{"_id":"5b0031de4f1c1bf36b8b487b","slug":"karnataka-pm-modi-amit-shah-victory-performance-and-rahul-gandhi-d-k-shivakumar-strategy","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पहली बार टूटा मोदी-शाह का अजेय होने का तिलिस्म, राहुल के इस 'शेर' के आगे भाजपा की हर रणनीति हुई फेल","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पहली बार टूटा मोदी-शाह का अजेय होने का तिलिस्म, राहुल के इस 'शेर' के आगे भाजपा की हर रणनीति हुई फेल
Sun, 20 May 2018 08:47 PM IST
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Updated Sun, 20 May 2018 08:47 PM IST
विज्ञापन
1 of 7
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद चुनाव दर चुनाव जीत कर सियासत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अजेय होने का तिलस्म कर्नाटक में टूट गया। महज दो सीट हासिल कर मेघालय में तो कांग्रेस से बहुत पीछे होने के बावजूद गोवा में सरकार बनाने का चमत्कार यह जोड़ी कर्नाटक में नहीं दुहरा पाई। वह भी तब जब पार्टी बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब थी।
2 of 7
दरअसल पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल, कांग्रेस के समय रहते सचेत होने, येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए ज्यादा समय न मिलने और डीके शिवकुमार की व्यूहरचना ने भाजपा की हर योजना धराशाई कर दी।
3 of 7
बहुमत से महज सात सीट दूर पार्टी नतीजे आने के बाद सरकार बनाने के प्रति आश्वस्त थी। जिस प्रकार कांग्रेस ने नतीजे वाले दिन अचानक जदएस को समर्थन की घोषणा की उससे पार्टी को उम्मीद थी कि इस फैसले के कारण कांग्रेस के कई विधायक नाराज होंगे। इसी बीच जब राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया तो पार्टी पहले से भी ज्यादा निशंर्चत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
मेघालय और गोवा में कांग्रेस को इस मोर्चे पर पटखनी दे चुकी पार्टी कांग्रेस की रणनीति को हलके में लिया। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के दखल से तस्वीर धीरे धीरे पलटती चली गई। मामला हाथ से जाता देख भाजपा ने विपक्ष के लिंगायत विधायकों को साधने के अलावा हर दांव आजमाया मगर उसकी एक भी रणनीति परवान नहीं चढ़ पाई।
विज्ञापन
5 of 7
भाजपा की रणनीति फेल करने में दक्षिणी कर्नाटक में कांग्रेस का चेहरा माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने अहम भूमिका निभाई। गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों को अपने गेस्ट हाउस में रखने वाले शिवकुमार ने ही विधायकों को भाजपा के संपर्क से बचाने की रणनीति का जिम्मा संभाला। विधायक जहां जहां रुके, उसका इंतजाम भी शिवकुमार ने ही किया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।