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Bhagyashree Jagtap: फल बेचने वाली महिला बनीं लोनावला की पार्षद, जीत के बाद स्टॉल लगाने पहुंचीं; दिया ये संदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 22 Dec 2025 07:58 PM IST
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सार

लोनावला की फल बेचने वाली भाग्यश्री जगताप ने एनसीपी से नगर परिषद की सदस्य चुनी गईं। चर्चा ज्यादा तेज हो गई जब जीत के बाद अगले दिन भी उन्होंने रोज की तरह स्टॉल खोला। उनके इस कदम ने बताया कि मेहनत और साधारण जीवन के बावजूद राजनीति में सफलता मिल सकती है। आइए जानते है उन्होंने क्या कहा?

Lonavala council polls Bhagyashree Jagtap fruits of success in remains rooted in humble business
एनसीपी से लोनावला की पार्षद बनी भाग्यश्री जगताप - फोटो : इंस्टाग्राम@bhagyashrijagtap_01
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विस्तार

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में एक ओर जहां महायुति का शानदार प्रदर्शन खूब चर्चा में रहा। वहीं दूसरी ओर पुणे के लोकप्रिय हिल स्टेशन लोनावला से एनसीपी नेता भाग्यश्री जगताप की जीत ने भी खूब सुर्खियां बटोरी। लोनावला की फल बेचने वाली भाग्यश्री जगताप ने साबित किया कि साधारण जीवन और कड़ी मेहनत के बावजूद राजनीति में सफलता पाई जा सकती है। एनसीपी से नगर परिषद की सदस्य चुनी गई भाग्यश्री ने चुनाव जीत के बाद भी सोमवार को अपने फल के स्टॉल को उसी तरह खोला जैसे रोज करती हैं। उन्होंने इस बात को पूरी तरह नजरंदाज किया कि उन्हें सम्मान समारोह या स्वागत में शामिल होना है। 

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ऐसे में भाग्यश्री के इस विनम्र अंदाज को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों और जनता की सेवा दोनों निभाने वाली उनकी कहानी आम लोगों के लिए प्रेरणा बन गई। बता दें कि भाग्यश्री ने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार को 608 वोटों से हराया और जीत हासिल की।
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जीत के बाद क्या बोलीं भाग्यश्री जगताप?
नगर परिषद की सदस्य चुने जाने के बाद भाग्यश्री ने अन्य दिनों की तरह ही अपने फल के स्टॉल को खोला। उनके इस कदम वहां उपस्थिति लोगों ने खूब सराहना भी की। वहीं इस बात पर भाग्यश्री ने कहा कि फल बेचना हमारा पारिवारिक व्यवसाय है। जीत की बधाई समारोह होंगे, लेकिन हमारे लिए हमारा पुराना काम अभी भी सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए आज भी हमने अपना स्टॉल खोला है।

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जारी रखेंगी अपने फल बेचने का काम
इसके साथ ही भाग्यश्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पार्षद के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने फल बेचने के व्यवसाय को भी जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि मैं परिषद में लोगों की समस्याओं और शिकायतों को उठाऊंगी, साथ ही अपने परिवार के जीवन यापन के लिए फल बेचने का काम भी करती रहूंगी। हालांकि दूसरी ओर भाग्यश्री के पति महादेव जगताप ने कहा कि वह पारिवारिक व्यवसाय पर ध्यान देंगे, जबकि भाग्यश्री स्थानीय निवासियों के मुद्दों को परिषद में उठाकर उनका समाधान खोजेंगी। 

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