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AFT Order: कर्नल पुरोहित को बड़ी राहत, सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने फिलहाल टाला रिटायरमेंट; मामले की जांच जारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Tue, 17 Mar 2026 10:14 PM IST
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सार

सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित के रिटायरमेंट पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायाधिकरण ने कहा कि एनआईए अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद उनकी वैधानिक शिकायत पर फैसला होने तक उन्हें सेवानिवृत्त नहीं किया जाएगा। कर्नल पुरोहित का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया था।

Major relief for Colonel Purohit  Armed Forces Tribunal defers retirement for time investigation continues
लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित - फोटो : ANI
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विस्तार

भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) से बड़ी राहत मिली है। न्यायाधिकरण ने उनके रिटायरमेंट पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला उस समय आया है जब पुरोहित ने अपनी सेवा से जुड़े अधिकारों और पदोन्नति को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। न्यायाधिकरण ने कहा कि मामले की अंतिम सुनवाई होने तक उनका रिटायरमेंट रोक कर रखा जाए।
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दरअसल कर्नल पुरोहित का कहना है कि उन्हें एक मामले में गलत तरीके से फंसाया गया था, जिसकी वजह से उन्हें पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ नहीं मिल पाए। बाद में अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया। इसके बाद उन्होंने सेना में अपने अधिकारों और पदोन्नति को लेकर शिकायत की। इसी शिकायत पर सुनवाई करते हुए सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने उनके रिटायरमेंट को फिलहाल रोकने का आदेश दिया।
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न्यायाधिकरण ने क्या कहा?
सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों और विशेष एनआईए अदालत के फैसले को देखने के बाद पहली नजर में यह लगता है कि कर्नल पुरोहित की दलील में दम है। अदालत ने कहा कि उन्हें अपने जूनियर अधिकारियों के बराबर पदोन्नति और सेवा लाभ मिलने का अधिकार हो सकता है, जो उन्हें अब तक नहीं मिला।

एनआईए अदालत के फैसले का असर
न्यायाधिकरण ने विशेष रूप से मुंबई की एनआईए अदालत के 31 जुलाई 2025 के फैसले का भी जिक्र किया। इस फैसले में अदालत ने कर्नल पुरोहित को मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उन्हें जिस तरह से मामले में फंसाया गया, वह साबित नहीं हो पाया। इसी आधार पर अब यह माना जा रहा है कि उन्हें सेवा में हुए नुकसान की भरपाई मिल सकती है।

रिटायरमेंट पर फिलहाल लगी रोक
न्यायाधिकरण ने कहा कि जब तक कर्नल पुरोहित की वैधानिक शिकायत पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक उनके रिटायरमेंट को रोक कर रखा जाए। यानी फिलहाल उन्हें सेवा से सेवानिवृत्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान उनकी शिकायत और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

अब इस मामले में सेना के संबंधित अधिकारियों को कर्नल पुरोहित की शिकायत पर फैसला लेना होगा। अगर शिकायत में दम पाया जाता है तो उन्हें पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ दिए जा सकते हैं। न्यायाधिकरण के इस आदेश के बाद कर्नल पुरोहित को बड़ी राहत मिली है और उनके भविष्य को लेकर नई उम्मीद भी बनी है।


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