समंदर में भी दुश्मन को चकमा देगा 'महेंद्रगिरि'?: मझगांव डॉक ने नौसेना को सौंपा ये युद्धपोत, जानें कितना ताकतवर
भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में बढ़ गई है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने P17A क्लास का चौथा स्टील्थ फ्रिगेट युद्धपोत 'महेंद्रगिरि' नौसेना को सौंप दिया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह युद्धपोत पूरी तरह से स्वदेशी है। इस पोत के शामिल होने से दुश्मन अब समंदर में भी भारत से खौफ खाएंगे। आइए, विस्तार से इसके बारे में जानते हैं।
विस्तार
भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने P17A क्लास का चौथा स्टील्थ फ्रिगेट युद्धपोत 'महेंद्रगिरि' भारतीय नौसेना को सौंप दिया है। यह पूरी तरह से स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जो 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूत करता है।
भारतीय नौसेना की ताकत समुद्र में अब और भी ज्यादा बढ़ गई है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने आज भारतीय नौसेना को एक नया और बेहद ताकतवर युद्धपोत सौंप दिया है। इस युद्धपोत का नाम 'महेंद्रगिरि' है। यह P17A क्लास का चौथा स्टील्थ फ्रिगेट है। इस युद्धपोत के नौसेना में शामिल होने से दुश्मनों के लिए भारत से निपटना अब और भी मुश्किल हो जाएगा।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से दी है। एक कार्यक्रम के दौरान, एमडीएल के सीएमडी कैप्टन जगमोहन और नौसेना के अधिकारी आरएडीएम गौतम मारवाह ने इस युद्धपोत (D448) को सौंपने के कागजातों पर साइन किए। इस दौरान नौसेना और एमडीएल के कई बड़े अधिकारी भी वहां मौजूद थे। एमडीएल का कहना है कि यह युद्धपोत उनकी मेहनत और युद्धपोत बनाने की काबिलियत का सबूत है।
क्या 'महेंद्रगिरि' पूरी तरह से भारत में बना है?
- महेंद्रगिरि युद्धपोत पूरी तरह से स्वदेशी है, यानी इसे भारत में ही बनाया गया है।
- यह युद्धपोत अत्याधुनिक (लेटेस्ट) तकनीक से लैस है, जो इसे समुद्र में बेहद खतरनाक बनाता है।
- यह भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' (भारत में बनाओ) अभियान की एक बड़ी कामयाबी है।
- इससे पता चलता है कि भारत अब दुनिया के बेहतरीन युद्धपोत बनाने में सक्षम है।
'स्टील्थ फ्रिगेट' का आखिर क्या मतलब होता है?
- 'स्टील्थ' तकनीक का मतलब है छिपने की कला।
- इन युद्धपोतों को इस तरह से बनाया जाता है कि दुश्मन के रडार इन्हें आसानी से पकड़ न सकें।
- 'फ्रिगेट' मझोले आकार के युद्धपोत होते हैं, जो तेज रफ्तार और ताकतवर हथियारों से लैस होते हैं।
- महेंद्रगिरि भी इसी तकनीक से बना है, जो बिना नजर में आए दुश्मन पर हमला कर सकता है।
भारतीय नौसेना को इस युद्धपोत से क्या फायदा होगा?
महेंद्रगिरि के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा काफी मजबूत होगी। यह युद्धपोत समुद्र में दूर तक नजर रखने और दुश्मनों को रोकने में मदद करेगा। इसके अत्याधुनिक हथियार और सेंसर नौसेना की मारक क्षमता को बढ़ाएंगे। इससे हिंद महासागर में भारत की स्थिति और भी मजबूत होगी।
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