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West Asia Crisis: ईरान की हिरासत में मौजूद भारतीय नाविक महफूज, जंग के बीच सुरक्षित क्षेत्र में भेजा गया जहाज

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 24 Apr 2026 06:54 PM IST
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सार

होर्मुज में ईरानी हिरासत में लिए गए जहाज एपापिनोंडास पर मौजूद एकमात्र भारतीय नाविक सुरक्षित है। जहाज को अब सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया है, जबकि अन्य 21 भारतीयों वाला जहाज भी सुरक्षित स्थिति में बना हुआ है। सरकार ने खुद इसकी जानकारी दी है। 
 

indian seafarer safe in iranian custody vessel moved to safer zone
होर्मुज का रास्ता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। हिरासत में लिए विदेशी मालवाहक जहाज पर सवार भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से इसकी पुष्टि की है। यह भी बताया गया है कि जहाज को अब ईरान के सुरक्षित ठिकाने पर ले जाया गया है।
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ईरान-अमेरिका टकराव का असर
इस संकट की शुरुआत 22 अप्रैल को हुई थी। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे दो विदेशी कंटेनर जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके अलावा, एक तीसरे जहाज पर ईरानी सेना की ओर से फायरिंग की भी खबर मिली। बताया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी के विरोध में यह कदम उठाया। ईरानी सैनिकों ने समुद्र के बीच में ही कंटेनर जहाज फ्रांसेस्का और एपापिनोंडास पर धावा बोला।
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भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बड़ा अपडेट
आंकड़ों के मुताबिक, फ्रांसेस्का पर कोई भारतीय चालक दल मौजूद नहीं है, लेकिन एपापिनोंडास जहाज पर सवार 21 सदस्यों में से एक भारतीय नागरिक है। इसके अलावा, पनामा के ध्वज वाले एक और जहाज यूफोरिया पर 21 भारतीय नाविक सवार हैं।

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने कहा, 'खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। भारत की ओर आ रहे एपापिनोंडास जहाज पर सवार एकमात्र भारतीय नाविक से बात हो चुकी है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। इस जहाज के चालक दल में अधिकांश सदस्य यूक्रेन और फिलीपींस के नागरिक हैं।'

यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट: ट्रंप ने जोन्स एक्ट की छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ाया; तेल बाजार में स्थिरता की कोशिश

पश्चिमी छोर से पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ा जहाज
दावा किया गया है कि ईरानी सेना ने पहले जहाज को होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में रखा था। लेकिन अब इसे पूर्वी दिशा की ओर ले जाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी हिस्सा पश्चिमी हिस्से की तुलना में अधिक सुरक्षित है। होर्मुज सीधे तौर पर ईरानी सुरक्षा बलों के प्रभाव में है। किसी भी जहाज को इस संघर्ष वाले क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए पूर्व की ओर ही बढ़ना पड़ता है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 21 भारतीय नाविकों वाला यूफोरिया जहाज पहले से ही पूर्वी हिस्से में स्थित है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज के साथ किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, पिछले दो महीनों से जारी युद्ध जैसी स्थितियों के कारण 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज अभी भी पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं।

तनाव के पीछे के कारण
इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ब्रिटिश सुरक्षा फर्म वेंगार्ड टेक ने दावा किया है कि जिस लाइबेरियाई जहाज पर हमला हुआ, उसे होर्मुज से गुजरने की अनुमति थी। इसके विपरीत, ईरान की एजेंसी तसनीम ने रिपोर्ट दी है कि जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था। ईरान का कहना है कि यह पूरी स्थिति अमेरिका की ओर से ओमान सागर में एक ईरानी जहाज को जबरन जब्त करने के कारण पैदा हुई है। ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है। 



 
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