Maharashtra: ओबीसी संगठनों ने सीएम से की मुलाकात; हमला करने के मामले में अनिल परब और 10 अन्य पर आरोप तय
ओबीसी संगठनों ने की मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के संगठनों ने मराठा समुदाय को कुvबी प्रमाणपत्र जारी करने संबंधी सरकार के आदेश (जीआर) को वापस लेने की मांग की। बैठक सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई, जिसमें कहा गया कि दो सितंबर को जारी यह जीआर ओबीसी समुदाय के हितों के लिए हानिकारक है। उन्होंने राज्य में 2014 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों और वैधता प्रमाणपत्रों पर श्वेतपत्र जारी करने का भी आग्रह किया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवर ने बैठक में कहा कि 10 अक्तूबर को पूरे राज्य में ओबीसी रैली नियत कार्यक्रम अनुसार होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने दो मुख्य मांगों (दो सितंबर का जीआर वापस लेने और 2014 से जारी जाति प्रमाणपत्रों पर श्वेतपत्र जारी करने) पर अभी तक सकारात्मक जवाब नहीं दिया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक समुदाय को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और ओबीसी सहित किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने बताया कि प्रमाणपत्र जारी करने में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है, सत्यापन प्रणाली और वंश समिति बनाई गई है ताकि प्रमाणपत्र केवल मान्य दस्तावेजों पर ही दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इस महीने महाज्योति पहल को 1,500 करोड़ रुपए दिए गए हैं, राज्यभर में ओबीसी लिए 63 छात्रावास बनाए गए हैं।
कोर्ट ने अनिल परब और दस अन्य के खिलाफ आरोप तय किए
मुंबई की एक अदालत ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अनिल परब और 10 अन्य लोगों पर 2023 में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक अधिकारी पर हमला करने और धमकी देने के मामले में आरोप तय किए हैं।
सांसदों और विधायकों के मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर ने 30 सितंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए बल प्रयोग) और 34 (सामूहिक इरादा) सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय किए। सभी आरोपियों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह घटना तब हुई जब शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कार्यकर्ताओं ने बांद्रा में पार्टी के एक शाखा कार्यालय में तोड़फोड़ किए जाने के विरोध में रैली निकाली। इसके बाद अनिल परब के नेतृत्व में कुछ नेता और कार्यकर्ता बीएमसी की एच-ईस्ट वार्ड अधिकारी स्वप्ना क्षीरसागर से इस कार्रवाई पर नाराजगी जताने के लिए मिलने गए। आरोप है कि इस बैठक के दौरान अनिल परब और अन्य ने बीएमसी के सहायक इंजीनियर अजय पाटिल (42 वर्षीय) के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
मुंबई: ट्रेनों पर पथराव की कई घटनाओं में शामिल व्यक्ति गिरफ्तार
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने उपनगरीय ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले आरोपी नौशाद अली को गिरफ्तार किया। आरोपी ने 22 और 26 सितंबर को महिलाओं को निशाना बनाते हुए पत्थर फेंके थे, जिससे कई यात्री घायल हुए। उसने 18 सितंबर को एक महिला को घायल किया और पहले भी टिकट मशीनों को नुकसान पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। दो महीने पहले उसने यात्रियों से डरकर चलती ट्रेन से स्टील चेयर फ्रेम फेंका था। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेशी मुद्रा के साथ दो यात्री गिरफ्तार
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास विदेशी मुद्रा के नोट थे, जिनकी कीमत 1.7 करोड़ रुपये थी। ये नोट संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अलग-अलग स्थानों पर ले जाए जा रहे थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने दोनों यात्रियों के हैंडबैग से अमेरिकी मुद्रा बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 53.68 लाख रुपये थी। ये यात्री अबू धाबी और फुजैरा के लिए रवाना हो रहे थे। एक अधिकारी ने बताया कि मुद्रा के स्रोत और इसके लाभार्थियों की जांच की जा रही है।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम रखने पर CMO का बड़ा फैसला
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम लोकनेते डीबी पाटिल के नाम पर रखा जाएगा। इस संबंध में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रस्ताव को मंज़ूरी मांगी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जारी बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। जल्द ही पुणे और छत्रपति संभाजी नगर हवाई अड्डों का नाम बदलने की भी मंज़ूरी मिल जाएगी।
पालघर में 6.18 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ के साथ पांच लोग गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में 6.18 लाख रुपये मूल्य के एलएसडी और गांजा के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने बताया कि मीरा भयंदर-वसई विरार (एमबीवीवी) पुलिस ने मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत पिछले सप्ताह ये जब्तियां कीं।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) मदन बल्लाल ने कहा, "वसई अपराध शाखा ने पालघर जिले में दो बड़े अभियान चलाए और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 6,18,442 रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए।"
एक गुप्त सूचना के आधार पर, एक टीम ने 27 सितंबर को वसई पश्चिम के पास दो संदिग्धों को रोका और उनके पास से 0.440 मिलीग्राम एलएसडी पेपर, एक सिंथेटिक मतिभ्रमकारी दवा, जिसकी कीमत 4.40 लाख रुपये थी, बरामद किया।
बल्लाल ने बताया कि आरोपी देव पंकज मोदी (27) और सोहेल यूसुफ सैयद (28) के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
25 सितंबर को एक अन्य अभियान में पुलिस ने वसई तालुका के कामन गांव में एक परिसर में छापा मारा और एक पुरुष और दो महिलाओं को 1.78 लाख रुपये मूल्य के 8.111 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा।
उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों सुनील सुभाष पवार (38), उनकी पत्नी आशा (35) और प्रियंका संतोष कंसरे (26) के खिलाफ नायगांव पुलिस थाने में एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया है।