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Maharashtra Political Crisis: कोई नेता गुवाहाटी जाए या न जाए, लेकिन सीन में ईडी का 'जलवा' है बरकरार, ये सात कहानियां हैं गवाह

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 28 Jun 2022 06:58 PM IST
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सार

कांग्रेस पार्टी के नेता अजय माकन ने आरोप लगाया है कि ईडी, भाजपा का 'इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट' बन गई है। भाजपा नेता, जिन पर ईडी के मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। उन पर ईडी की मेहरबानी देखने को मिल रही है। माकन ने कहा, 5,310 केस पिछले आठ सालों में मोदी राज में के दौरान दर्ज किए गए हैं...

Maharashtra Political Crisis: ED issue summons to shiv sena leader sanjay raut in money laundering case, asks him to appear on 1 July
प्रवर्तन निदेशालय का शिवसेना नेता संजय राउत को समन - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

महाराष्ट्र में सत्ता का संकट जारी है। शिवसेना के दोनों पक्षों का अपना दावा है। गुवाहाटी में मौजूद बागी नेता एकनाथ शिंदे ने 50 विधायकों के समर्थन की बात कही है। उन्होंने शिवसेना पर अपना दावा भी ठोक दिया है। दूसरी तरफ शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बागी विधायकों से लौट आने की अपील की है। मुंबई से गुवाहाटी का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। महाराष्ट्र में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जबरदस्त एंट्री हुई है। चाहे कोई नेता गुवाहाटी जाए या न जाए, मगर ईडी उनके घर बराबर पहुंच रही है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार से लेकर राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख व दूसरे नेताओं के यहां ईडी खुद पहुंची है या उन्हें अपने दफ्तर में आने का समन भेज चुकी है। महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी सरकार के अनेक नेता केंद्रीय एजेंसी ईडी के रडार पर आ चुके हैं।

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महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2019 में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे एवं पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। यह केस महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक 'एमएससीबी' में कथित 25 हजार करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है। इस मामले में कोऑपरेटिव बैंक के 70 पूर्व कर्मचारियों का नाम भी बताया गया है। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता अजीत पवार और 69 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक स्कैम में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। बाद में ईडी ने जब इस मामले की जांच पड़ताल शुरू की, तो उसमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार का नाम भी शामिल कर दिया गया।

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नवाब मलिक मामला

महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी' सरकार में मंत्री रहे नवाब मलिक भी ईडी के फेर में आ चुके हैं। वे सलाखों के पीछे रहे हैं। सेशन कोर्ट की विशेष अदालत ने मलिक के खिलाफ ईडी द्वारा पेश की गई चार्जशीट का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा था, जांच एजेंसी के पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे पता चलता है कि नवाब मलिक सीधे तौर पर कुर्ला में स्थित गोवावाला कंपाउंड की जमीन पर कब्जा करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग व आपराधिक साजिश में शामिल थे। अदालत का कहना था, मलिक ने डी-कंपनी के सदस्य हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ मिलकर मुनीरा प्लंबर की संपत्ति को हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची है।

समन पात्रा चॉल भूमि घोटाला

शिवसेना के तेजतर्रार नेता एवं प्रवक्ता संजय राउत को भी ईडी ने जमीन घोटाले के केस में समन भेजा है। उन्हें मंगलवार (28 जून) को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना था, लेकिन राउत ने पेश होने से मना किया है। उन्होंने कहा, मुझे पता था कि ईडी मुझे तलब करने वाला है। मैं घुटने नहीं टेकूंगा। बागी विधायक चाहे कुछ भी कर लें, मैं गुवाहाटी नहीं जाऊंगा। मैं बालासाहेब का शिव सैनिक हूं। मैं अपनी पार्टी के साथ रहूंगा। जांच एजेंसी ने राउत को यह समन पात्रा चॉल भूमि घोटाले से जुड़े मामले में भेजा है। इससे पहले संजय राउत की संपत्ति भी कुर्क की गई थी। जांच एजेंसी ने संजय राउत के अलीबाग स्थित आठ प्लॉट और दादर में एक फ्लैट को कुर्क किया था। अब उन्हें एक जुलाई को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना है।

प्रफुल्ल पटेल से पूछताछ

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना विधायक अनिल परब दापोली भी ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। जांच एजेंसी ने एक रिजॉर्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अनिल से पूछताछ की है। यह रिसॉर्ट रत्नागिरी के दापोली में बताया गया है। इसके निर्माण में अनियमितता बरतने का आरोप है। खास बात ये है कि इस मामले में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अक्तूबर 2019 में सीजे हाउस संपत्ति को लेकर ईडी ने प्रफुल्ल पटेल से पूछताछ की थी। महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री और एनसीपी नेता एकनाथ खडसे पर भी ईडी ने कार्रवाई की है। ईडी ने गत वर्ष मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लोनावला में खडसे का बंगला, जलगांव में तीन फ्लैट, तीन भूमि पार्सल, पुणे, नासिक और सूरत में अन्य आरोपियों के कुछ फ्लैटों सहित कई दूसरी संपत्तियों को कुर्क किया था।

