{"_id":"67d29f4942f0f3e272087922","slug":"odisha-crime-branch-arrests-bjd-leader-raja-chakra-in-multi-crore-mining-scam-news-in-hindi-2025-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Odisha: ओडिशा में खनन घोटाले में बीजेडी नेता राजा चक्र गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Odisha: ओडिशा में खनन घोटाले में बीजेडी नेता राजा चक्र गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश
Thu, 13 Mar 2025 02:33 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: शुभम कुमार
Updated Thu, 13 Mar 2025 02:33 PM IST
सार
ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने कड़ोरो रुपये के खनन घोटाला के मामले में बीजद नेता राजा चक्र को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि चक्र से पूछताछ की गई और उनके द्वारा घोटाले में की गई भूमिका को स्पष्ट करने के लिए कहा गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ओडिशा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने गुरुवार को बीजू युवा जनता दल (बीजेडी) के प्रदेश उपाध्यक्ष सौम्य शंकर चक्र उर्फ राजा चक्र को करोड़ों रुपये के खनन और परिवहन घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उड़ीसा उच्च न्यायालय द्वारा उनकी गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की मांग वाली याचिका को खारिज करने के बाद की गई। मामले में अपराध शाखा के अतिरिक्त डीजीपी सीआईडी विनयतोष मिश्रा ने बताया कि चक्र से पूछताछ की गई और उनके द्वारा घोटाले में की गई भूमिका को स्पष्ट करने के लिए कहा गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा ने फरवरी 2025 में क्योंझर जिले में खनिज से समृद्ध गंधमर्दन लोडिंग (जीएमएल) एजेंसी और एक परिवहन सहकारी समिति लिमिटेड के कामकाज में अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। यह सहकारी समिति खनन गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों के कल्याण के लिए बनाई गई थी।
ये भी पढ़ें:- Odisha Assembly: ओडिशा विधानसभा में पोलावरम बांध परियोजना को लेकर हंगामा, बीजद हमलावर; कार्यवाही दो बार स्थगित
विज्ञापन
जांच में ये बड़ी बातें आई सामने
वहीं मामले में अधिक जानकारी देते हुए एडीजीपी ने बताया कि जांच में पता चला कि 2017-18 से लेकर 24 मार्च तक, लोडिंग एजेंसी ने करीब 185 करोड़ रुपये कमाए। साथ ही यह भी पता चला कि सहकारी समिति के अध्यक्ष और सचिव ने कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की मदद से बड़ी रकम की ठगी की थी।
उन्होंने बताया कि इस घोटाले में परिधीय विकास के नाम पर 34 करोड़ रुपये ले लिए गए, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। वहीं, 9.1 करोड़ रुपये का भुगतान एक पेट्रोल पंप को किया गया, जो जीएमएल को ईंधन नहीं दे रहा था, बल्कि वह सौम्य शंकर चक्र के वाहनों को ईंधन दे रहा था, जिसके भुगतान का खर्च जीएमएल ने किया।
क्राइम ब्रांच ने किया खुलासा
इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 33 करोड़ रुपये सहकारी समिति के सदस्य माने गए स्थानीय ग्रामीणों को वितरित किए गए थे। क्राइम ब्रांच ने यह भी बताया कि लोडिंग चार्ज और लेबर पेमेंट के रूप में करीब 74 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया था, लेकिन मस्टर रोल और वाउचर में भारी अंतर पाया गया। इस पूरे मामले का ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद और भी गबन का खुलासा हो सकता है।
ये भी पढ़ें:- Starlink: स्टारलिंक और टेलीकॉम कंपनियों की साझेदारी पर सियासत, केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस; पूछे तीखे सवाल
साथ ही जांच के दौरान यह भी पाया गया कि हालांकि राजा चक्र का कागजों में सहकारी समिति से कोई संबंध नहीं था, लेकिन वह अपने सहयोगियों के जरिए इस घोटाले में शर्तें तय कर रहा था। जहां अब तक क्राइम ब्रांच ने राजा चक्र के 42 वाहनों को जब्त कर लिया है और कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
ये भी देखें..
विज्ञापन
बता दें कि अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा ने फरवरी 2025 में क्योंझर जिले में खनिज से समृद्ध गंधमर्दन लोडिंग (जीएमएल) एजेंसी और एक परिवहन सहकारी समिति लिमिटेड के कामकाज में अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। यह सहकारी समिति खनन गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों के कल्याण के लिए बनाई गई थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- Odisha Assembly: ओडिशा विधानसभा में पोलावरम बांध परियोजना को लेकर हंगामा, बीजद हमलावर; कार्यवाही दो बार स्थगित
विज्ञापन
जांच में ये बड़ी बातें आई सामने
वहीं मामले में अधिक जानकारी देते हुए एडीजीपी ने बताया कि जांच में पता चला कि 2017-18 से लेकर 24 मार्च तक, लोडिंग एजेंसी ने करीब 185 करोड़ रुपये कमाए। साथ ही यह भी पता चला कि सहकारी समिति के अध्यक्ष और सचिव ने कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की मदद से बड़ी रकम की ठगी की थी।
उन्होंने बताया कि इस घोटाले में परिधीय विकास के नाम पर 34 करोड़ रुपये ले लिए गए, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। वहीं, 9.1 करोड़ रुपये का भुगतान एक पेट्रोल पंप को किया गया, जो जीएमएल को ईंधन नहीं दे रहा था, बल्कि वह सौम्य शंकर चक्र के वाहनों को ईंधन दे रहा था, जिसके भुगतान का खर्च जीएमएल ने किया।
क्राइम ब्रांच ने किया खुलासा
इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 33 करोड़ रुपये सहकारी समिति के सदस्य माने गए स्थानीय ग्रामीणों को वितरित किए गए थे। क्राइम ब्रांच ने यह भी बताया कि लोडिंग चार्ज और लेबर पेमेंट के रूप में करीब 74 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया था, लेकिन मस्टर रोल और वाउचर में भारी अंतर पाया गया। इस पूरे मामले का ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद और भी गबन का खुलासा हो सकता है।
ये भी पढ़ें:- Starlink: स्टारलिंक और टेलीकॉम कंपनियों की साझेदारी पर सियासत, केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस; पूछे तीखे सवाल
साथ ही जांच के दौरान यह भी पाया गया कि हालांकि राजा चक्र का कागजों में सहकारी समिति से कोई संबंध नहीं था, लेकिन वह अपने सहयोगियों के जरिए इस घोटाले में शर्तें तय कर रहा था। जहां अब तक क्राइम ब्रांच ने राजा चक्र के 42 वाहनों को जब्त कर लिया है और कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
ये भी देखें..
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन