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Indian Navy: नौसेना प्रमुख ने चीन को बताया कठिन चुनौती, अग्निपथ सेना भर्ची योजना पर दिया ये बयान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 20 Sep 2022 10:57 PM IST
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सार

नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर. हरि कुमार ने आगे कहा कि अग्निपथ बेहतर योजना है, जो गहन विचार-विमर्श और अन्य सेनाओं में कर्मियों की भर्ती के व्यापक अध्ययन के बाद लाई गई है।इस पर गहन विमर्श और लागू करने में दो साल का वक्त लगा।
 

Navy Chief Admiral R Hari Kumar said China remains a formidable challenge we keep watch on IOR
भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार - फोटो : ANI
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विस्तार

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने मंगलवार को चीन को कठिन चुनौती बताते हुए कहा कि उसने न केवल भारत की भूमि सीमाओं पर बल्कि समुद्री क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि हालांकि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में नियमित निगरानी कर रही है। राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ज नेवल रिवोल्यूशन : बिकमिंग एन ओसीन पावर’ कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने अग्निपथ योजना के बारे में भी चर्चा की। 

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नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर. हरि कुमार ने आगे कहा कि अग्निपथ बेहतर योजना है, जो गहन विचार-विमर्श और अन्य सेनाओं में कर्मियों की भर्ती के व्यापक अध्ययन के बाद लाई गई है।
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परिचर्चा ‘इंडिया’ज नेवल रिवोल्यूशन : बिकमिंग एन ओसीन पावर’ में मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने कहा, इसका विचार 2020 के मध्य में आया था। इस पर गहन विमर्श और लागू करने में दो साल का वक्त लगा। आयोजकों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, यह अच्छी योजना है और काफी पहले लागू हो जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि कारगिल रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट में संस्तुति की गई थी कि सशस्त्र सेनाओं में भर्ती की उम्र को कम किया जाना चाहिए। उस समय सैनिकों की भर्ती की औसत आयु 32 वर्ष थी। कमेटी का कहना था कि इसे 25-26 साल पर लाया जाना चाहिए। इसके बाद से ही सशस्त्र सेनाएं इसे कम करने के विकल्पों पर विचार कर रही थीं। इन्हीं में से यह योजना व्यापक विमर्श और दुनियाभर में चल रही पद्यतियों व सेनाओं के भर्ती ढांचे के गहन अध्ययन के बाद लाई गई है।

इस दौरान उन्होंने देश के लिए पारंपरिक और अन्य सुरक्षा चुनौतियों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आर्थिक बाधाओं के बावजूद, अपने सैन्य आधुनिकीकरण को जारी रखा है, विशेष रूप से अपनी नौसेना को वह लगातार विकसित कर रहा है। 

नौसेना प्रमुख ने आगे कहा कि ये पारंपरिक सैन्य चुनौतियां हर वक्त बनी रहती हैं। इसके साथ ही आतंकवाद एक प्रमुख सुरक्षा खतरा बना हुआ है। ऐसे में इन अदृश्य दुश्मनों से एक कदम आगे रहना, जो लगातार नई-नई रणनीतियां अपनाता है, एक बड़ी चुनौती है। 

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