फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP Politics next question In BJP Parliamentary Board Yogi or Fadnavis One has mass base other has strategy

BJP Politics: भाजपा संसदीय बोर्ड में अगला बड़ा सवाल- योगी या फडणवीस...? एक के पास जनाधार, दूसरे के पास रणनीति

Tue, 18 Aug 2026 05:07 AM IST
Rajkishor राजकिशोर
Updated Tue, 18 Aug 2026 05:07 AM IST
विज्ञापन
BJP Politics next question In BJP Parliamentary Board Yogi or Fadnavis One has mass base other has strategy
भाजपा के संसदीय बोर्ड में किसे मिलेगी जगह? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

भाजपा की नई टीम आ गई। पद बंट गए..लेकिन असली सवाल अब उठेगा। नजर संसदीय बोर्ड पर है। पार्टी की सबसे अहम निर्णयकारी इकाई। जहां संगठन और सत्ता की धाराएं मिलती हैं। सवाल सीधा है। क्या इस बार किसी मुख्यमंत्री को जगह मिलेगी? अगर मिलेगी तो किसे? योगी आदित्यनाथ या देवेंद्र फडणवीस?

विज्ञापन


भाजपा में मंत्री बनना एक बात है। संसदीय बोर्ड में पहुंचना दूसरी। यहां पहुंचने का मतलब है, आप पार्टी की सबसे ऊंची मेज पर बैठ गए। मुख्यमंत्री रहते इस बोर्ड में रहने का बड़ा उदाहरण खुद नरेंद्र मोदी हैं। बाद में शिवराज सिंह चौहान भी इसमें रहे। अभी कोई मौजूदा मुख्यमंत्री इसमें नहीं है। इसलिए फैसला और दिलचस्प है।

विज्ञापन

दावेदार एक : योगी आदित्यनाथ

लोकप्रियता में बहुत आगे। हिंदुत्व का पहचाना चेहरा। भीड़ खींचने की क्षमता। बोर्ड में जगह मिली तो संदेश जाएगा कि यूपी चुनाव से पहले उनका कद बढ़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दावेदार दो : देवेंद्र फडणवीस

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में करारी हार के बाद विधानसभा चुनाव में जोरदार वापसी हुई। फडणवीस के चुनाव प्रबंधन को श्रेय गया। केंद्रीय चुनाव समिति में हैं। संसदीय बोर्ड में आने से कद बढेगा।

एक के पास जनाधार, दूसरे के पास रणनीति

एक भीड़ खींचता है। दूसरा चुनावी बिसात पढ़ता है। ऐसे में भाजपा भविष्य के लिए इन दोनों में किसे चुनती है यह देखना दिलचस्प होगा।

क्या अब कैबिनेट फेरबदल की तैयारी?

संगठन के बाद अब सरकार की बारी

नितिन नवीन की टीम के एलान के साथ ही निगाहें मोदी सरकार पर टिक गई हैं। चर्चा तेज है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले कुछ दिनों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, संगठन की नई टीम तो महज ट्रेलर है, असली फिल्म मोदी टीम में बदलाव के साथ दिखाई देगी। कई नए चेहरों को जगह मिलने के साथ मौजूदा मंत्रियों के मंत्रालय बदले जा सकते हैं।

कितने नए चेहरों को जगह मिलेगी?

मंत्रिपरिषद में पहले से कुछ पद रिक्त हैं। धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्रालय से हटने के बाद प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रवनीत सिंह बिट्टू रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री पद छोड़ चुके हैं। जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल पूरा होने के बाद मंत्री पद से हटना भी मंत्रिपरिषद में बदलाव की गुंजाइश बढ़ाता है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली और पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई है, जबकि पीयूष गोयल पार्टी के कोषाध्यक्ष बना दिए गए हैं। माना जा रहा है कि ये पद भी खाली हो जाएंगे।

पंजाब के समीकरण पर नजर

कैबिनेट फेरबदल में सिख प्रतिनिधित्व बड़ा सवाल है। बिट्टू कैबिनेट से बाहर हो चुके हैं, जबकि हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में पूरा होगा। मनप्रीत बादल को उपाध्यक्ष बनाना इसी नजरिये से देखा जा रहा है। राघव चड्ढा हाल में पीएम मोदी से मिले थे। चर्चा है कि पार्टी उनके युवा चेहरे और जेन-जी कनेक्ट का इस्तेमाल पंजाब की सियासत में करना चाहती है।

बंगाल में नए राजनीतिक गणित पर भी नजर: बंगाल का समीकरण भी

आकार ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए करीब 20 बागी सांसदों ने अलग गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का एलान किया है। ऐसे में सहयोगी दलों की हिस्सेदारी तय करते समय इस नए राजनीतिक गणित को भी ध्यान में रखा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले कह चुके हैं कि सहयोगी दलों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed