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Kolkata: पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता से संदिग्ध गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 21 May 2026 03:56 PM IST
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सार
पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के मामले में एनआईए ने कोलकाता में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एनआईए ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार भी किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
एनआईए
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता से जाफर रियाज नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में रहकर भारत की संवेदनशील जानकारियां साझा करने में शामिल था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी नागरिकता और पारिवारिक संबंधों का इस्तेमाल कर उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया गया।
कोलकाता से संदिग्ध गिरफ्तार
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, देशभर में फैले जासूसी नेटवर्क की जांच के दौरान एजेंसी को जाफर रियाज के बारे में अहम सुराग मिले थे। इसके बाद कोलकाता में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि जाफर ने एक पाकिस्तानी महिला से शादी की थी और उसकी पत्नी व बच्चे पाकिस्तान में रहते हैं। वर्ष 2005 से वह कई बार पाकिस्तान गया था और इसी दौरान वह वहां की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में आया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने अपने नाम पर भारतीय सिम कार्ड जारी कराया और उसका ओटीपी पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी को उपलब्ध कराया, ताकि भारतीय नंबर से व्हाट्सएप संचालित किया जा सके। इसी माध्यम से ‘मोतीराम’ नाम के एक अन्य संदिग्ध से संपर्क बनाए रखा जाता था।
पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एनआईए
एनआईए अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि देश के किन-किन हिस्सों तक इसका फैलाव था। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि
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सीमा पार से संचालित उस व्यापक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जो भारतीय नागरिकों को लालच, रिश्तों या दबाव के जरिए अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में एक सीआरपीएफ जवान को भी पाकिस्तान को संवेदनशील सूचनाएं भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में छापेमारी की थी। कोलकाता और सिलीगुड़ी में भी तलाशी अभियान चलाया गया था। माना जा रहा है कि जाफर रियाज की गिरफ्तारी उसी जांच की अगली कड़ी है।
कोलकाता से संदिग्ध गिरफ्तार
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, देशभर में फैले जासूसी नेटवर्क की जांच के दौरान एजेंसी को जाफर रियाज के बारे में अहम सुराग मिले थे। इसके बाद कोलकाता में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला है कि जाफर ने एक पाकिस्तानी महिला से शादी की थी और उसकी पत्नी व बच्चे पाकिस्तान में रहते हैं। वर्ष 2005 से वह कई बार पाकिस्तान गया था और इसी दौरान वह वहां की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में आया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने अपने नाम पर भारतीय सिम कार्ड जारी कराया और उसका ओटीपी पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी को उपलब्ध कराया, ताकि भारतीय नंबर से व्हाट्सएप संचालित किया जा सके। इसी माध्यम से ‘मोतीराम’ नाम के एक अन्य संदिग्ध से संपर्क बनाए रखा जाता था।
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पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एनआईए
एनआईए अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि देश के किन-किन हिस्सों तक इसका फैलाव था। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि
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गौरतलब है कि वर्ष 2025 में एक सीआरपीएफ जवान को भी पाकिस्तान को संवेदनशील सूचनाएं भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में छापेमारी की थी। कोलकाता और सिलीगुड़ी में भी तलाशी अभियान चलाया गया था। माना जा रहा है कि जाफर रियाज की गिरफ्तारी उसी जांच की अगली कड़ी है।