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छात्र नितिन राज की मौत पर केरल में बवाल: दलित संगठनों का राज्यव्यापी हड़ताल, सड़कों पर दिखा असर
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 28 Apr 2026 10:35 AM IST
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सार
केरल में छात्र नितिन राज की मौत ने अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। दलित संगठनों की इस हड़ताल ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच के लिए दबाव बढ़ा दिया है।
केरल में हड़ताल
- फोटो : @IANS
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विस्तार
कन्नूर के डेंटल कॉलेज छात्र नितिन राज की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को केरल में भारी उथल-पुथल रही। विभिन्न दलित संगठनों की ओर से बुलाए गए राज्यव्यापी हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। राजधानी तिरुवनंतपुरम से लेकर कन्नूर तक प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आवाजाही रोक दी।
सड़कों पर प्रदर्शन
हड़ताल का असर सुबह से ही दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में कार्यकर्ताओं ने निजी और सार्वजनिक वाहनों को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर दुकानों को जबरन बंद करवाया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान दोपहिया वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई। राज्य की राजधानी और कन्नूर जिले में प्रदर्शन का सबसे अधिक प्रभाव देखा गया।
52 संगठनों का एकजुट आह्वान
इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान सोमवार को जस्टिस फॉर नितिन राज एक्शन काउंसिल सहित कुल 52 दलित संगठनों ने किया था। संगठनों ने सोमवार को जनता से सहयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी वाहन को जबरन नहीं रोका जाएगा और सभी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा जाएगा। हालांकि, मंगलवार को जमीन पर स्थिति इसके उलट दिखी और कई जगहों पर वाहनों को जबरन रोका गया। यह हड़ताल मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए घोषित की गई है।
यह भी पढ़ें: PM Modi Plays Football: हजारों करोड़ की सौगात देने से पहले युवाओं के बीच प्रधानमंत्री, गंगटोक में खेले फुटबॉल
क्या है नितिन राज का मामला?
अंचरकंडी, कन्नूर के एक निजी डेंटल कॉलेज में नितिन राज बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। 10 अप्रैल को वह कॉलेज की एक इमारत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरा मिला था। वह गंभीर रूप से घायल था और बाद में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। नितिन के परिवार का आरोप है कि उसे कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों की ओर से जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया गया था।
पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल
छात्र के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने दो शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। केरल पिन्नोक्का समुदाय मुन्नानी ने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में लापरवाही बरत रही है। केपीएसएम के प्रदेश अध्यक्ष केवी पद्मनाभन और महासचिव एस अनवर ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
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सड़कों पर प्रदर्शन
हड़ताल का असर सुबह से ही दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में कार्यकर्ताओं ने निजी और सार्वजनिक वाहनों को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर दुकानों को जबरन बंद करवाया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान दोपहिया वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई। राज्य की राजधानी और कन्नूर जिले में प्रदर्शन का सबसे अधिक प्रभाव देखा गया।
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52 संगठनों का एकजुट आह्वान
इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान सोमवार को जस्टिस फॉर नितिन राज एक्शन काउंसिल सहित कुल 52 दलित संगठनों ने किया था। संगठनों ने सोमवार को जनता से सहयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी वाहन को जबरन नहीं रोका जाएगा और सभी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा जाएगा। हालांकि, मंगलवार को जमीन पर स्थिति इसके उलट दिखी और कई जगहों पर वाहनों को जबरन रोका गया। यह हड़ताल मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए घोषित की गई है।
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क्या है नितिन राज का मामला?
अंचरकंडी, कन्नूर के एक निजी डेंटल कॉलेज में नितिन राज बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। 10 अप्रैल को वह कॉलेज की एक इमारत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरा मिला था। वह गंभीर रूप से घायल था और बाद में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। नितिन के परिवार का आरोप है कि उसे कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों की ओर से जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया गया था।
पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल
छात्र के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने दो शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। केरल पिन्नोक्का समुदाय मुन्नानी ने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में लापरवाही बरत रही है। केपीएसएम के प्रदेश अध्यक्ष केवी पद्मनाभन और महासचिव एस अनवर ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
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