Maharashtra Local Polls: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग खत्म, दोपहर 3.30 बजे तक 47.51 फीसदी मतदान
Maharashtra Civic Polls Voting: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो चुका है। इस चुनाव में भाजपा-शिवसेना के बीच दोस्ताना संघर्ष हो रहा है। दोपहर साढ़े तीन बजे तक सामने आए आकंड़ों के अनुसार 47.51 फीसदी मतदान हुआ है।
विस्तार
पहले दो घंटों में लगभग 7.94 प्रतिशत मतदान
अधिकारियों ने मतदान से जुड़ा अपडेट साझा कर बताया कि वोटिंग के पहले दो घंटों में लगभग 7.94 प्रतिशत वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस ने दावा किया कि बुलढाणा में वोटिंग शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद ही एक बूथ पर दो संदिग्ध फर्जी वोटरों को पकड़ा गया। कांग्रेस का आरोप है कि शिवसेना MLA संजय गायकवाड़ बुलढाणा म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव में 'फर्जी' वोट डालने वाले लोगों को ला रहे थे। कांग्रेस के इस आरोप पर निर्वाचन अधिकारियों की तरफ से फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है।
दो लोगों पर फर्जी मतदान का आरोप
कांग्रेस का दावा है कि बुलढाणा के वार्ड नंबर 15 में गांधी प्राइमरी स्कूल पोलिंग सेंटर पर एक आदमी ने कथित तौर पर स्थानीय निवासी वैभव देशमुख के नाम पर वोट डालने की कोशिश की। फर्जी वोट डालने की कोशिश करने वाला शख्स मोटाला तालुका के कोठाली का रहने वाला है। शिकायत करने के बाद उसके साथ आए एक और व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है।
शिवसेना विधायक के बेटे पर पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप
स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों ने दावा किया है कि कोठाली और इब्राहिमपुर से और भी कई लोगों को फर्जी वोट डालने के इरादे से बुलढाणा शहर लाया गया। कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने कुछ संदिग्ध फर्जी वोटरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक के बेटे कुणाल गायकवाड़ पर मौके पर जाकर पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। कुणाल पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों में से एक को भागने में मदद भी की।
हर्षवर्धन सपकाल ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने कुणाल गायकवाड़ को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा, फर्जी वोटिंग कराने और सरकारी काम में रुकावट डालने में कथित संलिप्तता के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जानी चाहिए। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस मामले में तत्काल कोई कार्रवाई न करने के लिए प्रशासन की आलोचना भी की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हमने शिकायत दर्ज कराई है लेकिन कुछ नहीं किया जा रहा है।' खबर लिखे जाने तक पुलिस या गायकवाड़ परिवार की तरफ से कांग्रेस के आरोपों पर कोई जवाब नहीं आया है।
शुरू हुआ निकाय चुनाव के पहले दौर का मतदान
ईवीएम पर मतदान, 31 जनवरी तक पूरी होनी है प्रक्रियाVIDEO | Maharashtra: Voting is underway at a polling booth for the Malegaon Nagar Panchayat elections in Baramati taluka. Security heightened to prevent any irregularities. Special arrangements have been made for differently-abled and elderly voters.
