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Maharashtra: क्या महाराष्ट्र की राजनीति में फडणवीस को किनारे लगाने की है यह योजना? या कुछ और है रणनीति

Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Thu, 30 Jun 2022 07:54 PM IST
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सार

राजनीतक विश्लेषक जीएस पनवलकर का मानना है कि अभी यह कहना थोड़ा जल्दी जरूर होगा कि देवेंद्र फडणवीस के पद के साथ कद का कितना ताल्लुक होगा। लेकिन यह बात बिल्कुल सच है कि जिस तरीके से कयास लगाए जा रहे थे कि पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में देवेंद्र फडणवीस एक बड़े चेहरे के तौर पर सामने आएंगे, ऐसा नहीं हुआ है...

Maharashtra Political crisis: eknath shinde and Devendra fadnavis takes oath as the Chief Minister and Deputy Chief Minister of Maharashtra
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने ली शपथ - फोटो : Agency
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विस्तार

महाराष्ट्र में बीते कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक उठापटक का गुरुवार देर शाम को पटाक्षेप हो गया। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यही रही कि बागी दल के नेता एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई है। उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे और भाजपा में भविष्य के नेता के तौर पर प्रोजेक्ट किये जाने वाले देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर देवेंद्र फडणवीस के पद को लेकर राजनीतिक गलियारों में तमाम तरह के राजनैतिक कयास लगाए जाने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र की राजनीति में किनारे लगाने की शुरुआत है।

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क्या डिमोशन कहा जाएगा इसे?

आखिरकार शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस को उप मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए कहा गया है। महाराष्ट्र की राजनीति को करीब से समझने वाले राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि इसको बहुत सामान्य राजनीतिक घटना की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरीके से देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र की राजनीति ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में एक बड़े चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट हो रहे थे, वह इस नए पद के मिलने के साथ थोड़ा सा कम हो जाएगा। राजनीतक विश्लेषक जीएस पनवलकर का मानना है कि अभी यह कहना थोड़ा जल्दी जरूर होगा कि देवेंद्र फडणवीस के पद के साथ कद का कितना ताल्लुक होगा। लेकिन यह बात बिल्कुल सच है कि जिस तरीके से कयास लगाए जा रहे थे कि पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में देवेंद्र फडणवीस एक बड़े चेहरे के तौर पर सामने आएंगे, ऐसा नहीं हुआ है। उन्हें उप मुख्यमंत्री पद के साथ महाराष्ट्र की राजनीति में एंट्री कराई गई है जिसे एक तरीके से डिमोशन के तौर पर ही देखा जाएगा।

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पनवेलकर कहते हैं कि अभी महाराष्ट्र सरकार को अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के लिए बहुत लंबा वक्त है। ऐसे में आने वाले दिनों में किस तरीके के राजनैतिक घटनाक्रम होंगे उसको भी देखा जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में भाजपा की राजनीति सिर्फ एक धुरी की नहीं है। इसलिए देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक पद और कद को लेकर फिर सामान्य कयासबाजी लगाकर खारिज कर देना राजनीतिक दूरदर्शिता नहीं होगी। वे कहते हैं कि उपमुख्यमंत्री बनाकर एक तरीके से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भाजपा में अभी और बहुत अप्रत्याशित हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में कयास तो इस बात के भी लगाए जा रहे हैं संभव है कि एकनाथ शिंदे को भाजपा में भविष्य का बड़ा नेता बनाकर प्रोजेक्ट किया जाए। पनवलकर का कहना है कि भाजपा का बीते कुछ समय का इतिहास अगर आप उठा कर देखेंगे तो पार्टी ने ऐसे ही कई नेताओं पर बड़ा दांव लगाया है।

कुछ नेताओं को अखर रहा था फडनवीस को आगे बढ़ाना

दरअसल बीते कुछ समय से जिस तरीके से भाजपा में नए नेताओं को आगे बढ़ाने का चलन शुरू हुआ है, उसमें कद्दावर नेताओं के तौर पर देवेंद्र फडणवीस का नाम भविष्य के नेताओं के तौर पर लिया जाता रहा है। हालांकि भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक देवेंद्र फडणवीस को आगे बढ़ाए जाने पर कुछ नेताओं को यह बात अखर रही थी। हालांकि इसका भाजपा के किसी नेता ने किसी भी पब्लिक फोरम पर विरोध तो नहीं दर्ज किया, लेकिन अंदरखाने इस बात को लेकर चर्चाएं अक्सर होती रहती थीं। ऐसे में देवेंद्र फडणवीस को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की सूचना तमाम तरीके के राजनीतिक प्रयासों को बल देते हैं। हालांकि उप मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा के बाद ही देश के गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर देवेंद्र फडणवीस को बधाई देते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कहने पर देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा मन दिखाते हुए महाराष्ट्र की जनता और राज्य के हित में सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया है। अमित शाह ने कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा और सेवा भाव का परिचायक है। सिर्फ अमित शाह ने ही नहीं बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट कर देवेंद्र फडणवीस को मंत्रिमंडल में शामिल होने की बधाई दी।
 

हालांकि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर भाजपा के नेताओं की अपनी अलग राय और प्रतिक्रिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाए जाने से एक बात पूरी तरीके से स्पष्ट हो चुकी है कि भाजपा को सत्ता की बिल्कुल चाह नहीं है। अगर भाजपा को सत्ता की इच्छा होती तो मुख्यमंत्री भाजपा का बनता। क्योंकि भाजपा को सत्ता की चाह नहीं है इसलिए उसके किसी भी नेता को पद की कभी कोई चाह नहीं रही है। वह कहते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कहने पर देवेंद्र फडणवीस मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं, जो यह भी बताता है कि भाजपा का कद्दावर नेता भी पार्टी का एक सच्चा सिपाही और एक कार्यकर्ता है, जो अपने पार्टी आलाकमान के निर्देश को आदेश मानते हुए आगे बढ़ता है।

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