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Nipah Virus: केरल में क्यों बढ़ा निपाह का खतरा? पिनाराई विजयन के दामाद और स्वास्थय मंत्री के छिड़ी जुबानी जंग

आईएनएस, तिरुवनंतपुरम Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 22 Jun 2026 03:48 PM IST
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सार

केरल विधानसभा में संक्रामक बीमारियों, खासकर निपाह वायरस को लेकर हुई चर्चा राजनीतिक बहस में बदल गई। एक तरफ जहां माकपा विधायक मोहम्मद रियास ने राज्य की स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण के बेटे के मुरलीधरन ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष पर आम लोगों में डर फैलाने का आरोप लगाया।  

Why threat of Nipah Virus risen in Kerala War of words between Pinarayi Vijayan son-in-law and Health Minister
केरल विधानसभा - फोटो : केरल विधानसभा की वेबसाइट
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विस्तार

केरल विधानसभा में सोमवार को संक्रामक बीमारियों के फैलने पर हुई बहस जल्द ही दो प्रमुख राजनीतिक उत्तराधिकारियों के बीच तीखे राजनीतिक टकराव में बदल गई। दरअसल, निपाह वायरस को लेकर हुई बहस के दौरान माकपा विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दामाद मोहम्मद रियास और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के बेटे के. मुरलीधरन ने सरकार द्वारा स्थिति को संभालने के तरीके पर एक-दूसरे पर कड़े आरोप लगाए। बता दें कि रियास ने राज्य में संक्रामक बीमारी की स्थिति पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया। हालांकि, स्पीकर ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि इस मुद्दे पर आपातकालीन चर्चा की आवश्यकता नहीं है।



विधानसभा में आमने-सामने आईं दो राजनीतिक विरासतें
इस बहस ने केरल की राजनीति की दो पीढ़ियों को आमने-सामने ला दिया। रियास वामपंथी नेतृत्व की विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के बेटे मुरलीधरन सत्ता पक्ष की ओर से सरकार का बचाव कर रहे थे। रियास ने आरोप लगाया कि केरल का चर्चित स्वास्थ्य मॉडल मुश्किल दौर से गुजर रहा है और स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की कमी है। उन्होंने दावा किया कि चार जिलों में जिला चिकित्सा अधिकारी नहीं हैं और कोझिकोड में पर्याप्त चिकित्सा नेतृत्व की कमी है, जहां पहले निपाह के मामले सामने आ चुके हैं।
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रियास ने पूछा, 'क्या सरकार कोझिकोड के लिए एक भी चिकित्सा अधिकारी उपलब्ध नहीं करा सकी?' उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग बीमारी की रोकथाम को मजबूत करने के बजाय तबादलों और नियुक्तियों में व्यस्त था। रियास ने दावा किया कि निपाह से संबंधित दवाएं बीमारी की सूचना मिलने के पांच दिन बाद राज्य में पहुंचीं। वह भी तब जब विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया।  
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स्वास्थ्य मंत्री को तबादले की चिंता
बहस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए रियास ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में वायरस के फैसले से ज्यादा वहां तैनात एक अधिकारी (स्वास्थ्य सेवा निदेशक, जिनका अब तबादला हो चुका है) के तबादले की चिंता थी। 

विदेश से मंगवाई गईं दवाई
विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए स्वास्थय मंत्री मुरलीधरन ने कहा कि राज्य सरकार ने तेजी से कार्रवाई की और निपाह के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं 24 घंटे के भीतर विदेश से मंगवाई गईं। उन्होंने कहा कि केरल में निपाह का केवल एक मामला सामने आया है और भारत में कहीं भी इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय और स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण के जरिए राज्य में बीमारी की रोकथाम के लिए मजबूत व्यवस्था मौजूद है।

विधानसभा में चले राजनीतिक तंज
पिछली सरकार के कार्यकाल पर तंज कसते हुए मुरलीधरन ने कहा कि सरकार पर पिछले 10 वर्षों की 'रील्स' और पिछले पांच वर्षों में 'वीणा बजाने' का बोझ है। यह टिप्पणी उन्होंने रियास पर निशाना साधते हुए की, जिन्हें कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF ने मंत्री रहते हुए सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और पोस्ट करने को लेकर घेरा था। साथ ही उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर भी कटाक्ष किया।

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खाली पद जल्द भरने का भरोसा
इस दौरान मुरलीधरन ने सदन को आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में खाली पड़े पद जल्द भरे जाएंगे। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए हैं।

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