Maharashtra News: नागपुर में 42 वर्षीय डॉक्टर ने की आत्महत्या; ठाणे में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी बरी
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महाराष्ट्र में एक डॉक्टर के सुसाइड करने की खबर है। नागपुर के धंतोली इलाके के एक अस्पताल में सोमवार को 42 वर्षीय डॉक्टर ने कथित तौर पर एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि मृतक मानेवाड़ा निवासी ईश्वरचंद चंदेवार थे, जो निजी अस्पताल में प्रशासक थे। पुलिस के अनुसार, चंदेवार ने रविवार रात ड्यूटी पूरी करने के बाद सोमवार सुबह करीब 4 बजे अपने कमरे में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लिया। सुबह 9 बजे तक कमरे से बाहर न आने पर कर्मचारियों को चिंता हुई, क्योंकि कमरा अंदर से बंद था। अस्पताल प्रशासन ने धंतोली पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने दरवाजा खोला तो चंदेवार बेसुध मिले और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में मानसिक तनाव और पारिवारिक मुद्दे सामने आए हैं, पर सटीक कारण विस्तृत जांच से ही पता चलेगा।
सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी ठाणे की अदालत से बरी
राज्य के एक अन्य अहम मामले में ठाणे की विशेष अदालत ने एक व्यक्ति को सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और उसकी 73 वर्षीय दादी के साथ दुराचार करने के आरोपों से बरी कर दिया। न्यायाधीश जी टी पवार ने अविश्वसनीय साक्ष्य व प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला दिया। इस मामले में दिनेश शांताराम हुले उर्फ घुले पर आईपीसी की धारा 376, 354, 452 और पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोप लगे थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, हुले 3 अक्तूबर, 2021 को ठाणे में पीड़ितों के घर में घुसा था। उसने सोई बच्ची का यौन उत्पीड़न के अलावा उसकी दादी से छेड़छाड़ की थी। बचाव पक्ष ने पानी के रिसाव के विवाद के कारण झूठा मामला गढ़ने का तर्क दिया। अदालत ने जांच अधिकारी की मृत्यु को बचाव पक्ष के लिए गंभीर पूर्वाग्रह माना। बच्ची के बाल कल्याण समिति और पुलिस को दिए बयानों में भी अंतर मिला। अदालत ने यह भी नोट किया कि गंभीर यौन उत्पीड़न की कहानी बाद में गढ़ी गई लगती है, क्योंकि शुरू में प्राथमिकी केवल धारा 354 और 452 के तहत दर्ज हुई थी।