{"_id":"699682cd218001b0810040e9","slug":"nia-chargesheet-against-3-accused-in-myanmar-human-trafficking-case-news-in-hindi-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIA: म्यांमार मानव तस्करी-साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़, एनआईए ने तीन आरोपियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NIA: म्यांमार मानव तस्करी-साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़, एनआईए ने तीन आरोपियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 19 Feb 2026 08:56 AM IST
विज्ञापन
सार
म्यांमार में मानव तस्करी और साइबर ठगी का रैकेट चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। यह गिरोह भारत के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर म्यांमार ले जाता था और वहां उनसे साइबर ठगी कराता था। इस मामले में एनआईए ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
एनआईए ने कोलकाता में की छापेमारी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने म्यांमार से जुड़े मानव तस्करी और साइबर ठगी के बड़े गिरोह के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन आरोपियों में अंकित कुमार उर्फ अंकित भारद्वाज, इश्तिखार अली उर्फ अली और एक फरार चीनी महिला लीसा शामिल हैं। यह चार्जशीट हरियाणा के पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल की गई है।
यह भी पढ़ें - CGHS: 42 लाख कर्मचारियों को राहत, 10 लाख तक इलाज का खर्च तत्काल मंजूर; अब स्वीकृति का झंझट नहीं
कैसे चलता था यह गिरोह?
एनआईए की जांच में पता चला कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कथा, जो भारत के युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर फंसाता था।
म्यांमार पहुंचने के बाद क्या होता था?
जानकारी के मुताबिक, जब युवक वहां पहुंचते थे, तो उन्हें साइबर ठगी कंपनियों में जबरन काम कराया जाता था और नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाए जाते थे। फिर उन्हें अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लोगों को क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगने के लिए मजबूर किया जाता था। अगर कोई काम करने से मना करता था, उसे बंद करके रखा जाता, मारपीट और दबाव बनाया जाता और छोड़ने के बदले भारी रकम मांगी जाती।
यह भी पढ़ें - Weather: उत्तर-पश्चिम भारत में बिगड़ा मौसम, पहाड़ों पर हिमपात-मैदान में बारिश; अगले दो दिनों तक बरसात के आसार
आरोपियों पर क्या कार्रवाई?
इस मामले में तीनों पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इसके साथ ही इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24भी लगाई गई है। इस मामले में फिलहाल अंकित और इश्तिखार गिरफ्तार हैं, वहीं चीनी महिला लीसा अभी फरार है।
अन्य वीडियो
Trending Videos
यह भी पढ़ें - CGHS: 42 लाख कर्मचारियों को राहत, 10 लाख तक इलाज का खर्च तत्काल मंजूर; अब स्वीकृति का झंझट नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन
कैसे चलता था यह गिरोह?
एनआईए की जांच में पता चला कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कथा, जो भारत के युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर फंसाता था।
- आरोपियों ने युवाओं को थाईलैंड में अच्छी नौकरी का झांसा दिया।
- ऑनलाइन इंटरव्यू करवाकर चीनी महिला लीसा को असली रिक्रूटर बताया जाता था।
- इसके बाद युवाओं को गैर-कानूनी तरीके से थाईलैंड होते हुए म्यांमार ले जाया जाता था।
म्यांमार पहुंचने के बाद क्या होता था?
जानकारी के मुताबिक, जब युवक वहां पहुंचते थे, तो उन्हें साइबर ठगी कंपनियों में जबरन काम कराया जाता था और नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाए जाते थे। फिर उन्हें अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लोगों को क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगने के लिए मजबूर किया जाता था। अगर कोई काम करने से मना करता था, उसे बंद करके रखा जाता, मारपीट और दबाव बनाया जाता और छोड़ने के बदले भारी रकम मांगी जाती।
यह भी पढ़ें - Weather: उत्तर-पश्चिम भारत में बिगड़ा मौसम, पहाड़ों पर हिमपात-मैदान में बारिश; अगले दो दिनों तक बरसात के आसार
आरोपियों पर क्या कार्रवाई?
इस मामले में तीनों पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इसके साथ ही इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24भी लगाई गई है। इस मामले में फिलहाल अंकित और इश्तिखार गिरफ्तार हैं, वहीं चीनी महिला लीसा अभी फरार है।
अन्य वीडियो

कमेंट
कमेंट X