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MACT: 2015 में सड़क किनारे नमाज पढ़ते समय हुई सड़क दुर्घटना, पीड़ित को 7.76 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Wed, 01 Apr 2026 12:34 PM IST
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सार

ठाणे MACT ने 2015 हादसे में नमाज पढ़ते समय घायल होकर स्थायी विकलांग हुए व्यक्ति को 7.76 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। बस बीमाकर्ता को भुगतान और 9% ब्याज देने का निर्देश मिला।

MACT Road Accident in 2015 While Offering Prayers by the Roadside Compensation 7.76 Lakh for the Victim
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार

ठाणे में मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने एक व्यक्ति को 7.76 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। यह व्यक्ति 2015 में सड़क किनारे नमाज पढ़ते समय हुई एक दुर्घटना स्थायी रूप से विकलांग हो गया था। ट्रिब्यूनल ने  बस बीमाकर्ता को उन्हें मुआवज़े की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।  यह दुर्घटना 28 अगस्त, 2015 को मुंबई में सायन-कुर्ला रोड पर एक मस्जिद के पास हुई थी, जब याचिकाकर्ता सड़क किनारे नमाज़ पढ़ रहा था।

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कौन देगा मुआवजा? 

के.पी. श्रीखंडे की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल ने 25 मार्च को ये आदेश दिया है। अपने आदेश में ट्रिब्यूनल ने निजी बस बीमाकर्ता के इस तर्क को खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता की ओर से कोई लापरवाही थी या उसने पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन किया था। ट्रिब्यूनल ने कहा कि बीमाकर्ता के तरफ से याचिकाकर्ता के खिलाफ लापरवाही का कोई भी सबूत नहीं दिया गया है। ट्रिब्यूनल ने वाहिद अजीज खान, जो पेशे से एक ड्राइवर थे उनका याचिका को आंशिक रूप से स्वाकर कर लिया। बस बीमाकर्ता को उन्हें मुआवज़े की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया। इस मामले में बस का मालिक ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हुआ, जिसके कारण यह आदेश उसके खिलाफ एकतरफा रूप से तय किया गया।  

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कैसे और कब हुआ था हादसा?

यह दुर्घटना 28 अगस्त, 2015 को मुंबई में सायन-कुर्ला रोड पर एक मस्जिद के पास हुई थी, जब याचिकाकर्ता सड़क किनारे नमाज़ पढ़ रहा था। एक तेज रफ़्तार स्कूल बस एक टेम्पो से टकरा गई। इसके बाद टेम्पो पलट गया और वाहिद अजीज खान तथा अन्य लोगों के ऊपर जा गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। ट्रिब्यूनल ने यह भी बताया कि बस ड्राइवर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, और बाद में ड्राइवर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया और उसे दोषी ठहराया गया।

दुर्घटना के बाद, खान को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी पसलियों तथा कंधे की हड्डी में हुए फ्रैक्चर के लिए उनकी सर्जरी की गई। यह माना गया कि याचिकाकर्ता को 'स्थायी आंशिक विकलांगता' हुई है, और उसने उनकी 'कार्यात्मक विकलांगता' का आकलन 30 प्रतिशत के रूप में किया।

याचिकाकर्ता ने की थी अधिका मुआवजे की मांग

हालांकि याचिकाकर्ता ने 39 लाख रुपये से अधिक के मुआवजे की मांग की थी, लेकिन कमाई का कोई विश्वसनीय सबूत न होने के कारण, उनकी 'काल्पनिक मासिक आय' का आकलन 10,500 रुपये के रूप में किया। ट्रिब्यूनल ने कुल 7,76,590 रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश दिया। इस राशि में चिकित्सा खर्च, इलाज के दौरान आय का नुकसान, भविष्य की कमाई का नुकसान, दर्द और पीड़ा, तथा जीवन की सुविधाओं में कमी के लिए दिया गया मुआवज़ा शामिल है। ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि मुआवजे का भुगतान 3 नवंबर, 2022 से लेकर राशि की वसूली होने तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ किया जाए।



 
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