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते को महत्वकांक्षी और व्यापक करार दिया। फ्लेमिंग ने कहा यह समझौता, जो लगभग 20,000 पन्नों का है, जो सभी तरह के व्यवसायों को अवसर प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से खासकर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत समेत 12 राज्यों के निर्यातकों को काफी फायदा मिलेगा।
द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की उम्मीद
भारत ने 24 जुलाई को ब्रिटेन के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) किया था। यह देश का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी व्यापार समझौता है, जिसमें टैरिफ से लेकर टेक्नोलॉजी तक 26 सेक्टर शामिल हैं। इस समझौते का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 56 अरब डॉलर से बढ़ाकर दोगुना करके 112 अरब डॉलर तक पहुंचाना शामिल है। समझौते को लागू करने की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर, फ्लेमिंग ने कहा, 'मैंने बताया कि 2026 की पहली छमाही हमारी उम्मीद है। इसलिए हम इसके और करीब आ रहे हैं।'
इन उत्पादों का बढ़ेगा व्यापार
CETA के तहत, भारतीय निर्यातकों के 99 प्रतिशत उत्पाद बिना टैरिफ ब्रिटेन के बाजार में पहुंचेंगे। इनमें कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, खिलौने के साथ ही इंजीनियरिंग सामान, रसायन और ऑटो उत्पाद शामिल हैं। इस समझौते से ब्रिटेन की व्हिस्की पर टैरिफ घटेगा, जिससे ब्रिटेन को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। कोलकाता में ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त ने बताया कि यह प्रावधान पश्चिम बंगाल के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जहां भारत में सबसे ज़्यादा 23 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले बिजनेस हैं। उन्होंने कहा इससे बड़े पैमाने पर रोज़गार बढ़ेगा और कारीगरों और लघु उद्योग सशक्त बनेंगे।
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द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की उम्मीद
भारत ने 24 जुलाई को ब्रिटेन के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) किया था। यह देश का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी व्यापार समझौता है, जिसमें टैरिफ से लेकर टेक्नोलॉजी तक 26 सेक्टर शामिल हैं। इस समझौते का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 56 अरब डॉलर से बढ़ाकर दोगुना करके 112 अरब डॉलर तक पहुंचाना शामिल है। समझौते को लागू करने की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर, फ्लेमिंग ने कहा, 'मैंने बताया कि 2026 की पहली छमाही हमारी उम्मीद है। इसलिए हम इसके और करीब आ रहे हैं।'
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इन उत्पादों का बढ़ेगा व्यापार
CETA के तहत, भारतीय निर्यातकों के 99 प्रतिशत उत्पाद बिना टैरिफ ब्रिटेन के बाजार में पहुंचेंगे। इनमें कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, खिलौने के साथ ही इंजीनियरिंग सामान, रसायन और ऑटो उत्पाद शामिल हैं। इस समझौते से ब्रिटेन की व्हिस्की पर टैरिफ घटेगा, जिससे ब्रिटेन को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। कोलकाता में ब्रिटिश उप-उच्चायुक्त ने बताया कि यह प्रावधान पश्चिम बंगाल के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जहां भारत में सबसे ज़्यादा 23 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले बिजनेस हैं। उन्होंने कहा इससे बड़े पैमाने पर रोज़गार बढ़ेगा और कारीगरों और लघु उद्योग सशक्त बनेंगे।
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