— Press Trust of India (@PTI_News) December 2, 2025
Elections for a total of 18… pic.twitter.com/DA6OeDW8ZS
ग्रामीण और शहरी स्तर पर हो रहे निकाय चुनाव के पहले चरण में करीब एक करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक 31 जनवरी, 2026 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के 17,367 कंट्रोल यूनिट और 34,734 बैलेट यूनिट्स का बंदोबस्त भी किया है।
गौरतलब है कि अभी 29 नगर निगम, 32 जिला परिषदों और 336 पंचायत समितियों के चुनाव का एलान होना बाकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2 दिसंबर की वोटिंग के नतीजे राज्य के राजनीतिक माहौल को काफी हद तक प्रभावित करेंगे। अगर महायुति की जीत विधानसभा जैसी दोहराई गई, तो भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को मजबूत जनसमर्थन का संदेश जाएगा। वहीं यदि विपक्षी गठबंधन को बेहतर प्रदर्शन मिलता है, तो यह आने वाले बड़े चुनावों में उनकी ताकत बढ़ा सकता है।
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दोपहर डेढ़ बजे तक 35 फीसदी मतदान
हिंगोली में एक वीडियो सामने आया है जिसमें शिवसेना विधायक संतोष बांगर कथित रूप से मतदान केंद्र में एक महिला के वोट डालते समय अंदर जाते दिख रहे हैं। चुनाव आयोग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। वहीं बुलढाणा में दो संदिग्ध फर्जी वोटरों को पकड़ा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ग्रामीण इलाकों से लोगों को लाकर फर्जी मतदान कराने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से इस मामले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस चुनाव में लगभग एक करोड़ मतदाता 6,042 सीटों और 264 नगराध्यक्ष पदों के लिए वोट डाल रहे हैं। इन चुनावों को महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल और जनमत समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वोटों की गिनती 21 दिसंबर को होगी।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान रायगढ़ जिले में शिवसेना और एनसीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरों पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और चुनाव एक पवित्र प्रक्रिया है, जिसमें हर वोटर को बिना डर वोट डालने का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, खासकर सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दल- भाजपा, शिवसेना और एनसीपी- से कहा कि गठबंधन धर्म का पालन करें और अनुशासन बनाए रखें। अजित पवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाताओं को प्रभावित करने या शांति भंग करने की कोशिशें संविधान और महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ हैं, और ऐसी हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मंगलवार को महाराष्ट्र के 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में मतदान हुआ, जहां कई जगहों पर गठबंधन दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
महाराष्ट्र में 264 नगर परिषद और नगर पंचायतों के पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्वक खत्म हो गया। शाम 5.30 बजे तक वोटिंग हुई और 3.30 बजे तक 47.51% मतदान दर्ज किया गया था। अंतिम आंकड़े देर रात तक आने की संभावना है। इन चुनावों में 6,042 सीटों और 264 अध्यक्ष पदों के लिए वोट डाले गए। वोटों की गिनती 21 दिसंबर को होगी।
इस चुनाव के दौरान महाराष्ट्र के कई जिलों में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। इसमें रायगढ़ जिले के रोहा और महाड़ में शिवसेना और एनसीपी कार्यकर्ताओं में टकराव, बीड जिले के गेवराई में बीजेपी और एनसीपी कार्यकर्ताओं में झगड़ा और हिंगोली में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें शिवसेना विधायक संतोष बांगड़ मतदान केंद्र में प्रवेश करते दिखे हैं। फिलहाल इन घटनाओं को लेकर चुनाव अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बुलढाणा में फर्जी वोटिंग कराई जा रही थी। पार्टी ने दावा किया कि दो संदिग्ध वोटर पकड़े गए, जिनके पास बाहर से लाए गए वोटर लिस्ट विवरण थे। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ग्रामीण इलाकों से लोगों को फर्जी वोट डालने के लिए ला रहे थे।
24 स्थानीय निकायों के चुनावों की तारीख बदले जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि चुनाव आयोग कानून की गलत व्याख्या कर रहा है। उनके मुताबिक, यह राजनीति और लोकतंत्र की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने वाला फैसला है।
शिवसेना (उद्धव गुट) नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई में मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) ऐसे हैं जिन्हें पढ़ना-लिखना तक नहीं आता। उनका दावा है कि सूची में एक ही व्यक्ति का नाम कई बार दर्ज है। उदाहरण के रूप में उन्होंने कहा शिवसेना (यूबीटी) नेता सुनील शिंदे का नाम सात बार है। पूर्व मेयर श्रद्धा जाधव का नाम आठ बार आया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब 'सर्कस जैसा दिख रहा है।'