{"_id":"6a7063b85ddc6aa300044ec8","slug":"congress-slams-amit-shah-for-absenting-himself-from-parliament-student-protest-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"'पैलेट गन चलाने का आदेश किसका?': शाह के संसद न आने पर भड़की कांग्रेस, रमेश बोले-लोकतंत्र का अपमान कर रही सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'पैलेट गन चलाने का आदेश किसका?': शाह के संसद न आने पर भड़की कांग्रेस, रमेश बोले-लोकतंत्र का अपमान कर रही सरकार
Mon, 03 Aug 2026 03:17 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नागपुर।
एएनआई, नागपुर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 03 Aug 2026 03:17 PM IST
सार
छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के संसद में न आने पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से भाग रही है और संसद का अपमान कर रही है।
विज्ञापन
जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस ने सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री जानबूझकर लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई से दूर रह रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि छात्र आंदोलन के दौरान अपने मंत्रालय की कार्रवाई पर जवाबदेही से बचने के लिए उन्होंने यह रुख अपनाया है। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर सरकार इस तरह से संसद का अनादर करेगी, तो सदन का कामकाज कैसे चल पाएगा?
पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की ओर से युवाओं पर की गई कार्रवाई को 14 दिन बीत चुके हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई से गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों से गायब हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि छात्रों पर मैटेलिक पैलेट गन (धातु की गोलियां) चलाने का आदेश सीआरपीएफ को किसने दिया था, गृह मंत्री इसका जवाब देने से कतरा रहे हैं। सरकार लोकतंत्र का अपमान कर रही है।
यह भी पढ़ें: E20 ईंधन के विरोध में प्रदर्शन: नागपुर में गडकरी के घर का घेराव करने पहुंचे कांग्रेसी,पुलिस ने हिरासत में लिया
विज्ञापन
नीट और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्षी दल 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री से आधिकारिक बयान की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही विपक्षी नेता गृह मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हैं। विपक्षी गठबंधन ने नीट पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को संसद में पूरी तरह घेरने का मन बना लिया है।
20 जुलाई को क्या हुआ था?
नीट पेपर लीक और परीक्षा धांधली के विरोध में 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर से संसद तक आयोजित 'संसद मार्च' के दौरान जमकर बवाल हुआ, जिसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने कड़ा रुख अपनाया। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़े जाने और पथराव के दावों के बीच सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के साथ-साथ कथित तौर पर मैटेलिक पैलेट गन (धातु की छर्रों वाली बंदूक) का इस्तेमाल कर दिया।
इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं और पत्रकार गंभीर रूप से घायल हुए, जिसके बाद सीजेपी ने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे और पीएम मोदी से माफी की मांग की। हालांकि आंतरिक जांच और अदालती सुनवाई के दौरान सुरक्षा बलों के इस अभूतपूर्व बल प्रयोग पर भारी विवाद छिड़ गया है, जिसके चलते यह मामला संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गूंज रहा है।
विज्ञापन
पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की ओर से युवाओं पर की गई कार्रवाई को 14 दिन बीत चुके हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई से गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों से गायब हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि छात्रों पर मैटेलिक पैलेट गन (धातु की गोलियां) चलाने का आदेश सीआरपीएफ को किसने दिया था, गृह मंत्री इसका जवाब देने से कतरा रहे हैं। सरकार लोकतंत्र का अपमान कर रही है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: E20 ईंधन के विरोध में प्रदर्शन: नागपुर में गडकरी के घर का घेराव करने पहुंचे कांग्रेसी,पुलिस ने हिरासत में लिया
विज्ञापन
नीट और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्षी दल 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री से आधिकारिक बयान की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही विपक्षी नेता गृह मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हैं। विपक्षी गठबंधन ने नीट पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को संसद में पूरी तरह घेरने का मन बना लिया है।
20 जुलाई को क्या हुआ था?
नीट पेपर लीक और परीक्षा धांधली के विरोध में 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर से संसद तक आयोजित 'संसद मार्च' के दौरान जमकर बवाल हुआ, जिसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने कड़ा रुख अपनाया। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़े जाने और पथराव के दावों के बीच सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के साथ-साथ कथित तौर पर मैटेलिक पैलेट गन (धातु की छर्रों वाली बंदूक) का इस्तेमाल कर दिया।
इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं और पत्रकार गंभीर रूप से घायल हुए, जिसके बाद सीजेपी ने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे और पीएम मोदी से माफी की मांग की। हालांकि आंतरिक जांच और अदालती सुनवाई के दौरान सुरक्षा बलों के इस अभूतपूर्व बल प्रयोग पर भारी विवाद छिड़ गया है, जिसके चलते यह मामला संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गूंज रहा है।