Hindi News
›
Video
›
India News
›
JSSC-CGL Exam Cancelled: JSSC-CGL exam called off; ministers get student leaders to end their hunger strike!
{"_id":"6a8386a1d89f1a596a0f3354","slug":"jssc-cgl-exam-cancelled-jssc-cgl-exam-called-off-ministers-get-student-leaders-to-end-their-hunger-strike-2026-08-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"JSSC-CGL Exam Cancelled: JSSC-CGL परीक्षा हुई रद्द मंत्रियों ने खत्म कराया छात्रों नेताओं का अनशन!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
JSSC-CGL Exam Cancelled: JSSC-CGL परीक्षा हुई रद्द मंत्रियों ने खत्म कराया छात्रों नेताओं का अनशन!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Tue, 18 Aug 2026 03:39 AM IST
Link Copied
झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा के बाद छात्रों के लंबे आंदोलन का औपचारिक रूप से अंत हो गया। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी अस्पताल पहुंचे और छात्र नेताओं से बातचीत की।
सदर अस्पताल में हुई बातचीत के दौरान छात्र नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच आंदोलन समाप्त करने को लेकर सहमति बनी। इसके बाद देवेंद्र नाथ महतो समेत अन्य छात्र नेताओं ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। मंत्री इरफान अंसारी ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने स्वयं अनशन खत्म करने का निर्णय लिया और सरकार ने इसमें उनकी मदद की।
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि दीपिका पांडे सिंह और जयराम महतो के संयुक्त प्रयासों से आंदोलन को समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने छात्रों की सभी प्रमुख मांगों को मान लिया है। उनके मुताबिक, ये मांगें लंबे समय से छात्रों के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी हुई थीं और सरकार ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री की ओर से JSSC-CGL परीक्षा तथा TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उनसे संबंधित परिणामों को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनरत छात्रों में उत्साह देखने को मिला। 24 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के दौरान छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। सरकार के फैसले को आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी बड़ी जीत के तौर पर देखा।
हालांकि, परीक्षा रद्द होने के फैसले से उन अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी भी है, जिन्होंने JSSC-CGL परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल की थी। ऐसे अभ्यर्थियों ने सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध जताया है। इस तरह एक ही फैसले ने जहां आंदोलनरत छात्रों को राहत दी है, वहीं चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है। अब सरकार के सामने परीक्षा प्रक्रिया को आगे किस तरह संचालित किया जाए और प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था की जाए, यह बड़ी चुनौती होगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।