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Rajya Sabha: कमल हासन का राज्यसभा में पहला भाषण, बोले- चुनाव आयोग हमारे वोट की जांच कर रहा है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 04 Feb 2026 05:40 PM IST
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सार

राज्यसभा में अपने पहले भाषण में कमल हासन ने भाषा, संस्कृति और मतदान अधिकारों की बात उठाई। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता आने वाले चुनाव हैं और लोग बिना बाधा अपना वोट डालना चाहते हैं।

Kamal Haasan's first speech in Rajya Sabha, said- Election Commission is investigating our votes
कमल हासन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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तमिलनाडु के राजनीतिक दल- मक्कल निधि मय्यम (MNM) के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने आज राज्यसभा में पहला भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस पल को सम्मान की बात मानता हूं, मुझे मेरी भाषा से मेरे तमिल टीचरों ने मिलवाया। उनमें से एक पॉलिटिकल लीडर थे, सीएन अन्नादुरई, उन्होंने हमें हमारी भाषा, हमारी संस्कृति और हमारे अधिकारों पर किसी भी हमले का सामना करना सिखाया।

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एक तमिलियन होने के नाते मेरी भी राय है


 

हासन ने आगे कहा कि आप कह सकते हैं कि हाई स्कूल ड्रॉपआउट होने की वजह से मैं इकोनॉमिक्स पर बोलने के लायक नहीं हूं। कोई बात नहीं, ऐसा ही सही। आप सभी जिस भी यूनिवर्सिटी से हैं, उसके एक बाहरी स्टूडेंट के तौर पर, एक तमिलियन होने के नाते मेरी भी एक राय है।

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राष्ट्रपिता ने मुझे गुस्से पर काबू करना सिखाया


 

राष्ट्रपिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने मुझे बिना गुस्से के यह भाषण लिखने में मदद की। पेरियार ने मुझे इसे तार्किक बनाने में मदद की। अन्ना ने मुझे इस बिल्डिंग (संसद) को समझने में मदद की... मेरी सबसे बड़ी चिंता आने वाले विधानसभा चुनाव हैं।

हासन ने चुनाव आयोग को घेरा

हासन ने कहा कि मैंने अपना भाषण केवल मौजूदा समय के बारे में सोचकर लिखा है। मैं इसे जिंदा लाशों की स्पेल-चेक की हुई कहानी कहता हूं। हम वोट डालना चाहते हैं। चुनाव आयोग हमारे वोट देने के अधिकार की जांच कर रहा है। मतदाताओं के नाम की स्पेलिंग और पते की जांच गलत तरीके से की जा रही है। हम बस अपना वोट डालना चाहते हैं।

 

हासन ने किसे स्थिति को कहा लिविंग डेड

कमल हासन ने कहा कि मतदाता सूची की खामियों के कारण लाखों लोग कागजों में मृत घोषित हो रहे हैं, जिसे उन्होंने लिविंग डेड की स्थिति बताया। उनके अनुसार बिहार में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, पश्चिम बंगाल में इस पर कानूनी लड़ाई चल रही है, जबकि तमिलनाडु में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के प्रभावित होने का खतरा है।

लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे बुनियादी 

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे बुनियादी अधिकार है और वर्तनी या तकनीकी त्रुटियों के नाम पर इसे छीनना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं हो सकता। उनका कहना था कि लोकतंत्र में कोई भी सत्ता स्थायी नहीं होती और व्यवस्था को जनता से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।

सरकारें अमर नहीं, आने वाली पीढ़ियां सब देख रही

कमल हासन ने यह भी कहा कि सरकारें अमर नहीं होतीं और आने वाली पीढ़ियां खासतौर पर जेन-जी सब कुछ बारीकी से देख रही हैं। मतदाता सूची से जुड़े मामले में उन्होंने सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या सरकार पर हमला नहीं, बल्कि विचारों के स्तर पर टकराव है।

अपने भाषण का समापन तमिल भाषा में किया

अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत पहले यह समझ आ गया था कि जमीनी सच्चाई कई बार संविधान के उस वादे से मेल नहीं खाती, जिसमें भारत को राज्यों का संघ बताया गया है। इस अवसर के लिए आभार जताते हुए कमल हासन ने इसे अपने जीवन का सम्मानजनक क्षण बताया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन तथा सहयोगी दलों का धन्यवाद किया, जिनके समर्थन से वे राज्यसभा पहुंचे। उन्होंने अपने भाषण का समापन तमिल भाषा में किया।


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