Maharashtra: शिवसेना UBT बोली- बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करें; मुंबई में सुमन कल्याणपुर का अंतिम संस्कार
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल सांसद पर कथित हमले के मामले पर महाराष्ट्र तक चर्चा हो रही है। विधानसभा में विपक्षी दल शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। इसमें लिखा गया, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मौजूदा सांसद अभिषेक बनर्जी पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया कथित हमला 'जितना क्रूर था, उतना ही कायरतापूर्ण' भी था। पिछले दो दिनों में कोलकाता में घटी चौंकाने वाली घटनाओं ने न केवल पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठा को, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा को भी गहरा आघात पहुंचाया है।पश्चिम बंगाल को लंबे समय से भारत के सबसे सभ्य राज्यों में से एक माना जाता रहा है, लेकिन वहां अब हिंसा, घृणा और भीड़तंत्र का प्रतीक बन गया है।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ पद्म भूषण सुमन कल्याणपुर का अंतिम संस्कार
पार्श्व गायिका और पद्म भूषण से सम्मानित सुमन कल्याणपुर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनका निधन 89 वर्ष की आयु में हुआ था। उनके अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रुज (पवन हंस) श्मशान घाट पर संपन्न हुए। महाराष्ट्र सरकार ने उनके असाधारण योगदान के लिए राजकीय सम्मान का आदेश दिया। अंतिम यात्रा के दौरान, शोक मनाने वालों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कल्याणपुर को उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए याद किया। केंद्रीय मंत्रियों, राजनीतिक नेताओं और सांस्कृतिक बिरादरी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। कल्याणपुर का कॅरिअर 1954 से 1988 तक तीन दशकों से अधिक का रहा। उन्हें 2023 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद करीब 80 लाख महिलाएं अपात्र हो गई हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार गंभीर वित्तीय संकट के कारण लाभार्थियों की छंटनी कर रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्यापन के जरिये केवल अपात्र लाभार्थियों को ही बाहर किया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 30 अप्रैल की समयसीमा के बाद लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गई है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 50 से 55 लाख महिलाएं प्रक्रिया पूरी करने में विफल रहीं। इसके अलावा, 12 लाख महिलाएं आयकर दाता पाई गईं, जिनकी आय 2.5 लाख रुपये की सीमा से अधिक थी। करीब 4.5 लाख महिलाएं 65 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुकी थीं, जबकि पांच लाख महिलाएं पहले से नमो शेतकरी योजना का लाभ ले रही थीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है।