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भारत में बदल रहा आतंकी हमलों का तरीका?: बिना नेटवर्क वाले 'अकेले आतंकी' बने सिरदर्द, एजेंसियों का बड़ा खुलासा

आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 29 Apr 2026 03:49 PM IST
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सार

भारत में आतंकवादी अब अपने काम करने का तरीका बदल रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, आतंकी अब बड़े गुटों के बजाय अकेले (लोन वुल्फ) या छोटे समूहों में काम कर रहे हैं। पाकिस्तान की आईएसआई और इस्लामिक स्टेट जैसी संस्थाएं युवाओं को इंटरनेट के जरिए भड़का रही हैं। ऐसे में ये सब सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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भारत में बदल रहा आतंक का चेहरा। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारत में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस समय एक नए खतरे को लेकर बेहद सतर्क हैं। एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है कि आने वाले समय में आतंकी गुट किस तरह से काम करेंगे। यह जानकारी चौंकाने वाली है क्योंकि आतंकवादियों ने अब अपने काम करने का पुराना तरीका पूरी तरह से बदल दिया है। अब वे बड़ी-बड़ी टीमों में नहीं, बल्कि अकेले ही खौफनाक साजिशों को अंजाम देने की फिराक में हैं।

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अधिकारियों का कहना है कि आतंकी मॉड्यूल अब पहले की तरह नहीं होंगे। पहले आतंकी किसी विदेशी सरगना के इशारे पर काम करते थे और उनकी एक पूरी टीम होती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब आतंकी या तो बिल्कुल अकेले (लोन एक्टर) काम करेंगे या फिर सिर्फ दो लोगों की छोटी टीम बनाएंगे। दो लोगों की टीम इसलिए बनाई जा रही है ताकि उन पर किसी का शक न जाए और सुरक्षा एजेंसियां उन्हें आसानी से न पकड़ सकें।
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पाकिस्तान की ISI की क्या नई चाल?
 

  • पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब भारत में आतंकियों की नई फौज तैयार करना चाहती है।
  • आईएसआई को पता है कि अगर भारत में कोई बड़ा आतंकी हमला हुआ, तो भारत फिर से 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
  • आईएसआई चाहती है कि आतंकी गुट खुद ही अपना खर्चा उठाएं और स्थानीय स्तर पर ही तैयार हों।
  • आईएसआई का मकसद है कि हमले से पहले आतंकी पाकिस्तान में किसी से बात न करें और पैसों का लेन-देन भी सिर्फ भारत के अंदर ही हो, ताकि पाकिस्तान पर कोई उंगली न उठा सके।


इस्लामिक स्टेट कैसे युवाओं को भड़का रहा है?
 

  • दूसरी तरफ, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट इंटरनेट पर भड़काऊ वीडियो और लेख डालकर युवाओं का दिमाग खराब कर रहा है।
  • इस्लामिक स्टेट का इरादा युवाओं को इस हद तक कट्टर बनाना है कि वे खुद ही अकेले हमले करने के लिए तैयार हो जाएं।
  • इस्लामिक स्टेट को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमले में कितने लोग मारे जाते हैं, उसका मकसद सिर्फ समाज में खौफ पैदा करना है।
  • एक अधिकारी ने बताया कि कोई आम आदमी बाजार में चल रहा होगा और हो सकता है कि उसके बगल में कोई इस्लामिक स्टेट का कातिल घूम रहा हो। यह एक बहुत बड़ा मानसिक डर है।


हाल के दिनों में कौन से मामले सामने आए हैं?
 

  • खुफिया ब्यूरो के मुताबिक, केरल और तमिलनाडु में अपनी जड़ें जमाने के बाद अब इस्लामिक स्टेट पूरे भारत पर नजर गड़ाए हुए है।
  • हाल ही में ऐसे 'अकेले आतंकियों' (लोन वुल्फ) के कई मामले सामने आए हैं।
  • इनमें मुंबई का जैब जुबैर अंसारी, दिल्ली का रिजवान और उत्तर प्रदेश का तुषार चौहान (उर्फ हिजबुल्लाह खान) शामिल हैं।
  • इससे पता चलता है कि इंटरनेट पर बम बनाने के तरीके और कट्टरपंथी चीजें बहुत तेजी से बांटी जा रही हैं।


सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह क्यों है सबसे बड़ी चुनौती?
 

  • इन अकेले आतंकियों को पकड़ना पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है।
  • सबसे बड़ी परेशानी यह है कि ये लोग न तो किसी से फोन पर बात करते हैं और न ही इनके पास किसी दूसरे देश से पैसे आते हैं।
  • कोई सुराग न मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन 'लोन एक्टर' की पहचान करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
  • आईएसआई वाले आतंकियों को पकड़ना थोड़ा आसान होता है क्योंकि वे कोई न कोई सुराग छोड़ देते हैं, लेकिन इस्लामिक स्टेट के ये अकेले आतंकी कोई निशान नहीं छोड़ते।


एजेंसियों ने माता-पिता से क्या अपील की?
सुरक्षा एजेंसियां अब माता-पिता और रिश्तेदारों से अपील कर रही हैं कि वे अपने बच्चों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखें। अगर परिवार को बच्चे में कुछ अजीब या कट्टरपंथी बदलाव दिखे, तो तुरंत पुलिस को बताएं। दक्षिण भारत में इस तरीके से कई हमले टाले गए हैं। दिक्कत यह है कि अब ये युवा इतने चालाक हो गए हैं कि कट्टरपंथी होने के बावजूद बिल्कुल सामान्य व्यवहार करते हैं। जैसे मुंबई के अंसारी और यूपी के हिजबुल्ला के मामलों में, उनके अपने ही परिवार वालों को कोई भनक नहीं थी कि वे आतंकी बन चुके हैं। परिवार वालों को लगता था कि वे किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। अब डिजिटल निगरानी ही एजेंसियों का सबसे बड़ा हथियार होगी।



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