इस बार इन वजहों से ड्रीम गर्ल ने मथुरा में मारी बाजी, करीब तीन लाख के अंतर से दर्ज की जीत
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मथुरा
उत्तर प्रदेश की मथुरा लोकसभा सीट शुरू से ही हाई प्रोफाईल सीटों की गिनती में रही है। पिछले लोकसभा में चुनाव में वहां से बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के जीत जाने के बाद यह सीट और भी चर्चा में आ गई। हेमा मालिनी इस बार भी भाजपा के टिकट पर मैदान में थी, और उन्हें चुनौती देने के लिए 12 अन्य उम्मीदवार मैदान भी खड़े थे। हालांकि उनका मुख्य मुकाबला कांग्रेेस के महेश पाठक और रालोद के कुंवर नरेंद्र सिंह से था।
इन कारणों से दोबारा जीतीं हेमा मालिनी-
- मथुरा लोकसभा सीट पर जाट और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी जाटों ने एकमुश्त हो कर भाजपा को वोट दिया है।
- यहां मांट सीट को छोड़ दें तो बाकी सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा काबिज है। इसलिए विधान स्तर पर भी भाजपा की पकड़ काफी मजबूत थी।
- इस बार हेमा मालिनी ने अनूठे अंदाज में अपना चुनाव प्रचार किया था। इसमें उनके पति और बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र ने भी साथ दिया था।
- 2014 के लोकसभा चुनाव में भी यहां हेमा मालिनी को करीब 53 प्रतिशत वोट मिले थे और उन्होंने प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा को जीत दिलाई थी।