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नीतीश कुमार बोले: सिर्फ कानून बनाने से जनसंख्या नियंत्रण संभव नहीं, महिलाओं को शिक्षित करने की जरूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 12 Jul 2021 06:08 PM IST
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सार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जो राज्य जो करना चाहे करें परन्तु हमारी राय यह है कि सिर्फ कानून बनाने से जनसंख्या नियंत्रित हो जाएगी ये संभव नहीं है।
नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
- फोटो : PTI
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विस्तार
जनसंख्या कानून को लेकर देश में राजनीति तेज हो गई है। पक्ष से लेकर विपक्ष के कई नेता इस मुद्दे पर अपना बयान दे रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जो राज्य जो करना चाहे करें परंतु हमारी राय यह है कि सिर्फ कानून बनाने से जनसंख्या नियंत्रित हो जाएगी ये संभव नहीं है। जब महिलाएं पूरी तरह पढ़ी लिखी होंगी तब ही जाकर प्रजनन दर कम होगी। हमें लगता है 2040 तक जनसंख्या बढ़ोतरी नहीं रहेगी और फिर ये कम होना शुरू होगी।
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सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान जनसंख्या नियंत्रण पर ठोस कानून बनाने के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में नीतीश ने कहा, ‘जनसंख्या नियंत्रण के लिए अगर सिर्फ आप कानून बनाएं तो यह संभव नहीं होगा। आप चीन का उदाहरण देख लें। वहां बच्चों की संख्या को लेकर निर्णय लिया गया, अब देखिये वहां क्या हो रहा है।’
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उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि महिलायें जब पूरी तरह शिक्षित होंगी तो प्रजनन अपने-आप दर घट जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम कानून के पक्ष में नहीं हैं। अलग-अलग राज्य के लोगों की अपनी सोच है, वे अपने ढंग से जो चाहें करें।’’
देश में समान नागरिक संहिता को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मुख्यमंत्री ने सवाल किया, ‘आप बताएं समान नागरिक संहिता किस नंबर पर है? अनुच्छेद-44 की बात हो रही है। जरा अनुच्छेद-47 भी देख लीजिए। हमलोगों ने बिहार में शराबबंदी लागू की। इन सब चीजों पर ध्यान देते हैं तो शराबबंदी को लेकर भी ध्यान दीजिए। यह पूरे देश में लागू हो।’
वहीं कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने इस मामले पर कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून और परिवार नियोजन दोनों अलग-अलग है। हमें इस पर पहले विचार-विमर्श करना होगा और फिर निर्णय लेना होगा। हम प्रोत्साहन के जरिए इस पर काम करेंगे।
बता दें कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की नई नीति के चर्चा के बीच केंद्र सरकार इस पर कानून लाने की तैयारी में है। कानून बनाने से पहले भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मसले पर धीरे-धीरे एक-एक कदम आगे बढ़ा रहा है। एक तरफ भाजपा शासित राज्यों को इस पर नीतियों पेश करने को कहा गया है जिससे कि इस मुद्दे पर देश भर में एक माहौल बनाया जा सके। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण नीति पेश की है।
असम सरकार असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा ने भी कहा है कि इस नीति पर जल्दी ही फैसला होगा। दूसरी तरफ राज्यसभा सांसदों के जरिए सदन में प्राइवेट मेंबर बिल पेश करके एक ऐसा दांव चल रही है जिससे कानून बनाने की तरफ बढ़ा जा सके। बताया जा रहा है कि इसी सत्र में लोकसभा के आधा दर्जन सांसद भी इसी मुद्दे पर प्राइवेट मेंबर बिल ला सकते हैं।
