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Army: गणतंत्र दिवस से पहले सेना का सम्मान, 2241 जेसीओ को मानद रैंक; कारगिल नायक संजय कुमार बने मानद कैप्टन

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 25 Jan 2026 05:33 AM IST
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सार

गणतंत्र दिवस से पहले केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के 2,241 जूनियर कमीशंड अधिकारियों को मानद लेफ्टिनेंट और कैप्टन रैंक प्रदान की। कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार को मानद कैप्टन बनाया गया।

Indian Army Honors 2241 JCOs with Honorary Ranks Ahead of Republic Day
कारगिल विजय दिवस (फाइल) - फोटो : सेना
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विस्तार
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गणतंत्र दिवस से ठीक पहले केंद्र सरकार ने सेना के 2,241 जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) को मानद कमीशन अधिकारी रैंक प्रदान की है। यह हाल के वर्षों में सेना के जेसीओ कैडर को दिया गया सबसे बड़ा सम्मान माना जा रहा है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार 437 जूनियर कमीशंड अधिकारियों को मानद कैप्टन रैंक दी गई है। जबकि 1,804 जूनियर कमीशंड अधिकारियों को मानद लेफ्टिनेंट की उपाधि प्रदान की गई है।

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सेना ने बताया कि यह सम्मान इन सभी जूनियर कमीशंड अधिकारियों की दीर्घकालिक, अनुशासित और निस्वार्थ सैन्य सेवा के लिए दिया गया है। मानद कैप्टन बनाए गए अधिकारियों में परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर संजय कुमार भी शामिल हैं। साल 1999 के कारगिल युद्ध में प्वाइंट 4875 (फ्लैट टॉप) पर अदम्य वीरता के लिए उन्हें पिछले साल ही मानद लेफ्टिनेंट रैंक प्रदान की गई थी। 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के कुमार ने टांगों और पीठ में गोलियां लगी होने के बावजूद आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन दुश्मन सैनिकों को मार गिराया था।
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क्या है मानद रैंक
सेना में मानद रैंक उन जेसीओ को प्रदान की जाती है जिनकी सेवा निष्कलंक रही हो, जिन्होंने पेशेवर उत्कृष्टता और यूनिट स्तर पर नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया हो। हालांकि मानद लेफ्टिनेंट या कैप्टन की रैंक से कमांड संरचना में कोई परिवर्तन नहीं होता, लेकिन इसका नैतिक महत्व गहरा होता है।

पेंशन में वृद्धि
अन्य सरकारी सेवाओं की तुलना में सैनिक काफी पहले रिटायर हो जाते हैं। सूबेदार मेजर जैसे वरिष्ठ जेसीओ भी आमतौर पर 50-55 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। सेना से रिटायर होने के बाद भी उन पर पारिवारिक और आर्थिक जिम्मेदारियां बनी रहती हैं। सेना के मुताबिक सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ ही कुछ मामलों में मानद रैंकों से पेंशन संबंधी लाभों में सीमित वृद्धि भी होती है।

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