NCB: अगर इस देश में जा रहे हैं तो 'ड्रग्स' से बच कर रहें, अपराध पर आजीवन कारावास से मृत्युदंड तक की सजा
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मालदीव की यात्रा करने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि मालदीव में हाल ही में नशा-विरोधी सख्त कानून लागू किए गए हैं। मालदीव के ड्रग्स अधिनियम में हाल ही में किए गए विधायी संशोधन, जो मार्च 2026 से प्रभावी हैं, नशा संबंधी अपराधों के दंड को काफी बढ़ा देते हैं। इसमें आजीवन कारावास और बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़े कुछ मामलों में, मालदीव के कानून के तहत मृत्युदंड भी दिया जा सकता है। संशोधित कानून, प्रतिबंधित पदार्थों की थोड़ी मात्रा रखने पर भी कड़ी सजा का प्रावधान करता है।
एनसीबी के अनुसार, हाल ही में मालदीव में मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के लिए भारतीय नागरिकों सहित विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी की खबरें आई हैं। इस संबंध में, माले स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी सलाह जारी कर भारतीय नागरिकों से स्थानीय कानूनों और नियमों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है।
भारतीय नागरिकों के लिए है ये सलाह ...
- किसी भी परिस्थिति में, बिना पूरी तरह सुनिश्चित हुए, किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई भी पैकेज, सामान या वस्तु न ले जाएं।
- हवाई अड्डों, बंदरगाहों और पारगमन बिंदुओं पर, सामान ले जाने का अनुरोध करने वाले अज्ञात व्यक्तियों से सावधान रहें।
- हर समय अपने निजी सामान पर पूर्ण नियंत्रण और निगरानी रखें।
- ध्यान रखें कि कानून की अज्ञानता, बचाव का कारण नहीं है और
- किसी भी कानूनी उल्लंघन के परिणामस्वरूप गंभीर दंड हो सकता है।
नागरिकों से आग्रह है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना एमएएनएएस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (1933) पर दें। एनसीबी मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराता है और सभी नागरिकों से विदेश यात्रा के दौरान सतर्क, जिम्मेदार और कानून का पालन करने का आग्रह करता है।

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