सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nagesh Patil Ashtikar breaks silence on leaving Shiv Sena says he has no grievances against Uddhav Thackeray

'उद्धव ठाकरे से शिकायत नहीं, अविश्वास ने तोड़ा दिल': बागी सांसद नागेश आष्टीकर ने बताई पार्टी छोड़ने की वजह

एएनआई, मुंबई Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 22 Jun 2026 02:42 PM IST
विज्ञापन
सार

शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने पार्टी छोड़ने की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि 18 जून की बैठक के बाद उन पर अविश्वास जताया गया और उनके खिलाफ कड़वी भाषा का इस्तेमाल हुआ, जिसने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

Nagesh Patil Ashtikar breaks silence on leaving Shiv Sena says he has no grievances against Uddhav Thackeray
नागेश पाटिल आष्टीकर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में साफ किया कि उन्हें पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उद्धव ठाकरे ने उन्हें हमेशा बहुत स्नेह दिया है। लेकिन 18 जून की बैठक के बाद पार्टी के भीतर जो हालात बने, उन्होंने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।


आष्टीकर ने बताया कि 18 जून को जब कुछ सांसदों ने संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया, तो उनके खिलाफ बहुत कड़वी भाषा का इस्तेमाल किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन पर अविश्वास जताया। आष्टीकर के अनुसार, वे 18 जून तक कहीं नहीं गए थे, लेकिन नेताओं के व्यवहार और अपमानजनक शब्दों ने उन्हें और उनके साथियों को बहुत ठेस पहुंचाई। उन्होंने अपने साथी सांसदों के साथ चर्चा की और इस नतीजे पर पहुंचे कि अब इस पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी छोड़ने का दूसरा बड़ा कारण उन्होंने अपने क्षेत्र हिंगोली का विकास बताया। आष्टीकर ने कहा कि सांसद निधि के रूप में मिलने वाले 5 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए काफी नहीं हैं। क्षेत्र की जनता की बहुत उम्मीदें होती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता पक्ष में नहीं होते, उन्हें नगर पंचायत, जिला परिषद और वन विभाग जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिलता। अपने क्षेत्र के विकास और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्होंने यह कठिन फैसला लिया है।
विज्ञापन


इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने नागेश आष्टीकर के बेटे कृष्णा नागेश पाटिल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर कर दिया है। संजय राउत ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। पार्टी में मची इस हलचल के बीच उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र का दौरा करने का फैसला किया है। वे 27 जून से उन क्षेत्रों में जाएंगे जहां के सांसदों ने बगावत की है। वे यवतमाल, वाशिम, हिंगोली, परभणी, धाराशिव और शिरडी का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।

ये भी पढ़ें: West Bengal: बागी TMC सांसदों की सदस्यता रद्द करें स्पीकर, सौगत रॉय ने बजट सत्र से पहले सरकार पर उठाए सवाल

दूसरी तरफ, आदित्य ठाकरे ने इन बागी सांसदों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के बजाय निजी लालच को ऊपर रखा है। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा है। इन सांसदों में संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और ओमप्रकाश राजे निंबाल्कर के नाम शामिल हैं जिन्होंने 18 जून की बैठक से दूरी बनाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed