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संसद: जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल बिना चर्चा के लोकसभा में पारित, क्या हैं विधेयक में प्रावधान?
Mon, 03 Aug 2026 02:37 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:37 PM IST
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संसद
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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लोकसभा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस विधेयक का मकसद सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाना है।
विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को छोड़कर जजों की संख्या मौजूदा 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है। इसी साल मई में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए अध्यादेश जारी किया था।
कानून मंत्री ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में कितने मामले लंबित हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी एक बड़ी वजह नए मामलों के दाखिल होने और उनके निपटारे के बीच बना अंतर है।
इस साल 1 जनवरी तक सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा मामले लंबित थे। साल 2019 से सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की तय संख्या के करीब जजों के साथ कामकाज चल रहा है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में 75,410 नए मामले दाखिल हुए, जबकि 65 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया।
नए मामलों की संख्या और निपटारे के बीच लगातार बने अंतर से लंबित मामलों के प्रबंधन की चुनौती बनी हुई है। खासकर पुराने मामलों और बड़ी पीठ के जरिये सुनवाई वाले मामलों में यह समस्या ज्यादा है। सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाना लंबित मामलों के बोझ को कम करने के लिए जरूरी और व्यावहारिक उपायों में से एक माना जा रहा है।
लोकसभा में कौन-कौन से विधेयक पेश हुए?
इससे पहले दोपहर 12 बजे पहली बार स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद टेन्नेटी ने विधायी कामकाज शुरू करने की कोशिश की।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक सरकार कैबिनेट विस्तार आज: कांग्रेस आलाकमान से 20 मंत्रियों के नामों को मंजूरी, कब होगा शपथ ग्रहण?
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का मकसद भारतीय सांख्यिकी संस्थान के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करना है, ताकि यह सांख्यिकी विज्ञान और इससे जुड़े क्षेत्रों में दुनिया के प्रमुख संस्थानों में शामिल हो सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही सुरक्षा विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य बैंक रिकॉर्ड से जुड़े साक्ष्यों के कानून को मौजूदा डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाना है।
विपक्षी सांसद नीट मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे थे।
पीठासीन अधिकारी ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर तख्तियां और बैनर लाना उचित नहीं है और सभी सदस्यों को संसदीय मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। हंगामा जारी रहने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सुबह शुरू हुई कार्यवाही में क्या हुआ?
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्लासगो में हुए 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रतिभा और क्षमता दिखाई। उन्होंने 8 स्वर्ण पदक सहित कुल 16 पदक जीते।
उन्होंने कहा कि यह शानदार प्रदर्शन देश के लाखों युवाओं और खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा।
ओम बिरला ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स का अगला आयोजन 2030 में गुजरात के अहमदाबाद में होगा। उन्होंने कहा कि रविवार को हुए समापन समारोह के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल आधिकारिक रूप से भारत को सौंप दी गई।
इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
ओम बिरला ने कुछ विपक्षी सदस्यों की ओर से कार्यवाही बाधित करने पर चिंता जताई। उन्होंने सभी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। हंगामा जारी रहने के बाद अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
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विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को छोड़कर जजों की संख्या मौजूदा 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है। इसी साल मई में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए अध्यादेश जारी किया था।
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कानून मंत्री ने क्या कहा?
- दोपहर 2 बजे दूसरी बार स्थगन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।
- उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के मंत्र को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
- मंत्री ने कहा कि यह विधेयक न्यायिक क्षेत्र में चल रही सुधार प्रक्रिया की दिशा में एक अहम कदम है।
- मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए और न्याय प्रणाली को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
- उन्होंने कहा कि जजों की संख्या बढ़ाने से न्यायिक क्षमता मजबूत होगी, मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा।
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सुप्रीम कोर्ट में कितने मामले लंबित हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी एक बड़ी वजह नए मामलों के दाखिल होने और उनके निपटारे के बीच बना अंतर है।
इस साल 1 जनवरी तक सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा मामले लंबित थे। साल 2019 से सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की तय संख्या के करीब जजों के साथ कामकाज चल रहा है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में 75,410 नए मामले दाखिल हुए, जबकि 65 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया।
नए मामलों की संख्या और निपटारे के बीच लगातार बने अंतर से लंबित मामलों के प्रबंधन की चुनौती बनी हुई है। खासकर पुराने मामलों और बड़ी पीठ के जरिये सुनवाई वाले मामलों में यह समस्या ज्यादा है। सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाना लंबित मामलों के बोझ को कम करने के लिए जरूरी और व्यावहारिक उपायों में से एक माना जा रहा है।
लोकसभा में कौन-कौन से विधेयक पेश हुए?
इससे पहले दोपहर 12 बजे पहली बार स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद टेन्नेटी ने विधायी कामकाज शुरू करने की कोशिश की।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक सरकार कैबिनेट विस्तार आज: कांग्रेस आलाकमान से 20 मंत्रियों के नामों को मंजूरी, कब होगा शपथ ग्रहण?
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का मकसद भारतीय सांख्यिकी संस्थान के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करना है, ताकि यह सांख्यिकी विज्ञान और इससे जुड़े क्षेत्रों में दुनिया के प्रमुख संस्थानों में शामिल हो सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही सुरक्षा विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य बैंक रिकॉर्ड से जुड़े साक्ष्यों के कानून को मौजूदा डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाना है।
विपक्षी सांसद नीट मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे थे।
पीठासीन अधिकारी ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर तख्तियां और बैनर लाना उचित नहीं है और सभी सदस्यों को संसदीय मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। हंगामा जारी रहने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सुबह शुरू हुई कार्यवाही में क्या हुआ?
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्लासगो में हुए 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रतिभा और क्षमता दिखाई। उन्होंने 8 स्वर्ण पदक सहित कुल 16 पदक जीते।
उन्होंने कहा कि यह शानदार प्रदर्शन देश के लाखों युवाओं और खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा।
ओम बिरला ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स का अगला आयोजन 2030 में गुजरात के अहमदाबाद में होगा। उन्होंने कहा कि रविवार को हुए समापन समारोह के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल आधिकारिक रूप से भारत को सौंप दी गई।
इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
ओम बिरला ने कुछ विपक्षी सदस्यों की ओर से कार्यवाही बाधित करने पर चिंता जताई। उन्होंने सभी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। हंगामा जारी रहने के बाद अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।