सरनाइक की 11.35 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड में 5,600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में शिवसेना नेता प्रताप सरनाइक की 11.35 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कुर्क की गई संपत्तियों में ठाणे व महाराष्ट्र में फ्लैट और जमीन शामिल हैं। एनएसईएल के डिफॉल्टरों में से एक आस्था ग्रुप ने 2012-2013 के दौरान, विहंग आस्था हाउसिंग प्रोजेक्ट एलएलपी को 21.74 करोड़ रुपये डायवर्ट किए थे। इस राशि में से 11.35 करोड़ रुपये, विहांग एंटरप्राइजेज और विहंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किए गए थे। इन कंपनियों का नियंत्रण प्रताप सरनाइक व उनके परिवार के सदस्यों के पास बताया जाता है। प्रवर्तन निदेशालय ने गत माह शिवसेना नेता और बृहन्मुंबई नगर निगम की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जाधव को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। जाधव और उनकी पत्नी एवं भायखला से विधायक यामिनी के परिसरों पर आयकर विभाग द्वारा रेड की गई थी। इसी आधार पर ईडी ने मामले की जांच शुरू की। यशवंत जाधव ने बिलकहाड़ी चैंबर्स में कई फ्लैट खरीदे थे। जाधव पर विदेशी लेनदेन के आरोप भी लगे थे।

सुशील कुमार शिंदे के परिवार पर आरोप

गत वर्ष मार्च में ईडी ने महाराष्ट्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रीति श्रॉफ व उनके पति राज श्रॉफ की संपत्ति कुर्क की थी। जांच एजेंसी द्वारा बैंक धोखाधड़ी के मामले में शिंदे की बेटी एवं उसके पति की 35 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली गई थी। शिवसेना सांसद, भावना गवली भी ईडी के रडार पर हैं। मई से पहले उन्हें जांच एजेंसी द्वारा तीन बार समन भेजा गया था। हालांकि वे ईडी के समक्ष पेश नहीं हुई। गवली पर आरोप है कि उनके द्वारा नियंत्रित एक एनजीओ के माध्यम से करोड़ों रुपये का हेरफेर हुआ है। शिवसेना नेता, अर्जुनराव पंडितराव खोतकर के खिलाफ महाराष्ट्र बैंक मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की जांच चल रही है। इस बैंक में 25,000 करोड़ रुपये की अनियमितताएं पाई गई थीं।  

शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड मामला

एनसीपी नेता अनिल भोसले भी ईडी की कार्रवाई से नहीं बच सके हैं। उन्हें गत वर्ष धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। साल 2016 से 2019 के दौरान, भोसले 'शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड' के अध्यक्ष थे। उन पर कथित तौर से अपने पद का दुरुपयोग कर बैंक से 71.8 करोड़ रुपये की निकासी का आरोप लगा था। मनी लांड्रिंग केस में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री एवं एनसीपी नेता अनिल देशमुख भी फंस चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई के पीएमएलए कोर्ट में दायर 700 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में देशमुख को मुख्य अभियुक्त बनाया है। इतना ही नहीं, पूर्व मंत्री के दोनों बेटों का भी चार्जशीट में शामिल है। देशमुख, मुंबई पुलिस के जरिए 100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोपों से घिरे हैं। महाराष्ट्र में सिटी सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में शिवसेना नेता एवं पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल और उनके बेटे अभिजीत अडसुल भी ईडी के निशाने पर रहे हैं।

कांग्रेस बोली- 'ईडी' भाजपा का 'इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट' है...  

कांग्रेस पार्टी के नेता अजय माकन ने आरोप लगाया है कि ईडी, भाजपा का 'इलेक्शन मैनेजमेंट डिपार्टमेंट' बन गई है। भाजपा नेता, जिन पर ईडी के मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। उन पर ईडी की मेहरबानी देखने को मिल रही है। मौजूदा समय में ईडी द्वारा दर्ज केसों की संख्या 5,422 है। माकन ने कहा, कमाल तो ये है कि उनमें से 98 फीसदी मुकदमे, यानि 5,310 केस मोदी राज में (पिछले आठ साल के दौरान) दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से ईडी ने 30 घंटे से भी अधिक समय तक पूछताछ की है। मोदी सरकार, ईडी के माध्यम से राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

इन भाजपा नेताओं तक नहीं पहुंच सकी ईडी

बतौर अजय माकन, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा, जब कांग्रेस में थे, तो लुईस बर्जर केस व शारदा घोटाले में उन्हें ईडी और सीबीआई ने बुलाया या नहीं बुलाया। उसके बाद वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। वे भाजपा के मुख्यमंत्री हैं तो शारदा घोटाला व लुईस बर्जर केस कहां चले गए। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा, उन पर ईडी का केस दर्ज है या नहीं है। माकन ने कहा, येदियुरप्पा के अलावा उनके बेटे को ईडी का समन आया था या नहीं। नारायण राणे जब कांग्रेस में थे, तो उन पर जांच एजेंसियों की रेड हुई। भाजपा में शामिल होते ही वे पाक साफ बन गए। सोमेन मित्रा, भाजपा में शामिल हो गए, तो सब कुछ खत्म हो गया। रमन सिंह के ऊपर और उनके बेटे पर ईडी का केस है या नहीं। कर्नाटक में जो मंत्री 40 फीसदी कमीशन खाते हुए पकड़े गए, उन पर ईडी के केसों का क्या हुआ। मुकुल रॉय, जब तक वो एक दूसरी पार्टी में थे, उन पर ईडी का केस था। जैसे ही वे भाजपा में आए तो ईडी का केस ठीक हो गया। सुवेंदु अधिकारी, उन पर बहुत सारी कार्रवाई हुई, लेकिन जैसे ही वे भाजपा में आए तो सब ठीक हो गया।

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