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Maharashtra: ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को सरकार का अल्टीमेटम, तीन महीने में सीखें मराठी वर्ना लाइसेंस होगा रद्द

Wed, 19 Aug 2026 04:23 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 19 Aug 2026 04:23 PM IST
सार

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी का ‘व्यावहारिक ज्ञान’ जरूरी कर दिया गया है। सरकार एक विशेष अभियान शुरू करेगी। पहले नोटिस दिया जाएगा, नियम न मानने पर लाइसेंस और बैज तीन महीने तक निलंबित हो सकते हैं। 

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Maharashtra Government ultimatum to auto-taxi drivers learn Marathi three months or face license cancellatio
महाराष्ट्र सरकार की सख्ती - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बुधवार को घोषणा की कि गुरुवार से उन ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा। जिन्हें मराठी भाषा का 'व्यावहारिक ज्ञान' नहीं है।

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क्या कार्रवाई होगी? 
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि जिनके पास आवश्यक प्रमाण पत्र या मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और अनुपालन न करने पर ड्राइवर का लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

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मंत्री सरनाइक ने क्या बताया? 
सरनाइक ने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति तीन महीने बाद भी ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसके लाइसेंस और बैज को रद्द करने के आदेश जारी किए जाएंगे।' मंत्री ने कहा कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ राज्य भर में गैर-मराठी टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के खिलाफ एक महीने तक चलने वाले अभियान का नेतृत्व करेंगे।

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क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के हवाई दस्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्देश दिया गया है। वे जांच करें और संशोधित नियमों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे बताया कि सत्यापन प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी।

मंगलवार को सरनाइक ने क्या आदेश दिया था? 
इससे पहले, मोटर वाहन नियमों में संशोधन के एक प्रावधान का हवाला देते हुए, सरनाइक ने मंगलवार को कहा था कि राज्य भर में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से पहले मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा।

हालांकि, यह बयान राज्य में वाणिज्यिक यात्री चालकों के एक बड़े वर्ग के बीच व्याप्त आशंकाओं को दूर करने में विफल रहा, जो देश के अन्य हिस्सों से आते हैं और मराठी भाषा में दक्षता की कमी रखते हैं।

गैर-मराठी ड्राइवरों को क्या डर है? 
महाराष्ट्र में गैर-मराठी ड्राइवरों को डर है कि अनिवार्य भाषा नियम में 'कार्यकारी ज्ञान'  की अस्पष्ट शर्त के कारण उनकी रोजी-रोटी छिन सकती है। हालांकि, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि परमिट रद्द करने से पहले उन्हें सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, जिसमें 30 दिन का नोटिस पीरियड भी शामिल है।

परिवहन संघ के नेता ने क्या? 
सेवा सारथी ऑटोरिक्शा टैक्सी और परिवहन संघ के नेता डीएम गोसावी ने कहा, 'राज्य सरकार ने मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया है, लेकिन 'व्यावहारिक ज्ञान' से वास्तव में क्या तात्पर्य है, इसे स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है।'

उन्होंने कहा कि इस अस्पष्टता से आरटीओ में भ्रष्टाचार बढ़ेगा और चालकों का आर्थिक शोषण होगा। राज्य में वाणिज्यिक यात्री चालकों का एक बड़ा हिस्सा देश के अन्य हिस्सों से आता है। उन्हें मराठी भाषा का ज्ञान नहीं है।

 

 

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