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Maharashtra: 'मीट की दुकानें बंद होने पर बेवजह विवाद', सीएम बोले- किसी की पसंद नियंत्रित करने में रुचि नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 13 Aug 2025 06:59 PM IST
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सार
CM Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में 15 अगस्त के दिन बूचड़खाने या मीट की दुकानों के बंद होने को लेकर उठे विवाद पर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह लोगों के खाने की आजादी और पसंद का पूरा सम्मान करती है, और सरकार का रुख है कि ऐसे मुद्दों पर अनावश्यक विवाद न हो।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार लोगों के खाने की पसंद को नियंत्रित करने में दिलचस्पी नहीं रखती है। उन्होंने 15 अगस्त को कुछ शहरों में कसाईखाने बंद करने के फैसले पर उठे विवाद को 'अनावश्यक' बताया। सीएम फडणवीस ने साफ किया कि यह फैसला न तो सरकार ने लिया है, न ही इसमें उनकी कोई भूमिका है, यह कुछ नगर निगमों की तरफ से लिया गया प्रशासनिक निर्णय है, जो 1988 से चलते आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद किसी की खाने की आजादी या पसंद में दखल देना नहीं है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया था और मटन-मीट दुकानों को स्वतंत्रता दिवस पर बंद करने के फैसले को गलत बताया था।
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सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान
सीएम फडणवीस ने बुधवार को मीडिया से कहा, 'राज्य सरकार यह जानने में दिलचस्पी नहीं रखती कि कौन क्या खाता है। हमारे पास और भी कई मुद्दे हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ नगर निगमों ने 15 अगस्त को मांस की दुकानें और कसाईखाने बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन ये फैसले स्थानीय निकाय खुद लेते हैं, राज्य सरकार नहीं।
'सभी तरह के विवादित बकवास तुरंत बंद होने चाहिए'
फडणवीस ने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में 37 साल पुराने सरकारी आदेश की जानकारी ही नहीं थी, जिसमें कुछ खास दिनों (जैसे स्वतंत्रता दिवस) पर कसाईखाने बंद रखने का प्रावधान है। 'मुझे भी इस सरकारी आदेश के बारे में मीडिया से ही पता चला। ऐसे ही फैसले तब भी लिए गए थे, जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे।' उन्होंने विवादित बयानों पर भी नाराजगी जताई और कहा कि कुछ लोग शाकाहारी लोगों को 'नपुंसक' कह रहे हैं, यह बकवास तुरंत बंद होनी चाहिए।'
डिप्टी सीएम अजित पवार की आपत्ति
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को इस तरह के आदेशों पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर ऐसे प्रतिबंध लगाना गलत है। 'बड़े शहरों में अलग-अलग जाति और धर्म के लोग रहते हैं। अगर कोई धार्मिक या भावनात्मक मुद्दा है, तो लोग एक दिन के लिए मान भी लेते हैं, जैसे आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि या महावीर जयंती पर। लेकिन महाराष्ट्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर ऐसे आदेश देना उचित नहीं है।'
यह भी पढ़ें - Study: '82 फीसदी मामलों में कुत्तों का व्यवहार दोस्ताना या तटस्थ', सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच शोध में खुलासा
किन शहरों में जारी हुए आदेश?
कल्याण-डोंबिवली (ठाणे जिला), छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, मालेगांव (नासिक जिला) इन नगर निगमों ने 15 अगस्त को मांस की दुकानें और कसाईखाने बंद रखने के आदेश दिए हैं। इसी को लेकर विवाद शुरू हुआ है।
क्या है पूरे विवाद की जड़?
1988 में राज्य सरकार ने एक सरकारी आदेश जारी किया था, जिसमें कुछ खास दिनों पर कसाईखाने बंद रखने की अनुमति दी गई थी। नगर निगम इस सरकारी आदेश के आधार पर या खुद के फैसले से ऐसे आदेश जारी कर सकते हैं। इस बार 15 अगस्त पर ऐसे आदेश आने से राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई है।
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सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान
सीएम फडणवीस ने बुधवार को मीडिया से कहा, 'राज्य सरकार यह जानने में दिलचस्पी नहीं रखती कि कौन क्या खाता है। हमारे पास और भी कई मुद्दे हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ नगर निगमों ने 15 अगस्त को मांस की दुकानें और कसाईखाने बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन ये फैसले स्थानीय निकाय खुद लेते हैं, राज्य सरकार नहीं।
'सभी तरह के विवादित बकवास तुरंत बंद होने चाहिए'
फडणवीस ने यह भी कहा कि उन्हें इस बारे में 37 साल पुराने सरकारी आदेश की जानकारी ही नहीं थी, जिसमें कुछ खास दिनों (जैसे स्वतंत्रता दिवस) पर कसाईखाने बंद रखने का प्रावधान है। 'मुझे भी इस सरकारी आदेश के बारे में मीडिया से ही पता चला। ऐसे ही फैसले तब भी लिए गए थे, जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे।' उन्होंने विवादित बयानों पर भी नाराजगी जताई और कहा कि कुछ लोग शाकाहारी लोगों को 'नपुंसक' कह रहे हैं, यह बकवास तुरंत बंद होनी चाहिए।'
डिप्टी सीएम अजित पवार की आपत्ति
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को इस तरह के आदेशों पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर ऐसे प्रतिबंध लगाना गलत है। 'बड़े शहरों में अलग-अलग जाति और धर्म के लोग रहते हैं। अगर कोई धार्मिक या भावनात्मक मुद्दा है, तो लोग एक दिन के लिए मान भी लेते हैं, जैसे आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि या महावीर जयंती पर। लेकिन महाराष्ट्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर ऐसे आदेश देना उचित नहीं है।'
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किन शहरों में जारी हुए आदेश?
कल्याण-डोंबिवली (ठाणे जिला), छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, मालेगांव (नासिक जिला) इन नगर निगमों ने 15 अगस्त को मांस की दुकानें और कसाईखाने बंद रखने के आदेश दिए हैं। इसी को लेकर विवाद शुरू हुआ है।
क्या है पूरे विवाद की जड़?
1988 में राज्य सरकार ने एक सरकारी आदेश जारी किया था, जिसमें कुछ खास दिनों पर कसाईखाने बंद रखने की अनुमति दी गई थी। नगर निगम इस सरकारी आदेश के आधार पर या खुद के फैसले से ऐसे आदेश जारी कर सकते हैं। इस बार 15 अगस्त पर ऐसे आदेश आने से राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई है।