महाराष्ट्र संकट: भाजपा आक्रामक, राष्ट्रपति शासन की आशंका पर शिवसेना की धमकी
- भाजपा बोली, हाईकोर्ट के जज या सीबीआई से कराई जाए मामले की जांच।
- प्रकाश आंबेडकर ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मांग की।
विस्तार
महाराष्ट्र में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोपों के बाद राज्य में सियासी घटनाक्रम को देखते हुए भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल 24 मार्च को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलेगा। वहीं, भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने कोश्यारी से मिलकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। इस बीच, शिवसेना ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को लेकर की जा रही कोशिशों पर चेतावनी दी है।
इससे पहले भाजपा नेता सुधीर मुंगंटीवार ने कहा, यह जरूरी है कि राज्यपाल मौजूदा हालात और घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट दें। भाजपा ने देशमुख पर लगे आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हाईकोर्ट के जज या सीबीआई से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा, अगर कोई केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश कर रहा है तो मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि वे खुद इसी आग में जल जाएंगे।
राऊत ने कहा, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने तय किया है कि अनिल देशमुख पर जो आरोप लगाए गए हैं उसमें तथ्य नहीं है। उसकी जांच होनी चाहिए। अगर हम सभी का इस्तीफा लेते रहेंगे तो सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, वंचित बहुजन विकास आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने कहा, हमने राज्यपाल से इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। अगर रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो हम समझेंगे कि यह सर्वदलीय मामला है। राज्य विधानसभा बर्खास्त करने के बजाय कुछ दिन तक राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
राज्य में आपराधिक गठजोड़ का बोलबाला
प्रकाश आंबेडकर ने कहा, राज्य सरकार में आपराधिक गठजोड़ का बोलबाला हो गया है। राजनीति और प्रशासन में आपराधिक तत्व मिलकर क्या कर सकते हैं। इसकी तस्वीर महाराष्ट्र में दिखाई दे रही है। पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट कर दिया है कि गृहमंत्री देशमुख ने बताया था कि 100 करोड़ रुपये कैसे वसूल किया जाए।
देशमुख के खिलाफ जांच पर पवार बोले, यह सीएम तय करेंगे
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने सोमवार को दिल्ली में फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, परमबीर सिंह के आरोपों से महाविकास आघाड़ी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देशमुख के पद पर रहते हुए मामले की जांच को लेकर पवार ने कहा कि यह सीएम का अधिकार है और उन्हें फैसला लेना है कि इन आरोपों की जांच कराई जाए या नहीं। हमें कोई आपत्ति नहीं है।
सामना ने कहा, परमबीर के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना लगा रही भाजपा
शिवसेना ने मुखपत्र सामना में लिखा है कि कल तक विपक्ष परमबीर सिंह को निलंबित करने की मांग कर रहा था, लेकिन आज परमबीर सिंह विरोधियों के चहेते बन गए है। भाजपा परमबीर सिंह के कंधे पर बंदूक रखकर महाविकास आघाड़ी सरकार पर निशाना साध रही है और महाराष्ट्र की छवि खराब करने पर तुली है। मुखपत्र में लिखा है कि महाविकास आघाड़ी सरकार के पास आज भी बहुमत है। अगर बहुमत पर हावी होने का प्रयास करोगे तो आग लगेगी। यह चेतावनी नहीं, वास्तविकता है। विपक्ष को यह नहीं भूलना चाहिए कि किसी अधिकारी के कारण सरकार बनती और बिगड़ती नहीं है।
भाजपा ने उद्धव और देशमुख का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की
भाजपा विधायक राम कदम ने सोमवार को कहा कि 'महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री अनिल देशमुख का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की है।' उन्होंने कहा, अगर दोनों सच बोल रहे हैं तो उन्हें नार्को टेस्ट से गुजरना चाहिए। हर चीज स्पष्ट हो जाएगी। सीताजी को भी अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा था। ऐसे में उद्धव और देशमुख को भी इससे हिचकना नहीं चाहिए।
निलंबित इंस्पेक्टर ने कहा, परमबीर सिंह ने अंडरवर्ल्ड से जुडे़ लोगों का किया बचाव
मुंबई के एक निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर अनूप डांगे ने आरोप लगाया है कि पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने अंडरवर्ल्ड से जुडे़ कुछ लोगों का बचाव किया था। उस वक्त परमबीर भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) में डीजी थे। डांगे ने यह भी आरोप लगाया है कि परमबीर सिंह के एक सहयोगी ने मुझे पुलिस सेवा में फिर से बहाल करने के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की थी। जुलाई, 2020 में निलंबित किए जाने से पहले डांगे गामदेवी पुलिस थाने में थे।
थोराट बोले, दबाव में आकर परमबीर ने लिखा होगा पत्र
महाराष्ट्र के मंत्री व कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने सोमवार को कहा, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने शायद दबाव में आकर गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ वह पत्र लिखा होगा। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी एचके पाटिल ने राज्य के पार्टी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर हमारी राय ली है। महाविकास आघाड़ी के घटक दलों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
जहां मनसुख का शव मिला था, वहां दोनों आरोपियों को लेकर गई एटीएस
महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को मनसुख हिरेन मौत के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों निलंबित पुलिस कांस्टेबल विनायक शिंदे और क्रिकेट बुकी नरेश गौर को ठाणे जिले में स्थित रेतीबंदर इलाके में उस खाड़ी में लेकर गई, जहां मनसुख का पांच मार्च को शव मिला था। मनसुख उस स्कॉर्पियो के मालिक थे, जो उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर पाई गई थी और जिलेटिन की छड़ों से लदी थी।
भिवंडी में सचिन वाजे के गोदाम पर पहुंची एटीएस
मुंबई के रेतीबंदर में क्राइम सीन दोहराने के साथ ही एटीएस दोनो आरोपियों को लेकर भिवंडी स्थित सचिन वाजे के गोदाम पर पहुंची। एटीएस ने गोदाम की तलाशी ली। एटीएस को आशंका है कि इसी गोदाम में मनसुख हिरेन की हत्या की गई थी। इसके बाद उसे ले जाकर खाड़ी में फेंक दिया गया था। एटीएस ने गोदाम से कुछ सुबूत तलाशने की कोशिश की है।
गृहमंत्री देशमुख से मिले एटीएस चीफ
मनसुख हिरेने की हत्या की साजिश का पर्दाफाश करने के बाद सोमवार को महाराष्ट्र एटीएस चीफ जयजीत सिंह गृहमंत्री अनिल देशमुख के ज्ञानेश्वरी स्थित बंगले पर पहुंचे और उन्हें तफ्तीश के बारे में जानकारी दी। एटीएस की तरफ से कहा जा रहा है कि मनसुख हिरेन की मौत की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। मनसुख हिरेन हत्या के मामले में एटीएस जल्द ही बड़ा खुलासा करेगी।
जिस होटल में ठहरता था वाजे, वहां पहुंची एनआईए
इधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सोमवार को दक्षिण मुंबई के उस नामी होटल में पहुंची जहां सचिन वाजे के लिए हमेशा एक कमरा बुक रहता था। एनआईए की टीम ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और होटल में ठहरने के दौरान वाजे से कौन-कौन मिलने आता था, होटल स्टॉफ से इस मामले में जानकारी हासिल की।
राज्यपाल से मिले मुंबई पुलिस आयुक्त
मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले सोमवार को राजभवन पहुंचे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। राजभवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मुंबई पुलिस आयुक्त के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद यह नागराले की राज्यपाल से पहली मुलाकात थी।
