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Women's day: राजधानी में सात और आठ मार्च को होगा महिला चिंतकों का राष्ट्रीय सम्मेलन, इन विषयों पर होगी चर्चा
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:43 PM IST
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सार
दिल्ली में सात और आठ मार्च को महिला चिंतकों का राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी। समापन समारोह भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
महिला चिंतकों का राष्ट्रीय सम्मेलन सात और आठ मार्च को दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। राष्ट्रीय सेवा समिति, शरण्य और भारतीय विद्वत् परिषद् के पदाधिकारियों ने बताया की, यह दो दिवसीय सम्मेलन भारती-नारी से नारायणी विषय पर विज्ञान भवन में होगा। इस कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी।
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जबकि समापन समारोह भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में होगा। राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका की अन्नदनम सीता गायत्री ने कहा, यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं की सकारात्मक शक्ति को एक साथ लाने का प्रयास है। समिति समाज के संपूर्ण विकास के लिए काम करती है। समिति का मानना है कि स्त्री और पुरुष दोनों समान हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना 1936 में हुई थी। अब इसके 90 वर्ष पूरे हो चुके हैं। आज देशभर में इसकी 4,500 शाखाएं चल रही हैं। समिति से जुड़ी 65 संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के क्षेत्र में लगभग 2,000 सेवा कार्य चला रही हैं।
भारतीय विद्वत परिषद की सचिव डॉ. वी.शिवानी ने बताया कि, भारती नारी से नारायणी इस सम्मेलन का मुख्य विषय है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। सम्मेलन में ज्ञान, शक्ति, स्वतंत्रता, जागरूकता, प्रकृति, संस्कृति, उपलब्धि और सृजन जैसे आठ विषयों पर चर्चा होगी।कार्यक्रम में चार विशेष परिचर्चाएं भी होंगी। महिला सांसद पंच परिवर्तन विषय पर चर्चा करेंगी। महिला कुलपतियों की अलग बैठक होगी। साध्वी संगम में योग, धर्म और अध्यात्म पर विचार-विमर्श होगा।
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देशभर से प्राप्त सुझावों और सम्मेलन की सिफारिशों को भारत सरकार के संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। शरण्या की अध्यक्ष अंजू आहूजा ने कहा कि यह सम्मेलन समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की दिल्ली प्रांत प्रमुख डॉ. रचना वाजपेयी ने बताया, सम्मेलन में राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता कुमारी उपस्थित रहेंगी। साथ ही साध्वी ऋतंभरा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और अन्नपूर्णा देवी सहित अनेक गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।
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जबकि समापन समारोह भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में होगा। राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका की अन्नदनम सीता गायत्री ने कहा, यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं की सकारात्मक शक्ति को एक साथ लाने का प्रयास है। समिति समाज के संपूर्ण विकास के लिए काम करती है। समिति का मानना है कि स्त्री और पुरुष दोनों समान हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना 1936 में हुई थी। अब इसके 90 वर्ष पूरे हो चुके हैं। आज देशभर में इसकी 4,500 शाखाएं चल रही हैं। समिति से जुड़ी 65 संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के क्षेत्र में लगभग 2,000 सेवा कार्य चला रही हैं।
भारतीय विद्वत परिषद की सचिव डॉ. वी.शिवानी ने बताया कि, भारती नारी से नारायणी इस सम्मेलन का मुख्य विषय है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। सम्मेलन में ज्ञान, शक्ति, स्वतंत्रता, जागरूकता, प्रकृति, संस्कृति, उपलब्धि और सृजन जैसे आठ विषयों पर चर्चा होगी।कार्यक्रम में चार विशेष परिचर्चाएं भी होंगी। महिला सांसद पंच परिवर्तन विषय पर चर्चा करेंगी। महिला कुलपतियों की अलग बैठक होगी। साध्वी संगम में योग, धर्म और अध्यात्म पर विचार-विमर्श होगा।
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देशभर से प्राप्त सुझावों और सम्मेलन की सिफारिशों को भारत सरकार के संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। शरण्या की अध्यक्ष अंजू आहूजा ने कहा कि यह सम्मेलन समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की दिल्ली प्रांत प्रमुख डॉ. रचना वाजपेयी ने बताया, सम्मेलन में राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता कुमारी उपस्थित रहेंगी। साथ ही साध्वी ऋतंभरा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और अन्नपूर्णा देवी सहित अनेक गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।
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