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Monsoon Session: केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं- भारत में मंदी की आशंका शून्य, एनपीए छह सालों में सबसे कम
Tue, 02 Aug 2022 03:31 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 02 Aug 2022 03:31 AM IST
सार
लोकसभा में महंगाई पर चर्चा का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि पहले कोरोना (Corona), फिर रूस-यूक्रेन संकट (Russia Ukraine Crisis), चीन के कई हिस्सों में लॉकडॉउन (Lockdown), ओमिक्रॉन (Omicron) का कहर के कारण दुनियाभर में कारोबार पर असर पड़ा, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था (Economy) में मंदी (Recession) अथवा मुद्रास्फीति (Inflation) जनित महंगाई की आशंका शून्य है, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था का मौलिक ढांचा मजबूत है।
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सरकार के उठाए कदमों से खाद्य तेल के दामों में गिरावट आई
लोकसभा में महंगाई पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, पहले कोरोना, फिर रूस-यूक्रेन संकट, चीन के कई हिस्सों में लॉकडॉउन, ओमिक्रॉन का कहर, इन सबके कारण दुनिया भर में कारोबार पर असर पड़ा है। इन सबके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के ज्यादातर देशों से बेहतर स्थिति में है और सरकार महंगाई दर को सात फीसदी से नीचे रखने का प्रयास कर रही है। यूपीए काल में कोई वैश्विक संकट नहीं था फिर भी मुद्रास्फीति की दर दोहरे अंक में थी, जबकि हमने इसे लगातार इकाई अंक में बनाए रखा है। उन्होंने कहा, आम जनता को राहत देने के लिए सरकार के उठाए कदमों से खाद्य तेल के दामों में हाल में तेज गिरावट आई है।
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भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था
वित्त मंत्री ने कहा, जीएसटी संग्रह और खरीद प्रबंधन इंडेक्स (पीएमआई) से साफ है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और मजबूत हो रही है। सीतारमण ने कहा, पिछले दो सालों में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने जब भी दुनिया की विकास दर का अनुमान लगाया तो यह हमेशा अनुमान से कम रहा। फिर भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रही है।
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सीतारमण ने देश के बैंकिंग सेक्टर की चीन से तुलना करते हुए कहा, चीन में 4,000 से अधिक बैंक दिवालिया होने के कगार पर हैं, जबकि भारत में बैंकों का एनपीए छह साल के सबसे निचले स्तर 5.9 फीसदी पर है। दुनिया भर में सरकार पर कर्ज जीडीपी के मुकाबले बढ़ रहा है जबकि भारत सरकार के प्रयासों से यहां सरकार का कर्ज घटकर जीडीपी के 56.29 फीसदी पर आ गया है।
सीतारमण ने कहा, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी लगातार सुधार हो रहा है। आठ सेक्टरों में जून महीने में दो अंकों की बढ़त हुई है जबकि कोर सेक्टर में वार्षिक दर से 12.7 फीसदी ज्यादा वृद्धि हुई है। वहीं, जीएसटी संग्रह जुलाई में 28 फीसदी बढ़कर दूसरे सर्वोच्च स्तर पर 1.49 लाख करोड़ रुपये रहा है। मार्च 2022 से लगातार पांचवीं बार जीएसटी संग्रह 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।
कांग्रेस ने किया बहिर्गमन
महंगाई पर वित्त मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि आप लगातार महंगाई पर चर्चा की मांग करते हुए सदन में हंगामा कर रहे थे और अब जवाब सुनने के बदले वॉकआउट कर रहे हैं।
तुलना करने वाले देशों की स्थिति भी देखें
विपक्ष देश की अर्थव्यवस्था की तुलना बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों से कर रहा है। इन देशों की अर्थव्यवस्था को हमसे बेहतर बता रहा है। लेकिन विपक्ष यह नहीं बताता कि बांग्लादेश आईएमएफ से 4.5 अरब डॉलर, श्रीलंका 3.5 अरब डॉलर और पाकिस्तान सात अरब डॉलर मांग रहा है। हम आईएमएफ से कुछ नहीं मांग रहे।
यूपी की बेटी का नाम घसीटने पर भी दिया जवाब
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाली यूपी की पांच वर्षीय बेटी के संदर्भ में विपक्ष की ओर से उठाए गए सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, जिस पेंसिल की कीमत बढ़ाने की बात कही गई है, उस पर जीएसटी में इजाफा नहीं किया गया। यूपी की बेटी ने पीएम को इसलिए पत्र लिखा कि उसे पीएम पर भरोसा है। उसे किसी और पर भरोसा नहीं है।